{"_id":"bb6d85b20dae454155a95ecc6214f66d","slug":"the-two-day-hunger-strike-today-will-then-self-immolation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से दो दिन अनशन, फिर करेंगे आत्मदाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से दो दिन अनशन, फिर करेंगे आत्मदाह
ब्यूूराे/अमर उजाला, हरदाेई
Updated Sat, 19 Sep 2015 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहू व चौकी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर
विज्ञापन
मंगलवार से कलक्ट्रेट में बैठे संडीला के बुजुर्ग दंपति का धरना पांचवें
दिन भी जारी रहा। पीड़ित दंपति ने रविवार से दो दिन भूख हड़ताल और उसके बाद
आत्मदाह की चेतावनी दी।
कचहरी में आमरण अनशन पर बैठे संडीला के सोम बाजार निवासी शिवकुमार ने बताया कि न्याय की आस में उनका धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। कोई आश्वासन मिलना तो दूर प्रशासनिक व पुलिस अफसर खुद कहने लगे कि वह उनकी कोई मदद नहीं कर सकते।
बुजुर्ग ने कहा कि शनिवार को उसकी बहू ने धरना स्थल पर आकर उनकी पत्नी समेत कई लोगों से अभद्रता की तथा जान से मारने की धमकी तक दी। जब उसने यह शिकायत एएसपी पूर्वी बीसी दुबे से की तो उन्होंने उनकी कोई मदद न कर पाने की बात कह दी।
बताया कि सरकारी मशीनरी और दमनकारी इस लोकतंत्र में उन जैसे पीड़ित लोगों का मरना ही बेहतर है। इसलिए 21 व 22 सितंबर को दो दिन वह भूख हड़ताल करेंगे। यदि फिर भी न्याय न मिला तो 23 सितंबर को आत्मदाह करने को विवश होंगे। इस दौरान कई बार पुलिस कर्मियों द्वारा उनका धरना प्रदर्शन समाप्त करने के लिए भी दबाव डाला गया।
कचहरी में आमरण अनशन पर बैठे संडीला के सोम बाजार निवासी शिवकुमार ने बताया कि न्याय की आस में उनका धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। कोई आश्वासन मिलना तो दूर प्रशासनिक व पुलिस अफसर खुद कहने लगे कि वह उनकी कोई मदद नहीं कर सकते।
बुजुर्ग ने कहा कि शनिवार को उसकी बहू ने धरना स्थल पर आकर उनकी पत्नी समेत कई लोगों से अभद्रता की तथा जान से मारने की धमकी तक दी। जब उसने यह शिकायत एएसपी पूर्वी बीसी दुबे से की तो उन्होंने उनकी कोई मदद न कर पाने की बात कह दी।
बताया कि सरकारी मशीनरी और दमनकारी इस लोकतंत्र में उन जैसे पीड़ित लोगों का मरना ही बेहतर है। इसलिए 21 व 22 सितंबर को दो दिन वह भूख हड़ताल करेंगे। यदि फिर भी न्याय न मिला तो 23 सितंबर को आत्मदाह करने को विवश होंगे। इस दौरान कई बार पुलिस कर्मियों द्वारा उनका धरना प्रदर्शन समाप्त करने के लिए भी दबाव डाला गया।