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सेमिनार में दी तकनीकी और आधुनिक शिक्षा की प्रेरणा
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Sun, 23 Aug 2015 11:54 PM IST
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नगर में एक शिक्षा प्रेरक सेमिनार के आयोजन में
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वक्ताओं ने वर्तमान परिस्थितियों में छात्रों से तकनीकी एवं आधुनिक शिक्षा
पद्धति अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान परिवेश में नित नए और आधुनिक
शिक्षा के तरीके आ रहे हैं, जिनसे व्यक्तित्व का विकास होता है साथ ही
शीघ्र छात्र रोजगार से जुड़ जाता है।
सभी वक्ताओं ने एक मत से शिक्षा के साथ जुड़ने का आह्वान किया। सैयदवाडा स्थित नगर पालिका जूनियर हाईस्कूल में आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए मोहम्मद फाजिल ने कहा कि उपस्थित सभी छात्र इस सेमिनार के माध्यम से संकल्प ले कि वे स्वयं तो शिक्षित होंगे ही, साथ ही आसपास और सहयोगियों को शिक्षित बनाने का कार्य करेंगे।
इमरान खान ने कहा कि आधुुनिक शिक्षा के लिए मातृ भाषा हिंदी के अलावा अंग्रेजी का ज्ञान बहुत जरूरी है, इसमें निपुण होने से आसानी से व्यक्ति को वैश्विक ज्ञान होता है, जिससे कही छात्र में भाषा को लेकर हिचक नहीं होती। उन्होंने व्यक्तित्व के विकास के लिए उपस्थित छात्र छात्राओं को जानकारियां दी।
इस मौके पर अमरीन फात्मा ने पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम के व्यक्तित्व का विश्लेषण करते हुए उन्हें भारत का महान नागरिक बताते हुए उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किऐ। इसके अलावा सेमिनार में शाइसता अजीम ने भी शिक्षा की उन्नति के लिए विचार व्यक्त किए। सेमिनार में आदिल, आदित्य द्विवेदी, ताहा, निदा, शिखा मौर्या, कौसर अब्बास, अमित कुमार, मोहम्मद फैसल आदि ने भी भाग लिया।
सभी वक्ताओं ने एक मत से शिक्षा के साथ जुड़ने का आह्वान किया। सैयदवाडा स्थित नगर पालिका जूनियर हाईस्कूल में आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए मोहम्मद फाजिल ने कहा कि उपस्थित सभी छात्र इस सेमिनार के माध्यम से संकल्प ले कि वे स्वयं तो शिक्षित होंगे ही, साथ ही आसपास और सहयोगियों को शिक्षित बनाने का कार्य करेंगे।
इमरान खान ने कहा कि आधुुनिक शिक्षा के लिए मातृ भाषा हिंदी के अलावा अंग्रेजी का ज्ञान बहुत जरूरी है, इसमें निपुण होने से आसानी से व्यक्ति को वैश्विक ज्ञान होता है, जिससे कही छात्र में भाषा को लेकर हिचक नहीं होती। उन्होंने व्यक्तित्व के विकास के लिए उपस्थित छात्र छात्राओं को जानकारियां दी।
इस मौके पर अमरीन फात्मा ने पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम के व्यक्तित्व का विश्लेषण करते हुए उन्हें भारत का महान नागरिक बताते हुए उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किऐ। इसके अलावा सेमिनार में शाइसता अजीम ने भी शिक्षा की उन्नति के लिए विचार व्यक्त किए। सेमिनार में आदिल, आदित्य द्विवेदी, ताहा, निदा, शिखा मौर्या, कौसर अब्बास, अमित कुमार, मोहम्मद फैसल आदि ने भी भाग लिया।