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Hardoi News: आंधी ने तोड़े आम, पेड़ हुए सूने, व्यापारियों-कारोबारियों में चिंता

Fri, 15 May 2026 11:05 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 11:05 PM IST
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The storm destroyed mangoes, leaving trees barren, causing concern among traders and businessmen.
फोटो 32: शाहाबाद में आंधी के बाद पेड़ पर न के बराबर बचे हैं आम। संवाद
शाहाबाद। बेमौसम होने वाली बरसात के साथ आने वाली आंधी ने बाग में लगे आम तोड़ दिए हैं। इससे पेड़ सूने होते जा रहे हैं। अब तक आई आंधियों ने करीब 40 प्रतिशत से अधिक आम की फसल को नुकसान पहुंचाया है जबकि मौसम की अनिश्चिता से व्यापारियों-कारोबारियों में नुकसान को लेकर चिंता बनी हुई है।
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लगातार आ रही आंधी और होने वाली बरसात से आम की फसल को तेजी से नुकसान पहुंचा है। आंधी के कारण आम की फसल को होने वाले नुकसान से उत्पादन पर करीब 40 प्रतिशत से अधिक नुकसान का अनुमान है। कम उत्पादन से आम के भाव भी बाजार में चढ़ने की आशंका है। बागवानों के मुताबिक, पानी-आंधी से करीब 40 प्रतिशत से अधिक आम की फसल को नुकसान हुआ है। आंधी में छोटे-छोटे आम टूट जाने से इनकी बिक्री से भी कोई आमदनी नहीं हो पा रही है। कच्चे आम आंधी में टूट जाने से इनको लोग अधिक पसंद नहीं करते हैं। आम चोटिल होने के कारण अचार के लिए भी लोग कम ही मात्रा में लेते हैं। इससे इनका भाव भी उचित नहीं मिल पाता।
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वहीं फल पट्टी क्षेत्र होने के बाद भी बागवानों को कोई लाभ नहीं मिल सका। बागवानों के मुताबिक, आम के बागों का रख-रखाव स्वयं से कराना होता है। आम की फसल का दो साल के लिए व्यापारियों-कारोबारियों से सौदा किया जाता है। इससे एक साल कम फसल होने पर अगले साल की फसल से भरपाई हो जाती है लेकिन इस साल बेमौसम बरसात और आंधी ने आम की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। इससे व्यापारी-कारोबारी चिंतित हैं।
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नगर के मोहल्ला मीरा बस्ती निवासी बागवान डॉ. शाहिद ने बताया कि बरसात और आंधी ने आम की कच्ची फसल को नुकसान पहुंचाया है। करीब 40 प्रतिशत से अधिक आम की फसल को नुकसान हो चुका है जबकि मौसम अभी भी अनिश्चित है। ऐसे में कारोबारी-व्यापारी को होने वाले नुकसान की भरपाई आपसी समन्वय से बागवान कर देते हैं। इससे व्यापारी-कारोबारी को काफी हद तक राहत मिल जाती है इससे व्यापारी अगले साल भी फसल की खरीदारी के लिए आते हैं।

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मोहल्ला मलकापुर निवासी बागवान जुनैद खां ने बताया कि बौर देखकर लगता था कि इस सीजन आम की अच्छी फसल होगी लेकिन बेमौसम बरसात और आंधी ने आम की कच्ची फसल को नुकसान पहुंचाया। इससे लागत निकलना भी मुश्किल हो जाएगी। ऐसे में व्यापारी-कारोबारी व बागवान मिलकर नुकसान में शामिल होते हैं और कुछ न कुछ भरपाई करते हैं। इससे व्यापारियों के घाटे को कम किया जाता है ताकि व्यापारी नुकसान को सहन कर सकें।

फोटो 32: शाहाबाद में आंधी के बाद पेड़ पर न के बराबर बचे हैं आम। संवाद

फोटो 32: शाहाबाद में आंधी के बाद पेड़ पर न के बराबर बचे हैं आम। संवाद

फोटो 32: शाहाबाद में आंधी के बाद पेड़ पर न के बराबर बचे हैं आम। संवाद

फोटो 32: शाहाबाद में आंधी के बाद पेड़ पर न के बराबर बचे हैं आम। संवाद

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