फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   The sin of birth can not be born;

जन्म जन्म के पाप नसावे, अंत वास शिवपुर में पावे

Sun, 16 Jul 2017 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Sun, 16 Jul 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
The sin of birth can not be born;
कांवर यात्रा में शिव पार्वती जी के वेश में नृत्य करते कलाकार। - फोटो : amarujala

हरदोई। सावन मास के दूसरे सोमवार को वातावरण पूरी तरह से शिवमय नजर आएगा। इसकी पूर्व संध्या पर रविवार को घरों से लेकर मंदिरों में तैयारियां जोरों पर रहीं वहीं बाजारों में भी पूजन सामग्री की बिक्री को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही।

विज्ञापन


शास्त्री उमाकान्त अवस्थी ने बताया कि धर्म ग्रंथों में इस मास में विधि पूर्वक शिव उपासना करने से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। इस माह में भक्ति, अराधना व प्रकृति के कई रंग देखने को मिलते हैं। विधिविधान से सावन के सोमवार में शिव का पूजन ही मनोवांच्छित फल प्रदान करने वाला होता है।
विज्ञापन


उधर, सकाहा मंदिर, सुनासीर नाथ मंदिर, बाबा विश्वनाथ, तुंरत नाथ मंदिर, बूढ़े बाबा मंदिर, शिव भोले मंदिर आदि मंदिरों में दूसरे सोमवार को पूजन-अर्चन के लिए तैयारियों का दौर जारी रहा। शिवालयों के साथ साथ बाजारों में भी पूजन सामग्री आदि की बिक्री देर शाम तक जारी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed