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दर्पण को वेतन रोकने की वजह बतानी होगी
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 14 Jul 2015 12:11 AM IST
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कर्मियों के मानदेय और वेतन एवं अन्य देयकों संबंधी
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भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने एवं गति देने को डीएम के ड्रीम
प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुए आनलाइन मानीटरिंग कार्यक्रम दर्पण से जुड़
चुके कर्मियों का वेतन या अन्य भुगतान रोकने का कारण संबंधित विभागों को
बताना होगा।
बिना कारण वेतन रोका गया तो डीएम द्वारा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करने के निर्देश दिए गए हैं। 9 अक्तूबर 14 को डीएम रमेश मिश्रा द्वारा कर्मियों के देयकों के भुगतान संबंधी समस्याओं की मानीटरिंग कराने एवं निस्तारण हेतु आनलाइन दर्पण कार्यक्रम की शुरुआत कराई गई थी।
कार्यक्रम प्रभारी सुदेश दीक्षित ने बताया कि डीएम के निर्देशानुसार इस कार्यक्रम में जिले में कार्यरत सभी विभागों को जोड़ा जाना है। इसके तहत सबसे पहले उन विभागों को कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य किया गया, जहां के कर्मियों का भुगतान समय से न मिलने की सबसे ज्यादा शिकायतें थी।
अभी तक पंचायती राज विभाग के करीब 2 हजार सफाई कर्मियों एवं राजस्व विभाग के सभी कर्मियों के अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जोड़ा जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की आशा बहुओं सहित अन्य कर्मियों और संविदा कर्मियों आदि को जोड़ने का कार्य चल रहा है।
बताया कि इस आनलाइन कार्यक्रम से जुड़ चुके सभी विभागों के लिए कर्मियों के देयकों के भुगतान संबंधी समस्त विवरण फीड करना अनिवार्य है। जिसके बारे में समय-समय पर डीएम द्वारा अवलोकन किया जाता है। बताया कि डीएम के निर्देश अनुसार विभागों को वेतन और मानदेय रोकने की दशा में उसका कारण आनलाइन बताना जरूरी कर दिया गया है।
बिना कारण वेतन रोका गया तो डीएम द्वारा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करने के निर्देश दिए गए हैं। 9 अक्तूबर 14 को डीएम रमेश मिश्रा द्वारा कर्मियों के देयकों के भुगतान संबंधी समस्याओं की मानीटरिंग कराने एवं निस्तारण हेतु आनलाइन दर्पण कार्यक्रम की शुरुआत कराई गई थी।
कार्यक्रम प्रभारी सुदेश दीक्षित ने बताया कि डीएम के निर्देशानुसार इस कार्यक्रम में जिले में कार्यरत सभी विभागों को जोड़ा जाना है। इसके तहत सबसे पहले उन विभागों को कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य किया गया, जहां के कर्मियों का भुगतान समय से न मिलने की सबसे ज्यादा शिकायतें थी।
अभी तक पंचायती राज विभाग के करीब 2 हजार सफाई कर्मियों एवं राजस्व विभाग के सभी कर्मियों के अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जोड़ा जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की आशा बहुओं सहित अन्य कर्मियों और संविदा कर्मियों आदि को जोड़ने का कार्य चल रहा है।
बताया कि इस आनलाइन कार्यक्रम से जुड़ चुके सभी विभागों के लिए कर्मियों के देयकों के भुगतान संबंधी समस्त विवरण फीड करना अनिवार्य है। जिसके बारे में समय-समय पर डीएम द्वारा अवलोकन किया जाता है। बताया कि डीएम के निर्देश अनुसार विभागों को वेतन और मानदेय रोकने की दशा में उसका कारण आनलाइन बताना जरूरी कर दिया गया है।