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श्रद्धालुओं ने बुराई छोड़ने का लिया संकल्प

Wed, 30 Dec 2015 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई।
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई। Updated Wed, 30 Dec 2015 11:25 PM IST
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The resolution of pilgrims leave evil

पिहानी (हरदोई)। आज का मनुष्य अभाव या प्रभाव में जी रहा है। इससे वह किसी गंभीर विषय एकाग्र होकर विचार नहीं कर पा रहा है। उक्त विचार अश्वमेध यज्ञ के अंतर्गत आयोजित प्रवचन में गायत्री तपोवन के श्यामपवीर सिंह ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इस धरती में यदि मां की ममता में हर प्रकार का भाव आ जाए तो धरती स्वर्ग बन जाएगी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने एक-एक बुराई छोड़ने का संकल्प लिया।

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मायावी जंजाल में जकड़े मानव समाज की परिस्थितियाें पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य या तो किसी अभाव में जी रहा है या फिर प्रभाव में जी रहा है। आज का मनुष्य प्राय: सुख सुविधाओं के अनैतिक प्रभाव से इतना ग्रसित है कि वह किसी गंभीर विषय पर एकाग्र होकर विचार नहीं कर पा रहा है।
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इसे मनुष्य में नैतिकता और एकाग्रता का अभाव कहें या फिर विज्ञान का मानवों पर बुरा और प्रबल प्रभाव। उन्होंने कहा कि धर्म और विज्ञान आपस में गहरे सहयोगी हैं, फिर भी लोग इसके इस गहरे संबंध को समझ नहीं पा रहे हैं। अमेरिका से पधारे वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. यतींद्र दत्ता ने गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार पक्षी, सर्प, शेर आदि हमेशा अपने स्वभाव में ही जीते हैं, उसी प्रकार मनुष्य को सदैव अपने वास्तविक स्वभाव में ही जीना चाहिए।
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वैज्ञानिक डा. प्रेम दत्ता ने कहा कि मनुष्य को चाहिए कि वह भगवान के साथ प्रत्येक प्रक्रिया में ऐसा रिश्ता बनाए कि अपना दु:ख दर्द साझा कर सके। गायत्री मंत्र को विद्यार्थियों के लिए आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी को आवश्यक रूप से इसका जाप करना चाहिए। इससे उनमें बुद्धि विकास होगा।


 सोने से पहले किसी भी एक प्रेरणात्मक पुस्तक का कम से कम एक पेज का अध्ययन करना चाहिए। जैसे धन के सदुपयोग से धन बढ़ता है, उसी तरह समयदान के सदुपयोग से जीवनकाल में वृद्धि होती है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने एक एक बुराई छोड़ने का संकल्प लिया। पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के परमस्नेही शिष्य सुभाष नागपाल ने इस दौरान कहा कि भगवान को खरीदने से पहले पूरे समर्पण के साथ खुद को उसे बेचना पड़ता है। यज्ञ में आहुतियां देने से पहले हुई आरती में हजारों की संख्या में लोग जुटे।

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