फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   The pond started drying up, how will the thirst of cattle be quenched

सूखने लगे तालाब, कैसे बुझेगी मवेशियों की प्यास

Tue, 22 Mar 2022 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
The pond started drying up, how will the thirst of cattle be quenched
हरदोई। जिले में मार्च माह में ही तापमान का स्तर 39 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इससे कम गहराई वाले तालाब सूखने लगे हैं। कई क्षेत्रों में तो तालाब पूरी तरह से सूख गए हैं और उनमें धूल भी उड़ने लगी है।
विज्ञापन

गहरे तालाबों पर भी तापमान का संकट आ गया है। ऐसे में आने वाले समय में पशु पक्षियों के लिए जल का संकट पैदा हो जाएगा। जिले में 1306 ग्राम पंचायतें हैं। प्रति ग्राम पंचायत में औसतन पांच से सात तालाब हैं।
विज्ञापन

इन ग्राम पंचायतों में बने तालाबों का मनरेगा से जीर्णोद्धार तो कुछ नए तालाब भी बनवाए गए हैं, लेकिन अधिकतर तालाबों में अभी से पानी पूरी तरह से सूख गया है। जबकि ग्रामीण अंचलों में पशु पक्षियों के लिए तालाब पोखर ही पेयजल का सबसे बड़ा स्रोत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गर्मी की शुरुआत होते ही तालाबों के सूखने से मवेशियों और पक्षियों के पीने के पानी का संकट अभी से खड़ा हो गया है। तालाबों में पानी की उपलब्धता न रही तो आगे पशु-पक्षियों के लिए मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
केस-एक
शहर का प्रमुख तालाब शहीद उद्यान में पानी नहीं है। जिसके चलते इसमें कूड़ा करकट दिखता है।
एक दौर था जब इसमें मोटरबोट से लोग सैर करते थे। पक्षियों के लिए पेयजल का सबसे बड़े ठिकाने रहे इस तालाब में अब दो बूंद पानी भी नहीं है। कभी इस तालाब में हमेशा पानी रहता था। पानी न होने से मवेशियों के लिए पानी का संकट हो गया है।
केस-दो
भरावन ब्लाक के पूरनपुर गांव का तालाब भी पूरी तरह सूख गया है। ग्राम पंचायत की ओर से पानी भरवाने की ओर ध्यान नहीं दिया गया है।
यही हाल आ रहा तो जब भीषण गर्मी होगी तो पशुओं के लिए पेयजल का संकट होगा। इसके अलावा मवेशियों और पक्षियों के लिए भी पानी के लिए इधर-उधर भटकने को विवश होना पड़ेगा।
केस-तीन
संडीला ब्लाक के गोगादेव गांव में सूखा पड़ा तालाब जिम्मेदारों को आईना दिखा रहा है। दरअसल तालाब तो बना दिए गए, मगर उनके स्रोतों को इस तरह से विकसित नहीं किया गया है कि उनमें निरंतर जल बना रहे।
गांव का तालाब सूखने से मवेशियों को अभी से ही पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को विवश होना पड़ रहा है।
केस-चार
अतरौली इलाके के पीपरगांव का मिश्रीबाबा तालाब भी पूरी तरह से गर्मी की शुरुआत में ही सूख गया है।
जिसके चलते आगे और भीषण गर्मी बढ़ने के साथ ही इलाकाई पालतू व घुमंतू मवेशियों एवं पक्षियों के लिए पेयजल की समस्या रहेगी। तालाब को भरवाने के लिए अभी तक किसी भी स्तर पर पहल नहीं की गई है।
मनरेगा से संवारे गए तालाब
उधर, डीसी मनरेगा प्रमोद सिंह ने बताया कि जिले में दो हजार से अधिक तालाब हैं। जिनको संवारने का कार्य किया गया है। तालाबों के सूखने पर ग्राम पंचायतों द्वारा राज्य वित्त आदि निधियों से पानी भरवाने का कार्य किया जाता है।
नियमानुसार मनरेगा से तालाबों को बनाने एवं संवारने का कार्य किया जा सकता है। सूखे तालाबों में पानी भरवाने का कार्य मनरेगा के बजट से नहीं हो सकता है। इसके लिए अन्य साधनों से काम हो सकता है।
संभावित सूखा एवं बाढ़ राहत को लेकर हर वर्ष कार्ययोजना बनती है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस ओर कार्ययोजना बनेगी। संबंधित विभागों के अधिकारियों से बात कर व्यवस्थाएं कराई जाएगी।
- वंदना त्रिवेदी, एडीएम, जिला दैवी आपदा राहत अधिकारी
डीएम बोले, तालाब न सूखें इस पर देना होगा ध्यान
जिन तालाबों में पानी नहीं बचा है । वहां भूजल का दोहन कर तालाबों को भरना सही नहीं है ।
शासन की नई गाइड लाइन के अनुसार जलसंचयन के लिए तालाबों पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि बारिश का पानी तालाबों में इतनी गहराई तक रहे वहां पर गर्मी के मौसम में पानी की उपलब्धता बनी रहे ।

- अविनाश कुमार, जिलाधिकारी
सभी ग्राम पंचायतों में तालाबों का सुदृढ़ीकरण मनरेगा से कराया गया है। अब अगर तालाबों में पानी कम हो रहा है या तालाब सूख रहे हैं तो विभिन्न निधियों से पानी की व्यवस्था करानी चाहिए। यदि तालाबों के निर्माण में गड़बड़ी हुई है, तो कार्रवाई की जाएगी।
- प्रमोद सिंह, डीसी मनरेगा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed