{"_id":"41b94ed6391a4432215995cedd8408d4","slug":"the-mercury-climbed-compensation-for-people-picket-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुआवजे के लिए लोगों का पारा चढ़ा, धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुआवजे के लिए लोगों का पारा चढ़ा, धरना
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Tue, 01 Sep 2015 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेमौसम बारिश के बाद बर्बाद फसलों का मुआवजा न मिलने
विज्ञापन
से अहिरोरी के ग्राम डिघिया के ग्रामीण एक बार फिर सोमवार को कलक्ट्रेट
परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को संबोधित
ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन को सौंपकर शीघ्र से शीघ्र मुआवजा
दिलाने की मांग की।
कलक्ट्रेट परिसर में धरना और प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे नरसी बाबा और कुलदीप शुक्ला आदि ने कहा कि मनचाहे ढंग से मुआवजे की धनराशि को बंटवाया जा रहा है। प्रशासन का ध्यान इस ओर बिल्कुल नहीं है। यदि जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही ग्राम सभा के किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है।
ग्रामीणों ने कहा कि पहले सूखा झेल कर किसान कहीं के नहीं रहे और जब सब कुछ लगा कर गेहूं की फसल की तो वहां ओलावृष्टि ने उनकी फसल तबाह कर दी। कहा कि मुआवजे की धनराशि से किसानों की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन उनको सहारा जरूर मिल सकता है, पर वह सहारा जिला प्रशासन और ब्लाकों व ग्राम पंचायतों में कार्य करने वाले जिम्मेदार अन्नदाताओं को नहीं देना चाहते।
जिसके कारण अब किसानों के आगे रोजी रोटी की समस्या आन खड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि धान आदि की फसल वह न कर पाए तो किसानों के आगे आत्महत्या करने के सिवाय और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। इस दौरान किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन को ज्ञापन देकर शीघ्र से शीघ्र मुआवजा प्रत्येक किसान को दिलाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर कहा कि यदि किसानों को 15 दिन के भीतर मुआवजा न मिला तो प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी ग्रामीणों ने 27 जून को कलक्ट्रेट परिसर में धरना देकर मांग की थी, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मौके पर देवी प्रसाद शुक्ल, उमाशंकर मिश्रा, रामदेव, कैलाश, रामचंद्र, उपमा, तुलसीराम, आशाराम, उपदेश कुमार, अनुज कुमार, वंश गोपाल, महेश, राजरानी और अतुल कुमार आदि मौजूद थे।
कलक्ट्रेट परिसर में धरना और प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे नरसी बाबा और कुलदीप शुक्ला आदि ने कहा कि मनचाहे ढंग से मुआवजे की धनराशि को बंटवाया जा रहा है। प्रशासन का ध्यान इस ओर बिल्कुल नहीं है। यदि जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही ग्राम सभा के किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है।
ग्रामीणों ने कहा कि पहले सूखा झेल कर किसान कहीं के नहीं रहे और जब सब कुछ लगा कर गेहूं की फसल की तो वहां ओलावृष्टि ने उनकी फसल तबाह कर दी। कहा कि मुआवजे की धनराशि से किसानों की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन उनको सहारा जरूर मिल सकता है, पर वह सहारा जिला प्रशासन और ब्लाकों व ग्राम पंचायतों में कार्य करने वाले जिम्मेदार अन्नदाताओं को नहीं देना चाहते।
जिसके कारण अब किसानों के आगे रोजी रोटी की समस्या आन खड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि धान आदि की फसल वह न कर पाए तो किसानों के आगे आत्महत्या करने के सिवाय और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। इस दौरान किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन को ज्ञापन देकर शीघ्र से शीघ्र मुआवजा प्रत्येक किसान को दिलाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर कहा कि यदि किसानों को 15 दिन के भीतर मुआवजा न मिला तो प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी ग्रामीणों ने 27 जून को कलक्ट्रेट परिसर में धरना देकर मांग की थी, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मौके पर देवी प्रसाद शुक्ल, उमाशंकर मिश्रा, रामदेव, कैलाश, रामचंद्र, उपमा, तुलसीराम, आशाराम, उपदेश कुमार, अनुज कुमार, वंश गोपाल, महेश, राजरानी और अतुल कुमार आदि मौजूद थे।