{"_id":"6a21b48727d3c70e650f9634","slug":"the-medical-colleges-electricity-will-be-connected-to-two-substations-reducing-the-possibility-of-power-cuts-hardoi-news-c-213-1-hra1021-150919-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: मेडिकल कॉलेज की बिजली दो उपकेंद्रों से जुड़ेगी, शून्य हो जाएगी पावर कट की संभावना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: मेडिकल कॉलेज की बिजली दो उपकेंद्रों से जुड़ेगी, शून्य हो जाएगी पावर कट की संभावना
विज्ञापन
हरदोई। मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों और तीमारदारों के लिए राहत भरी खबर है। मेडिकल कॉलेज में बिजली कटौती की समस्या अब पूरी तरह खत्म होने को है। मेडिकल कॉलेज की बिजली आपूर्ति अब दो उपकेंद्रों से जोड़ी जाएगी। इससे एक्सरे, सीटी स्कैन समेत अन्य जांचें भी ठप नहीं होंगी।
मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे आपूर्ति के निर्देश हैं। इसके लिए अंडरग्राउंड फीडर भी बनाया गया था। इसकी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद बेलाताली विद्युत उपकेंद्र से मेडिकल कॉलेज तक ओवरहेड फीडर बनाया गया है। इसी से बिजली आपूर्ति होती है। यहां अत्याधुनिक मशीनें लग जाने के कारण बिजली की खपत भी बढ़ गई है। इसको देखते हुए 3,750 केवीए क्षमता का फीडर बनाया जा रहा है।
इसके लिए 132 केवीए मन्नापुरवा से मेडिकल कॉलेज तक तीन करोड़ की लागत से भूमिगत केबल डाली जा रही है जिसका 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। वहीं मेडिकल कॉलेज परिसर में सात करोड़ की लागत से मिनी विद्युत उपकेंद्र बनाया जा रहा है। इसमें दो जनरेटर स्थापित हो गए हैं और पैनल लगाने का काम किया जा रहा है। 30 जून तक यह काम पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
दो उपकेंद्रों से जोड़ा जाएगा फीडर, बैकअप रहेगा तैयार
मुख्य बिजली फीडर को अब एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग उपकेंद्रों (सब-स्टेशनों) से जोड़ा जाएगा। एक 132 मन्नापुरवा से और दूसरा 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र बेलाताली से जुड़ेगा। इस दोहरी व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर किसी तकनीकी खराबी, फॉल्ट या मरम्मत की वजह से एक उपकेंद्र से बिजली की सप्लाई बंद भी होती है तो बिना एक पल गंवाए दूसरे उपकेंद्र से सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। यानी मेडिकल कॉलेज परिसर में पावर कट का असर शून्य हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज फीडर का कार्य अंतिम चरण में है। 30 जून तक लाइन को चार्ज कर दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए दो लाइनें बनाई गई हैं। एक ओपन और एक अंडरग्राउंड है। इससे बिजली की समस्या नहीं होगी। -कुलदीप शिवहरे, उपखंड अधिकारी, कोयल बाग
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे आपूर्ति के निर्देश हैं। इसके लिए अंडरग्राउंड फीडर भी बनाया गया था। इसकी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद बेलाताली विद्युत उपकेंद्र से मेडिकल कॉलेज तक ओवरहेड फीडर बनाया गया है। इसी से बिजली आपूर्ति होती है। यहां अत्याधुनिक मशीनें लग जाने के कारण बिजली की खपत भी बढ़ गई है। इसको देखते हुए 3,750 केवीए क्षमता का फीडर बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
इसके लिए 132 केवीए मन्नापुरवा से मेडिकल कॉलेज तक तीन करोड़ की लागत से भूमिगत केबल डाली जा रही है जिसका 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। वहीं मेडिकल कॉलेज परिसर में सात करोड़ की लागत से मिनी विद्युत उपकेंद्र बनाया जा रहा है। इसमें दो जनरेटर स्थापित हो गए हैं और पैनल लगाने का काम किया जा रहा है। 30 जून तक यह काम पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
दो उपकेंद्रों से जोड़ा जाएगा फीडर, बैकअप रहेगा तैयार
मुख्य बिजली फीडर को अब एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग उपकेंद्रों (सब-स्टेशनों) से जोड़ा जाएगा। एक 132 मन्नापुरवा से और दूसरा 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र बेलाताली से जुड़ेगा। इस दोहरी व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर किसी तकनीकी खराबी, फॉल्ट या मरम्मत की वजह से एक उपकेंद्र से बिजली की सप्लाई बंद भी होती है तो बिना एक पल गंवाए दूसरे उपकेंद्र से सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। यानी मेडिकल कॉलेज परिसर में पावर कट का असर शून्य हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज फीडर का कार्य अंतिम चरण में है। 30 जून तक लाइन को चार्ज कर दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए दो लाइनें बनाई गई हैं। एक ओपन और एक अंडरग्राउंड है। इससे बिजली की समस्या नहीं होगी। -कुलदीप शिवहरे, उपखंड अधिकारी, कोयल बाग