फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   The lift has been out of order for ten months, and those responsible don't know the reason... pregnant and pregnant women are suffering.

Hardoi News: दस माह से लिफ्ट खराब, जिम्मेदारों को वजह पता नहीं... परेशान हो रहीं प्रसूताएं और गर्भवती

Sun, 02 Nov 2025 10:22 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Nov 2025 10:22 PM IST
विज्ञापन
The lift has been out of order for ten months, and those responsible don't know the reason... pregnant and pregnant women are suffering.
हरदोई। जनपद में मेडिकल कॉलेज भले ही खुल गया हो लेकिन संसाधनों की दशा में सुधार नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित महिला चिकित्सालय की लिफ्ट पिछले दस माह से बंद पड़ी है। दस माह में लिफ्ट सही कराना तो दूर अभी तक जिम्मेदार यह भी नहीं पता कर पाए हैं कि लिफ्ट में खामी क्या है। ऐसे में प्रसूताओं से लेकर गर्भवतियों तक को परेशनियों का सामना करना पड़ रहा है। आवागमन के लिए जीना या रैंप इस्तेमाल करने की मजबूरी है।
मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में कई साल पहले जब लिफ्ट लगी थी तो हर कोई इसे सुखद मान रहा था। दरअसल, महिला अस्पताल चार मंजिल का है। ज्यादातर वार्ड दूसरी और तीसरी मंजिल पर हैं। ऊपर आने-जाने में गर्भवती महिलाओं के साथ ही प्रसूताओं को भी दिक्कत होती है। लिफ्ट लगी तो सबको लगा कि अब राहत मिल जाएगी लेकिन स्थिति कुछ और है पिछले दस माह से लिफ्ट खराब है। जिम्मेदारों को यह भी नहीं पता कि लिफ्ट में क्या खराबी है। हकीकत यह है कि लिफ्ट खराब होने के बाद इसकी मरम्मत के लिए किसी को बुलाया ही नहीं गया। विश्वत सूत्र बताते हैं कि लिफ्ट की खामी पता करने और इसे सही कराने के लिए मेडिकल कॉलेज के पास बजट नहीं है।
विज्ञापन




ऑपरेशन कक्ष और सभी वार्ड हैं ऊपर की मंजिलों पर

महिला अस्पताल में सामान्य प्रसव के लिए गर्भवतियों को भूतल स्थित कक्ष में ले जाया जाता है। ऑपरेशन से प्रसव कराने के लिए ऑपरेशन थिएटर दूसरी मंजिल पर है। पोस्ट ऑपरेटिव वा, एएनसी, एसएनसीयू और पोषण पुनर्वास केंद्र भी ऊपरी मंजिलों पर हैं। ऐसे में प्रसूताओं को रैंप चढ़ना ही मुश्किल हो जाता है। दावा तो स्ट्रेचर और व्हीलचेयर होने का है लेकिन इसके लिए कर्मचारी नहीं मिलते।
विज्ञापन
विज्ञापन



यूं होती परेशानी

शहर के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी मीनाक्षी गर्भवती हैं। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उन्हें महिला अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी। ऑपरेशन कक्ष दूसरी मंजिल पर है। परिजन उन्हें ऑपरेशन कक्ष ले जा रहे थे। पहले लिफ्ट की तरफ गए तो पता चला कि लिफ्ट खराब है। इसके बाद रैंप से परिजनों ने सहारा देकर मीनाक्षी को दूसरी मंजिल तक पहुंचाया।





लिफ्ट काफी महीनों से खराब है। इसे सही कराने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को कई बार कह चुके हैं। एक दो बार पत्र भी लिखा गया है। यह बात सही है कि प्रसूताओं और गर्भवती महिलाओं को आवागमन में परेशानी होती है। कोशिश है कि किसी तरह लिफ्ट सही हो जाए। -डॉ. सुबोध कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महिला




लिफ्ट की मरम्मत कराने की कोशिश की जा रही है। पत्राचार भी हुआ है। बजट की भी जरूरत पड़ेगी। उम्मीद है कि जल्द ही लिफ्ट सही हो जाएगी। -डॉ. अभिरव अवस्थी, प्रबंधन प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed