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Hardoi News: शासन की मंशा बनी मजबूरी, जन आरोग्य मेलाें से मरीजों ने बनाई दूरी
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हरदोई। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों में घटती मरीजों की संख्या अब चिंता का विषय बनती जा रही है।
जन आरोग्य मेलों का आयोजन प्रत्येक रविवार को हो रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक भी पहुंच रहे हैं, लेकिन केंद्रों पर मरीज ही नहीं पहुंच रहे हैं। जिले में तमाम ऐसे स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिन पर दिन भर में 10 मरीज भी नहीं पहुंच रहे। मरीजों के कम पहुंचने से शासन की मंशा भी पूरी नहीं हो रही है।
मरीजों को इलाज में सहूलियत देने के लिए शासन ने आयुष्मान केंद्रों पर जन आरोग्य मेलों का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में अब मरीज हर बार कम होते जा रहे हैं। कहीं पर सात तो कहीं 12 मरीज ही आ रहे हैं। रविवार को आयोजित होना वाला मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सिर्फ दिखावा ही साबित हो रहा है।
रविवार को जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। अधिकांश केंद्रों पर डॉक्टर बैठे मरीजों का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम तक गिने चुने मरीज ही पहुंचे। शासन की ओर से शाम चार बजे तक मेले के आयोजन के निर्देश हैं, लेकिन मरीज न आने से डॉक्टर दो बजे तक केंद्र बंद कर चले जाते हैं।
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दृश्य-1- शहर के धर्मशाला रोड पर आयुष्मान मंदिर में दोपहर 12 बजे पहुंचने पर डॉ. शुभम सिंह ने सुबह से सिर्फ तीन मरीज देखे। सर्दी, खासी और पेट दर्द के मरीज को दवा दी गई और पेट दर्द के मरीज को जांच कराने की सलाह दी गई। केंद्र पर स्टाफ नर्स वंशिका सहित दो एएनएम तैनात हैं। एएनएम क्षेत्र में भ्रमण पर होना बनाई गईं। वार्ड आया भी केंद्र पर मौजूद मिलीं।
दृश्य-2- हरियावां के गोपामऊ में आयोजित जन आरोग्य मेले में डॉ. विनिता सिंह और उनके स्टाफ ने दिन भर में सिर्फ 15 मरीज ही देखे। केंद्र पर दवाओं की पूर्ण उपलब्धता है और जांच किट भी मौजूद हैं। चिकित्सक ने बताया कि जो मरीज आए उनको इलाज उपलब्ध कराया गया। मरीज इस समय कम आ रहे हैं।
जन आरोग्य मेलों में चिकित्सकों की उपस्थित जांची जाती है। सभी केंद्रों पर चिकित्सक पहुंच रहे हैं। केंद्र पर जो मरीज आता है उसका इलाज किया जा रहा है। -डॉ. रोहताश कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी
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जन आरोग्य मेलों का आयोजन प्रत्येक रविवार को हो रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक भी पहुंच रहे हैं, लेकिन केंद्रों पर मरीज ही नहीं पहुंच रहे हैं। जिले में तमाम ऐसे स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिन पर दिन भर में 10 मरीज भी नहीं पहुंच रहे। मरीजों के कम पहुंचने से शासन की मंशा भी पूरी नहीं हो रही है।
मरीजों को इलाज में सहूलियत देने के लिए शासन ने आयुष्मान केंद्रों पर जन आरोग्य मेलों का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में अब मरीज हर बार कम होते जा रहे हैं। कहीं पर सात तो कहीं 12 मरीज ही आ रहे हैं। रविवार को आयोजित होना वाला मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सिर्फ दिखावा ही साबित हो रहा है।
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रविवार को जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। अधिकांश केंद्रों पर डॉक्टर बैठे मरीजों का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम तक गिने चुने मरीज ही पहुंचे। शासन की ओर से शाम चार बजे तक मेले के आयोजन के निर्देश हैं, लेकिन मरीज न आने से डॉक्टर दो बजे तक केंद्र बंद कर चले जाते हैं।
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दृश्य-1- शहर के धर्मशाला रोड पर आयुष्मान मंदिर में दोपहर 12 बजे पहुंचने पर डॉ. शुभम सिंह ने सुबह से सिर्फ तीन मरीज देखे। सर्दी, खासी और पेट दर्द के मरीज को दवा दी गई और पेट दर्द के मरीज को जांच कराने की सलाह दी गई। केंद्र पर स्टाफ नर्स वंशिका सहित दो एएनएम तैनात हैं। एएनएम क्षेत्र में भ्रमण पर होना बनाई गईं। वार्ड आया भी केंद्र पर मौजूद मिलीं।
दृश्य-2- हरियावां के गोपामऊ में आयोजित जन आरोग्य मेले में डॉ. विनिता सिंह और उनके स्टाफ ने दिन भर में सिर्फ 15 मरीज ही देखे। केंद्र पर दवाओं की पूर्ण उपलब्धता है और जांच किट भी मौजूद हैं। चिकित्सक ने बताया कि जो मरीज आए उनको इलाज उपलब्ध कराया गया। मरीज इस समय कम आ रहे हैं।
जन आरोग्य मेलों में चिकित्सकों की उपस्थित जांची जाती है। सभी केंद्रों पर चिकित्सक पहुंच रहे हैं। केंद्र पर जो मरीज आता है उसका इलाज किया जा रहा है। -डॉ. रोहताश कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी