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फाटक बंद, तो घंटों की फुर्सत
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बेहटागोकुल। टोडरपुर ब्लॉक स्थित बेहटागोकुल रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे फाटक पर अक्सर मालगाड़ियां एवं पैसेंजर ट्रेनों को रोक दिया जाता है। इससे राहगीरों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
इस दौरान आसपास के गांवों के ग्रामीणों को कई किमी घूम कर जाना पड़ता है, तो वहीं सार्वजनिक वाहनों पर सफर करने वालों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
कुछ इसी तरह का नजारा बृहस्पतिवार को यहां पर दिखा। सुबह से 10 से 12 बजे तक मालगाड़ी खड़ी रही। मालगाड़ी के जाने के थोड़ी देर बाद दूसरी ट्रेन आकर खड़ी हो गई, जो तीन बजे तक खड़ी रही।
इससे राहगीर घंटों फाटक खुलने का इंतजार करने को मजबूर दिखे। हरदोई-शाहजहांपुर रोड के सकाहा फाटक से पिहानी जाने वाले रोड पर ग्राम खेरिया में रेलवे क्रासिंग है।
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यहां से खेरिया, बिजगवा, उमरौली, सुंदरपुर, कमालपुर, लाभी, मोदीपुर, साधिनावा, कोठवा बेहटा, बिनन्हा, मसफ़ना सहित करीब 30 गांव के करीब एक हजार वाहन से पांच हजार लोगों का आनाजाना होता है।
इसमें व्यापारी, छात्र, नौकरीपेशा सभी शामिल हैं। उमरौली निवासी व्यापारी अवनीश अग्निहोत्री ने बताया कि सुबह ट्रेन घंटों फाटक पर खड़ी रही, जिसकी वजह से उन्होंने अपनी बाइक दूसरी तरफ खड़ी करके किसी तरह बोगियों के बीच से निकल कर अपनी दुकान पर पहुंच पाए हैं।
कई जनप्रतिनिधियों ने ओवरब्रिज बनवाने की बात कही, लेकिन अभी तक पुल नहीं बन सका। खेरिया बाजार में एक कपड़े की दुकान के मालिक अचल गुप्ता ने बताया कि रेलवे फाटक पर घंटों ट्रेन खड़ी होने के कारण वह दुकान पर लेट हो जाते हैं।
ग्राहकों को भी समस्या से गुजरना पड़ता है। राशिद खान को सुबह हरदोई जाना था। ट्रेन खड़ी रहने के कारण फाटक बंद रहा, जिससे वह एक घंटे लेट हो गए। प्रदीप कुमार निवासी बिजगवां हरदोई के सीएसएन पीजी कालेज के छात्र हैं।
रोज गांव से कॉलेज जाते हैं, आज वह भी जाम में फंस गए। उन्होंने बताया कि कई बार वह लेट हो जाते हैं। प्रदीप ने सरकार से तत्काल ओवरब्रिज बनाने की मांग की है।
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इस दौरान आसपास के गांवों के ग्रामीणों को कई किमी घूम कर जाना पड़ता है, तो वहीं सार्वजनिक वाहनों पर सफर करने वालों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
कुछ इसी तरह का नजारा बृहस्पतिवार को यहां पर दिखा। सुबह से 10 से 12 बजे तक मालगाड़ी खड़ी रही। मालगाड़ी के जाने के थोड़ी देर बाद दूसरी ट्रेन आकर खड़ी हो गई, जो तीन बजे तक खड़ी रही।
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इससे राहगीर घंटों फाटक खुलने का इंतजार करने को मजबूर दिखे। हरदोई-शाहजहांपुर रोड के सकाहा फाटक से पिहानी जाने वाले रोड पर ग्राम खेरिया में रेलवे क्रासिंग है।
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यहां से खेरिया, बिजगवा, उमरौली, सुंदरपुर, कमालपुर, लाभी, मोदीपुर, साधिनावा, कोठवा बेहटा, बिनन्हा, मसफ़ना सहित करीब 30 गांव के करीब एक हजार वाहन से पांच हजार लोगों का आनाजाना होता है।
इसमें व्यापारी, छात्र, नौकरीपेशा सभी शामिल हैं। उमरौली निवासी व्यापारी अवनीश अग्निहोत्री ने बताया कि सुबह ट्रेन घंटों फाटक पर खड़ी रही, जिसकी वजह से उन्होंने अपनी बाइक दूसरी तरफ खड़ी करके किसी तरह बोगियों के बीच से निकल कर अपनी दुकान पर पहुंच पाए हैं।
कई जनप्रतिनिधियों ने ओवरब्रिज बनवाने की बात कही, लेकिन अभी तक पुल नहीं बन सका। खेरिया बाजार में एक कपड़े की दुकान के मालिक अचल गुप्ता ने बताया कि रेलवे फाटक पर घंटों ट्रेन खड़ी होने के कारण वह दुकान पर लेट हो जाते हैं।
ग्राहकों को भी समस्या से गुजरना पड़ता है। राशिद खान को सुबह हरदोई जाना था। ट्रेन खड़ी रहने के कारण फाटक बंद रहा, जिससे वह एक घंटे लेट हो गए। प्रदीप कुमार निवासी बिजगवां हरदोई के सीएसएन पीजी कालेज के छात्र हैं।
रोज गांव से कॉलेज जाते हैं, आज वह भी जाम में फंस गए। उन्होंने बताया कि कई बार वह लेट हो जाते हैं। प्रदीप ने सरकार से तत्काल ओवरब्रिज बनाने की मांग की है।