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Hardoi News: आक्रोशित लोगों की पिटाई से जिसने बचाया, चालक ने उसे ही डंपर से रौंदा
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फोटो-33-कौशिक शुक्ला। फाइल फोटो
बेनीगंज। कोतवाली क्षेत्र के प्रतापनगर चौराहे पर बृहस्पतिवार सुबह आक्रोशित लोगों की पिटाई से बचाने वाले युवक को चालक ने डंपर से रौंद दिया। लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में युवक की मौत हो गई।
झरोइया निवासी कौशिक शुक्ला उर्फ शन्नू (22) प्रतापनगर चौराहे पर कपड़े की दुकान चलाते थे। दुकान के ऊपर बने मकान में ही रहते थे। पिता देश दीपक शुक्ला ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह बघौली की तरफ से गिट्टी लदा डंपर आ रहा था। हरदोई की तरफ से प्राइवेट डबल डेकर बस आ रही थी। प्रतापनगर चौराहे पर ही डंपर की हल्की टक्कर लगने से बस की विंडस्क्रीन टूट गई। इस पर आक्रोशित बस सवारों ने उतरकर डंपर चालक को खींच लिया। उसकी पिटाई करने लगे।
वहीं मौजूद कौशिक ने डंपर चालक को छुड़ाकर लोगों को समझाया। यहां से बचकर भागे चालक ने तेजी से डंपर दौड़ा दिया और वहीं खड़े कौशिक को रौंदते हुए भाग निकला। अचानक हुई घटना से अफरा तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल कौशिक को परिजन कोथावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां से उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में कौशिक की मौत हो गई।
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इसका पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। कौशिक चार भाई-बहनों में सबसे बड़े और अविवाहित थे। कोतवाल मार्कंडेय सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम लखनऊ में हुआ है। परिजनों से शिकायत लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। डंपर चालक की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द ही चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
चौराहे पर न लगी होती ऊंची जाली तो बच सकती थी जान
प्रतापनगर चौराहे पर अंबेडकर प्रतिमा स्थापित है। इसकी सुरक्षा के लिए चारों तरफ ऊंची जाली लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यहां ऊंची जाली न लगी होती तो शायद कौशिक चबूतरे पर गिरकर खुद को बचा सकता था। फिलहाल अब यह मांग भी होने लगी है कि सुरक्षा जाली को थोड़ा नीचे किया जाए।
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झरोइया निवासी कौशिक शुक्ला उर्फ शन्नू (22) प्रतापनगर चौराहे पर कपड़े की दुकान चलाते थे। दुकान के ऊपर बने मकान में ही रहते थे। पिता देश दीपक शुक्ला ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह बघौली की तरफ से गिट्टी लदा डंपर आ रहा था। हरदोई की तरफ से प्राइवेट डबल डेकर बस आ रही थी। प्रतापनगर चौराहे पर ही डंपर की हल्की टक्कर लगने से बस की विंडस्क्रीन टूट गई। इस पर आक्रोशित बस सवारों ने उतरकर डंपर चालक को खींच लिया। उसकी पिटाई करने लगे।
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वहीं मौजूद कौशिक ने डंपर चालक को छुड़ाकर लोगों को समझाया। यहां से बचकर भागे चालक ने तेजी से डंपर दौड़ा दिया और वहीं खड़े कौशिक को रौंदते हुए भाग निकला। अचानक हुई घटना से अफरा तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल कौशिक को परिजन कोथावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां से उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में कौशिक की मौत हो गई।
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इसका पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। कौशिक चार भाई-बहनों में सबसे बड़े और अविवाहित थे। कोतवाल मार्कंडेय सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम लखनऊ में हुआ है। परिजनों से शिकायत लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। डंपर चालक की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द ही चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
चौराहे पर न लगी होती ऊंची जाली तो बच सकती थी जान
प्रतापनगर चौराहे पर अंबेडकर प्रतिमा स्थापित है। इसकी सुरक्षा के लिए चारों तरफ ऊंची जाली लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यहां ऊंची जाली न लगी होती तो शायद कौशिक चबूतरे पर गिरकर खुद को बचा सकता था। फिलहाल अब यह मांग भी होने लगी है कि सुरक्षा जाली को थोड़ा नीचे किया जाए।

फोटो-33-कौशिक शुक्ला। फाइल फोटो