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घोटालों की सीबीआई जांच की मांग के लिए प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 12 May 2015 12:33 AM IST
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जिले में मनरेगा, स्वास्थ्य समिति एवं जिला पंचायत
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राज विभाग सहित कई विभागों में वित्तीय धन गबन करने का आरोप लगाते हुए
सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर लोस क्षेत्र के यूथ कांग्रेस
पदाधिकारियों ने सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर गवर्नर को संबोधित
ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
सदर के युवा अध्यक्ष आशीष सिंह ने कहा कि जिले में पूर्व की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा, जिला स्वास्थ्य समिति, निर्मल भारत अभियान, नि:शुल्क बोरिंग योजना एवं मनरेगा प्रशासनिक मद एवं इंदिरा आवास प्रशासनिक मद का दुरुपयोग करके गंभीर वित्तीय धन का गबन किया गया है, जो सीबीआई जांच का विषय है।
आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 11-12 से वित्तीय वर्ष 14-15 तक मनरेगा प्रशासनिक मद एवं ग्राम पंचायतों को असमान, धनराशि वितरण करके लगभग 400 करोड़ रुपये का वित्तीय गबन, दुरुपयोग कर घोटाला किया गया। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 12-13 एवं 13-14 में एक अफसर द्वारा नियम विरुद्ध बीस हजार से ज्यादा शौचालय में प्रयुक्त सामग्री का एकीकृत खरीद पंचायत उद्योग संडीला को देकर प्रति शौचालय 735 रुपये काटकर ग्राम पंचायतों का भुगतान कर दिया गया।
वहीं ग्राम पंचायतों को मुहैया कराई गई सामग्री का बाजार मूल्य 235 रुपये ही है। आरोप लगाया कि तीस हजार शौचालयों पर 500 रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से लगभग एक करोड़ रुपये का शौचालय सामग्री सप्लाई घोटाला किया गया। इस दौरान कांग्रेसियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इसके बाद गवर्नर को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह को सौंप कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में उक्त के अलावा मनरेगा योजना में नि:शुल्क बोरिंग योजना में मजदूरों के खाते में भेजने की बजाए फर्मों के नाम भेजने की जांच कराकर कार्रवाई की मांग भी शामिल है।
इस मौके पर प्रदेश सचिव अजय सिंह, शहर अध्यक्ष शशि भूषण शुक्ल शोले, ओमेंद्र वर्मा, अनुपम दीक्षित, दीपेंद्र सिंह, श्रीप्रकाश मिश्र, प्रमोद सिंह चंदेल, रामेश्वर प्रसाद आदि मौजूद थे।
सदर के युवा अध्यक्ष आशीष सिंह ने कहा कि जिले में पूर्व की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा, जिला स्वास्थ्य समिति, निर्मल भारत अभियान, नि:शुल्क बोरिंग योजना एवं मनरेगा प्रशासनिक मद एवं इंदिरा आवास प्रशासनिक मद का दुरुपयोग करके गंभीर वित्तीय धन का गबन किया गया है, जो सीबीआई जांच का विषय है।
आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 11-12 से वित्तीय वर्ष 14-15 तक मनरेगा प्रशासनिक मद एवं ग्राम पंचायतों को असमान, धनराशि वितरण करके लगभग 400 करोड़ रुपये का वित्तीय गबन, दुरुपयोग कर घोटाला किया गया। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 12-13 एवं 13-14 में एक अफसर द्वारा नियम विरुद्ध बीस हजार से ज्यादा शौचालय में प्रयुक्त सामग्री का एकीकृत खरीद पंचायत उद्योग संडीला को देकर प्रति शौचालय 735 रुपये काटकर ग्राम पंचायतों का भुगतान कर दिया गया।
वहीं ग्राम पंचायतों को मुहैया कराई गई सामग्री का बाजार मूल्य 235 रुपये ही है। आरोप लगाया कि तीस हजार शौचालयों पर 500 रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से लगभग एक करोड़ रुपये का शौचालय सामग्री सप्लाई घोटाला किया गया। इस दौरान कांग्रेसियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इसके बाद गवर्नर को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह को सौंप कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में उक्त के अलावा मनरेगा योजना में नि:शुल्क बोरिंग योजना में मजदूरों के खाते में भेजने की बजाए फर्मों के नाम भेजने की जांच कराकर कार्रवाई की मांग भी शामिल है।
इस मौके पर प्रदेश सचिव अजय सिंह, शहर अध्यक्ष शशि भूषण शुक्ल शोले, ओमेंद्र वर्मा, अनुपम दीक्षित, दीपेंद्र सिंह, श्रीप्रकाश मिश्र, प्रमोद सिंह चंदेल, रामेश्वर प्रसाद आदि मौजूद थे।