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पिता-पुत्र की मौत से नहीं जले गांव में चूल्हे
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:46 AM IST
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राजेंद्र प्रसाद की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पिहानी (हरदोई)। राभा के एनपीआरसी राजेंद्र प्रसाद और उनके पुत्र की सड़क हादसे में मौत का समाचार आते ही लालापुरवा गांव शोक में डूब गया है। शोक में गांव में चूल्हे भी नहीं जले। राभा के एनपीआरसी राजेंद्र प्रसाद (45) अपने पुत्र अश्वनी कुमार को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा दिलाने साथी संजीव मिश्रा निवासी कोरिगवां थाना मझिला के साथ उनकी बोलेरो से गए थे। संजीव के पुत्र शशांक की भी लखनऊ में परीक्षा थी। लखनऊ से परीक्षा दिलाकर चारों लोग सीतापुर की ओर से घर आ रह थे।
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सिधौली के पास नेशनल हाईवे-24 पर टायर फटने से अनियंत्रित बोलेरो पहले डिवाइडर से टकराई और फिर इसमें पीछे से आ रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी। बोलेरो के परखचे उड़ गए और इसमें सवार पिहानी ब्लाक संसाधन केंद्र पर तैनात एबीआरसी संजीव मिश्रा, उनका पुत्र शशांक, एनपीआरसी राभा राजेंद्र प्रसाद व उनका पुत्र अश्वनी कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
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घायलों को जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां पर राजेंद्र प्रसाद व उनके पुत्र अश्वनी की मौत हो गई थी। संजीव व उनके पुत्र को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया। यह खबर आते लालापुरवा मजरा अब्दुल्लानगर शोक में डूब गया। एक साथ पिता व इकलौता भाई खो देने की इस दुखद घड़ी में बहनों प्रियंका व कंचन ने रोते-रोते बेहाल हो गईं।
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वहीं, पति व बेटे की मौत के गम ने गीता देवी बार बार बेहोश हो जा रही थी। इस घटना के शोक मेें पूरे गांव में पास पड़ोस के घरों में चूल्हे नहीं जले। हर तरफ खामोशी के साथ बैठे लोग पोस्टमार्टम के बाद शवों के आने की राह देख रहे थे। परिजनों के अनुसार दोपहर बाद तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। विभाग में भी शोक के चलते सन्नाटा रहा। बीआरसी पिहानी पर शोक सभा कर मृतकों की आत्मा के लिए शांति की कामना की गई।