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Hardoi News: पहचान न होने पर अंतिम संस्कार के लिए चिता पर रखा था शव, सीतापुर से आए परिजनों ने कर ली पहचान
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बेनीगंज। बीते शुक्रवार की रात प्रतापनगर मार्ग पर मिले युवक के शव की पहचान बुधवार को अंतिम संस्कार से पहले हो गई। मुक्तिधाम पहुंचे परिजन ने शव की पहचान कर ली और शव घर ले गए।
बेनीगंज प्रतापनगर मार्ग पर शुक्रवार रात अज्ञात वाहन की टक्कर से पैदल जा रहे युवक की मौत हो गई थी। शव के पास एक पॉलिथीन में लोटा, शराब का पौवा और बकरे का सिर मिला था। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया। सफलता न मिलने पर बुधवार को शव का अंतिम संस्कार अज्ञात में ही करने के लिए मुक्तिधाम भेज दिया गया। इस बीच सीतापुर जनपद के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी मोहम्मद साकिब ने बताया कि सोशल मीडिया पर अज्ञात शव मिलने की जानकारी पर वह बेनीगंज कोतवाली पहुंचे। यहां बताया गया कि शव अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है।
कोतवाल मार्कंडेय सिंह ने शव के साथ गए पुलिस कर्मियों को अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। मौके पर पहुंचकर साकिब ने शव की पहचान अपने भाई जावेद के रूप में की। बताया कि जावेद बीते शुक्रवार को नैमिषारण्य में मुंडन संस्कार में बाल बनाने गया था। इसके बाद वापस न आने पर उसे तलाशा गया। कुछ पता न चलने पर मिश्रिख में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। मृतक के परिवार में पत्नी शमशुन और पांच बच्चे हैं। कोतवाल मार्कंडेय सिंह ने बताया कि शव परिजन को सौंप दिया गया है।
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बेनीगंज प्रतापनगर मार्ग पर शुक्रवार रात अज्ञात वाहन की टक्कर से पैदल जा रहे युवक की मौत हो गई थी। शव के पास एक पॉलिथीन में लोटा, शराब का पौवा और बकरे का सिर मिला था। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया। सफलता न मिलने पर बुधवार को शव का अंतिम संस्कार अज्ञात में ही करने के लिए मुक्तिधाम भेज दिया गया। इस बीच सीतापुर जनपद के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी मोहम्मद साकिब ने बताया कि सोशल मीडिया पर अज्ञात शव मिलने की जानकारी पर वह बेनीगंज कोतवाली पहुंचे। यहां बताया गया कि शव अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है।
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कोतवाल मार्कंडेय सिंह ने शव के साथ गए पुलिस कर्मियों को अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। मौके पर पहुंचकर साकिब ने शव की पहचान अपने भाई जावेद के रूप में की। बताया कि जावेद बीते शुक्रवार को नैमिषारण्य में मुंडन संस्कार में बाल बनाने गया था। इसके बाद वापस न आने पर उसे तलाशा गया। कुछ पता न चलने पर मिश्रिख में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। मृतक के परिवार में पत्नी शमशुन और पांच बच्चे हैं। कोतवाल मार्कंडेय सिंह ने बताया कि शव परिजन को सौंप दिया गया है।
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