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Hardoi News: अस्पताल में मिले कंबलों से दूर नहीं होती सर्दी, घर से लाना मजबूरी
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फोटो- 24- घर से लाए कंबल को ओढे अस्पताल में भर्ती मरीज। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को ओढ़ने के लिए कंबल तो मिल रहा है लेकिन हल्के और पतले कंबल मरीजों को सर्दी से राहत नहीं दे पा रहे हैं। मरीजों को सर्दी से बचाव करने के लिए घर से लाए हुए कंबलों को ही ओढ़ना पड़ रहा है। अस्पताल के कंबल एक तो मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं वहीं उनकी नियमित साफ-सफाई भी नहीं होती है।
सर्दी का असर दिनों दिन बढ़ रहा है और रात में तो ठंडक काफी बढ़ रही है। इसके बावजूद मेडिकल काॅलेज में भर्ती मरीजों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों का जायजा लिया गया तो तमाम मरीजों के पास अस्पताल के कंबल नहीं मिले। अस्पताल कमियों ने तो यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि कई मरीज कंबल लौटा देते हैं जबकि हकीकत तो यह है कि इन कंबलों से सर्दी दूर ही नहीं होती है। करीब डेढ़ किलोग्राम के पतले कंबलोंं में गर्माहट ही नहीं होती। कंबल मानकविहीन होने से सर्दी से बचाव के लिए नाकाफी सबित हो रहे हैं। सर्दी से बचाव के लिए मरीज घर से लाए कंबलों का प्रयोग करते हैं।
केस-1- नकटौरा निवासी बबलू की मां रेशमा ने बताया कि वह लोग इमरजेंसी वार्ड में दो दिन से भर्ती हैं। उन्हें अस्पताल से कंबल नहीं मिला। घर से कंबल लेकर आए हैं वही ओढ़ते हैं।
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केस-2- मंगोलापुर निवासी पवन ने बताया कि उनका छोटा भाई भर्ती है। अस्पताल से कंबल तो मिला है लेकिन इतना पतला है कि इससे ठंड का बचाव बमुश्किल ही हो पाता है। घर से कंबल मंगवाने पर सर्दी से राहत मिली है।
क्या है मानक
अस्पताल के मानक के अनुसार कंबल का वजन करीब सवा चार पाउंड अर्थात दो किलो प्रति आयटम होना चाहिए। अस्पताल में जो कंबल मरीजों को दिए जा रहे हैं। उनका वजन भी करीब एक किलो 400 ग्राम निकला है। जो करीब तीन पाउंड के आसपास है। कंबल काफी पतले भी हो चुके हैं और उन पर से ऊन भी गायब हो गई है। हालांकि, बीते साल आठ सौ कंबल मंगवाए गए थे लेकिन इमरजेंसी और अन्य वार्डाें में पुराने कंबल ही नजर आ रहे हैं।
कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था है, मरीज को अगर एक कंबल में सर्दी लग रही है तो वह दूसरा भी ले सकता है। कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वह नियमित मरीजों के बेडशीट व कंबल बदलें। कंबलों की सफाई के निर्देश भी दिए गए हैं। कंबल मानकों के अनुसार ही खरीदे गए हैं। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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सर्दी का असर दिनों दिन बढ़ रहा है और रात में तो ठंडक काफी बढ़ रही है। इसके बावजूद मेडिकल काॅलेज में भर्ती मरीजों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों का जायजा लिया गया तो तमाम मरीजों के पास अस्पताल के कंबल नहीं मिले। अस्पताल कमियों ने तो यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि कई मरीज कंबल लौटा देते हैं जबकि हकीकत तो यह है कि इन कंबलों से सर्दी दूर ही नहीं होती है। करीब डेढ़ किलोग्राम के पतले कंबलोंं में गर्माहट ही नहीं होती। कंबल मानकविहीन होने से सर्दी से बचाव के लिए नाकाफी सबित हो रहे हैं। सर्दी से बचाव के लिए मरीज घर से लाए कंबलों का प्रयोग करते हैं।
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केस-1- नकटौरा निवासी बबलू की मां रेशमा ने बताया कि वह लोग इमरजेंसी वार्ड में दो दिन से भर्ती हैं। उन्हें अस्पताल से कंबल नहीं मिला। घर से कंबल लेकर आए हैं वही ओढ़ते हैं।
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केस-2- मंगोलापुर निवासी पवन ने बताया कि उनका छोटा भाई भर्ती है। अस्पताल से कंबल तो मिला है लेकिन इतना पतला है कि इससे ठंड का बचाव बमुश्किल ही हो पाता है। घर से कंबल मंगवाने पर सर्दी से राहत मिली है।
क्या है मानक
अस्पताल के मानक के अनुसार कंबल का वजन करीब सवा चार पाउंड अर्थात दो किलो प्रति आयटम होना चाहिए। अस्पताल में जो कंबल मरीजों को दिए जा रहे हैं। उनका वजन भी करीब एक किलो 400 ग्राम निकला है। जो करीब तीन पाउंड के आसपास है। कंबल काफी पतले भी हो चुके हैं और उन पर से ऊन भी गायब हो गई है। हालांकि, बीते साल आठ सौ कंबल मंगवाए गए थे लेकिन इमरजेंसी और अन्य वार्डाें में पुराने कंबल ही नजर आ रहे हैं।
कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था है, मरीज को अगर एक कंबल में सर्दी लग रही है तो वह दूसरा भी ले सकता है। कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वह नियमित मरीजों के बेडशीट व कंबल बदलें। कंबलों की सफाई के निर्देश भी दिए गए हैं। कंबल मानकों के अनुसार ही खरीदे गए हैं। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

फोटो- 24- घर से लाए कंबल को ओढे अस्पताल में भर्ती मरीज। संवाद