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Hardoi News: ग्राम पंचायत में चल रहे हैं दस काम तो फिलहाल नए को मंजूरी नहीं
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हरदोई। दस काम करा रहीं ग्राम पंचायतों में मनरेगा मद में नवीन काम मार्च तक नहीं हो सकेंगे। मनरेगा मद में यह व्यवस्था मार्च तक के लिए प्रभावी की गई है। लंबित भुगतान और चल रहे कामों की संख्या के आधार पर गणना की जाएगी। वहीं, ई-मस्टर रोल में शामिल श्रमिक का जॉबकार्ड अपडेट न होन पर भी नया काम कराने के लिए आईडी नहीं बनाई जा सकेगी।
मनरेगा में जिन ग्राम पंचायतों में वर्तमान में दस काम संचालित हैं। वहां मार्च माह तक कोई नया काम कराने की आईडी जारी नहीं हो सकेगी। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से दी गई यह व्यवस्था में लंबित भुगतान और चल रहे कार्यों की संख्या की गणना पर भी प्रभावी होगी। मनरेगा मद में काम करने वाले श्रमिकों के साथ ही सामग्री खरीदारी का भी भुगतान बकाया चल रहा है। जिन पंचायतों में दस काम चल रहे हैं या लंबित भुगतान और चल रहे कामों को मिलाकर संख्या दस हो रही है तो वहां नए कार्यों पर फिलहाल रोक रहेगी।
वहीं, मनरेगा का नाम भी भारत सरकार की तरफ से वीबी जी राम जी किए जाने के बाद से इसके क्रियान्वयन को लेकर भी ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों में संशय है। मार्च तक नवीन कामों की आईडी मार्च माह तक जारी न किए जाने को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होता है। उम्मीद है कि नए वित्तीय वर्ष पर वीबी जी राम जी में ही पंचायतों में काम कराने के लिए नवीन सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन व्यवस्था प्रभावी होने की संभावना है।
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मनरेगा मद में वैसे तो जॉब कार्डधारकों का विवरण अपडेट किया जा रहा है, ई-केवाईसी कराई जा रही है। दस से कम काम वाली ग्राम पंचायतों में नवीन आईडी जारी हो रही हैं। फिलहाल चल रहे दस काम, लंबित भुगतान आदि होने पर सॉफ्टवेयर पर नवीन कार्य के लिए आईडी नहीं बन पा रही हैं। -रवि प्रकाश सिंह, श्रम रोजगार उपायुक्त
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मनरेगा में जिन ग्राम पंचायतों में वर्तमान में दस काम संचालित हैं। वहां मार्च माह तक कोई नया काम कराने की आईडी जारी नहीं हो सकेगी। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से दी गई यह व्यवस्था में लंबित भुगतान और चल रहे कार्यों की संख्या की गणना पर भी प्रभावी होगी। मनरेगा मद में काम करने वाले श्रमिकों के साथ ही सामग्री खरीदारी का भी भुगतान बकाया चल रहा है। जिन पंचायतों में दस काम चल रहे हैं या लंबित भुगतान और चल रहे कामों को मिलाकर संख्या दस हो रही है तो वहां नए कार्यों पर फिलहाल रोक रहेगी।
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वहीं, मनरेगा का नाम भी भारत सरकार की तरफ से वीबी जी राम जी किए जाने के बाद से इसके क्रियान्वयन को लेकर भी ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों में संशय है। मार्च तक नवीन कामों की आईडी मार्च माह तक जारी न किए जाने को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होता है। उम्मीद है कि नए वित्तीय वर्ष पर वीबी जी राम जी में ही पंचायतों में काम कराने के लिए नवीन सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन व्यवस्था प्रभावी होने की संभावना है।
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मनरेगा मद में वैसे तो जॉब कार्डधारकों का विवरण अपडेट किया जा रहा है, ई-केवाईसी कराई जा रही है। दस से कम काम वाली ग्राम पंचायतों में नवीन आईडी जारी हो रही हैं। फिलहाल चल रहे दस काम, लंबित भुगतान आदि होने पर सॉफ्टवेयर पर नवीन कार्य के लिए आईडी नहीं बन पा रही हैं। -रवि प्रकाश सिंह, श्रम रोजगार उपायुक्त