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Hardoi News: आरोग्य मंदिरों पर टेली कंसल्टेशन सुविधा, सीएचसी पर ढूंढे नहीं मिलते चिकित्सक
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हरदोई। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर इलाज दिलाने के लिए ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से टेली कंसल्टेशन की सुविधा दी है। इस डिजिटल प्लेटफार्म पर आरोग्य मंदिरों में सीएचओ विशेषज्ञ चिकित्सकों से कॉल कर मरीजाें को परामर्श दिलाते हैं। वहीं यह व्यवस्था सीएचसी स्तर पर उपलब्ध न होने से मरीजों को चिकित्सकों के अभाव में बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय पर भटकना पड़ रहा है।
ई-संजीवनी टेली कंसल्टेशन भारत सरकार की एक योजना है जो मरीजों को घर बैठे चिकित्सक से परामर्श करने की सुविधा देती है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लागू यह सेवा का लाभ मरीजों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मिलता है। सीएचओ ई-संजीवनी पोर्टल पर मरीज का पूरा विवरण भरने के बाद उनका संबंधित चिकित्सक से फोन कॉल या फिर वीडियो कॉल से बात करवाकर उनकी समस्या का समाधान कराते हैं।
हालांकि, इसमें जिले के भी 88 चिकित्सकों को ऑन कॉल परामर्श देने के लिए नियुक्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून और जुलाई दोनों माह में करीब 27 हजार कॉल के माध्यम से मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श दिलाया गया। ऑन कॉल व्यवस्था भले ही मरीजों को आरोग्य मंदिरों पर मिल रही है लेकिन सीएचसी स्तर पर ऐसी कोई व्यवस्था न होने से तमाम मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में भटकना पड़ता है।
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सीएचओ को 120 मरीजों को परामर्श दिलाने का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सीएचओ को हर माह 120 मरीजों को परामर्श दिलाने का लक्ष्य दिया गया है। सीएचओ मरीजों को सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के अलावा पेट दर्द समेत अन्य रोग का परामर्श दिलाते हैं। इसके अलावा प्रसूताओं को भी सुरक्षित प्रसव और सावधानियों के बारे में भी परामर्श दिलाते हैं।
केस-1- काशीपुर निवासी 60 वर्षीय माधुरी जोड़ों में दर्द की शिकायत लेकर आईं। ई-संजीवनी पोर्टल पर उन्हें एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. आशीष कुमार से ऑन कॉल परामर्श दिलाया गया। इसके बाद चिकित्सक ने उन्हें दवा भी लिखकर दी। ई-संजीवनी के तहत उन्हें इलाज दिलाया गया।
केस-2- सुमई निवासी 41 वर्षीय पिंकी को कई दिनों से बुखार आ रहा था। उन्हें भी सीएचओ ने ई-संजीवन पोर्टल के माध्यम से अलीगढ़ के चिकित्सक डॉ. नेहा भारती से कॉल कर परामर्श दिलाया। उन्हें चिकित्सक ने दवा भी लिखकर दी है।
ई-संजीवी कंसल्टेशन के माध्यम से आरोग्य मंदिर पर मरीजों को परामर्श दिलाया जा रहा है, अभी तक यह आरोग्य मंदिरों के लिए था। इसकी समीक्षा भी हर माह की जाती है। डॉ. अरविंद सचान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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ई-संजीवनी टेली कंसल्टेशन भारत सरकार की एक योजना है जो मरीजों को घर बैठे चिकित्सक से परामर्श करने की सुविधा देती है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लागू यह सेवा का लाभ मरीजों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मिलता है। सीएचओ ई-संजीवनी पोर्टल पर मरीज का पूरा विवरण भरने के बाद उनका संबंधित चिकित्सक से फोन कॉल या फिर वीडियो कॉल से बात करवाकर उनकी समस्या का समाधान कराते हैं।
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हालांकि, इसमें जिले के भी 88 चिकित्सकों को ऑन कॉल परामर्श देने के लिए नियुक्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून और जुलाई दोनों माह में करीब 27 हजार कॉल के माध्यम से मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श दिलाया गया। ऑन कॉल व्यवस्था भले ही मरीजों को आरोग्य मंदिरों पर मिल रही है लेकिन सीएचसी स्तर पर ऐसी कोई व्यवस्था न होने से तमाम मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में भटकना पड़ता है।
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सीएचओ को 120 मरीजों को परामर्श दिलाने का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सीएचओ को हर माह 120 मरीजों को परामर्श दिलाने का लक्ष्य दिया गया है। सीएचओ मरीजों को सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के अलावा पेट दर्द समेत अन्य रोग का परामर्श दिलाते हैं। इसके अलावा प्रसूताओं को भी सुरक्षित प्रसव और सावधानियों के बारे में भी परामर्श दिलाते हैं।
केस-1- काशीपुर निवासी 60 वर्षीय माधुरी जोड़ों में दर्द की शिकायत लेकर आईं। ई-संजीवनी पोर्टल पर उन्हें एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. आशीष कुमार से ऑन कॉल परामर्श दिलाया गया। इसके बाद चिकित्सक ने उन्हें दवा भी लिखकर दी। ई-संजीवनी के तहत उन्हें इलाज दिलाया गया।
केस-2- सुमई निवासी 41 वर्षीय पिंकी को कई दिनों से बुखार आ रहा था। उन्हें भी सीएचओ ने ई-संजीवन पोर्टल के माध्यम से अलीगढ़ के चिकित्सक डॉ. नेहा भारती से कॉल कर परामर्श दिलाया। उन्हें चिकित्सक ने दवा भी लिखकर दी है।
ई-संजीवी कंसल्टेशन के माध्यम से आरोग्य मंदिर पर मरीजों को परामर्श दिलाया जा रहा है, अभी तक यह आरोग्य मंदिरों के लिए था। इसकी समीक्षा भी हर माह की जाती है। डॉ. अरविंद सचान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी