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Hardoi News: टीनशेड का अस्पताल, छप्पर के वार्ड, करे दे रहे कैंसर का इलाज

Tue, 28 May 2024 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 May 2024 11:39 PM IST
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Teen shed hospital, thatched wards, providing cancer treatment
हरदाेई। एक अधबनी इमारत। छत की जगह टीनशेड और बाहर लगा अस्पताल का बोर्ड। अंदर जाने पर टीनशेड के नीचे सभी बेड खाली मिलने पर हुई जिज्ञासा नजर घुमाते ही दूर हो गई।
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छप्पर के नीचे पड़े बेडों में भर्ती मरीजों का उपचार हो रहा है। सुनने और पढ़ने में यह अटपटा लग सकता है, लेकिन जिले में एक अस्पताल कुछ इसी तरह का है। खास बात यह है कि अस्पताल स्वास्थ्य महकमे में पंजीकृत है। हरदोई-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कछौना कस्बे के पास कटियामऊ गांव है। इसी गांव के बाहर मुख्य मार्ग के किनारे फौजी ढाबा है। इसी ढाबे के ठीक बगल में पीछे की ओर एक अस्पताल भी है।
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अस्पताल का नाम है फौजी हॉस्पिटल। हॉस्पिटल की इमारत के नाम पर कुछ दीवारें खड़ी हैं। सीमेंट के कुछ पोल भी खड़े हैं और इन्हीं के सहारे छत के नाम पर टीनशेड है। देखने में लगता है कोई अवैध अस्पताल संचालित है, लेकिन जब इसके बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि गत वर्ष ही इस अस्पताल का संचालन हुआ और संचालन के पहले बाकायदा स्वास्थ्य विभाग में इसका पंजीकरण भी कराया गया।
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अस्पताल परिसर में घूमने पर यहां छप्पर के छोटे-छोटे वार्ड नजर आते हैं। इन छप्परों के नीचे बेड पड़े हुए हैं। कुछ बेड खाली हैं तो कुछ पर मरीज भी हैं।

पहली नजर में लगता है कि ढाबे के पीछे छप्परनुमा कॉटेज बने हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल मरीजों का इलाज करने में हो रहा है। मजे की बात यह है कि संडीला तहसील के जिम्मेदारों से लेकर स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार तक इस राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरते हैं, लेकिन किसी की नजर इस जब-गजब अस्पताल पर नहीं पड़ी। टीनशेड के नीचे अस्पताल और छप्पर के नीचे वार्ड नहीं संचालित किया जा सकता। यह बिल्कुल गलत है। अगर ऐसा है तो पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि पंजीकरण के समय कौन अफसर मौके का निरीक्षण करने गया था। लापरवाही करने वाले अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. रोहताश कुमार, सीएमओ

फौजी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. एके पासवान का कहना है कि जो सुविधाएं हैं उसी के हिसाब से इलाज किया जा रहा है। टीनशेड बना है। वहां गर्मी थी। इसलिए मरीजों को झोपड़ी में (छप्पर) शिफ्ट किया गया है। यहां भर्ती उन्नाव जिले के जहांगीराबाद इलाके के कमलापुर निवासी पूनम ने बताया कि डॉक्टर के मुताबिक उसे कैंसर है। महीने में लगभग 40 हजार खर्च होने की बात बताई। कछौना कोतवाली क्षेत्र के बक्साखेड़ा निवासी गोकरन के परिजनों के मुताबिक सिर में कैंसर है। चार माह से इलाज चल रहा है। वह भी छप्पर के नीचे बेड पर भर्ती मिले।
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