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बाबुओं की मनमानी से टीचर परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 30 Jun 2015 12:24 AM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग में बाबुओं की तानाशाही के टीचर
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शिकार हो रहे हैं। टीचरों को शासनादेश के अनुसार चयन वेतनमान का लाभ नहीं
मिल पा रहा है। विभागीय जिम्मेदार सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए है।
ज्ञात हो कि टीचरों को 17,140 एवं 18,150 के न्यूनतम वेतनमान का लाभ शासनादेश द्वारा दिया गया था। शासन द्वारा यह लाभ दिसंबर 08 तक पदोन्नति प्राप्त टीचरों को ही देय था। विभागीय बाबुओं ने शासनादेश की अपने-अपने हिसाब से व्याख्या कर दी। जिसको चाहा उसको लाभ दिया और जिसको न चाह उसे लाभ नहीं दिया।
विभागीय बाबुओें ने सांडी ब्लाक में 17,140 का लाभ टीचरों को दिसंबर 2014 के वेतन में देते हुए उनका मूल वेतन 21,750 निर्धारित कर दिया। वहीं भरखनी विकास खंड में अप्रैल 15 में वेतन निर्धारित किया गया और टीचरों का मूल वेतन 21,110 निर्धारित कर दिया गया।
वहीं अहिरोरी विकास खंड में अभी तक उक्त शासनादेश का लाभ टीचरों को दिया नहीं गया है। टीचरों को लाभ न मिलने से उनमें रोष व्याप्त है। बाबू टीचरों का आर्थिक दोहन कर रहे है। टीचरों की इस समस्या की ओर प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर शिक्षक संघ के पदाधिकारी भी मौन हैं।
वहीं खंड शिक्षाधिकारी की ओर से भी टीचरों की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस बाबत बीएसए डा. बृजेश मिश्र ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी की जाएगी और जो भी उचित होगा उसका लाभ टीचरों को दिलाया जाएगा।
ज्ञात हो कि टीचरों को 17,140 एवं 18,150 के न्यूनतम वेतनमान का लाभ शासनादेश द्वारा दिया गया था। शासन द्वारा यह लाभ दिसंबर 08 तक पदोन्नति प्राप्त टीचरों को ही देय था। विभागीय बाबुओं ने शासनादेश की अपने-अपने हिसाब से व्याख्या कर दी। जिसको चाहा उसको लाभ दिया और जिसको न चाह उसे लाभ नहीं दिया।
विभागीय बाबुओें ने सांडी ब्लाक में 17,140 का लाभ टीचरों को दिसंबर 2014 के वेतन में देते हुए उनका मूल वेतन 21,750 निर्धारित कर दिया। वहीं भरखनी विकास खंड में अप्रैल 15 में वेतन निर्धारित किया गया और टीचरों का मूल वेतन 21,110 निर्धारित कर दिया गया।
वहीं अहिरोरी विकास खंड में अभी तक उक्त शासनादेश का लाभ टीचरों को दिया नहीं गया है। टीचरों को लाभ न मिलने से उनमें रोष व्याप्त है। बाबू टीचरों का आर्थिक दोहन कर रहे है। टीचरों की इस समस्या की ओर प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर शिक्षक संघ के पदाधिकारी भी मौन हैं।
वहीं खंड शिक्षाधिकारी की ओर से भी टीचरों की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस बाबत बीएसए डा. बृजेश मिश्र ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी की जाएगी और जो भी उचित होगा उसका लाभ टीचरों को दिलाया जाएगा।