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Hardoi News: स्वामी प्रसाद मौर्य बुद्धिहीन हो गए हैं, उटपटांग बोल रहे
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संवाद न्यूज एजेंसी शाहाबाद। कात्यायनी शक्तिपीठ पर जूना अखाड़ा गोवधर्न मथुरा के परिव्राजकाचार्य सत्यानंद गिरि ने कहा कि सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पढ़े लिखे कम है, या बुद्धिहीन हो गए है, जिसकी वजह से वह उटपटांग बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी हमारी है, इसमेें कई साक्ष्य मिले हैं, जबकि मुस्लिम के पक्ष को अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिला है। उन्हें स्वीकार कर लेना चाहिए। यह विवाद निराधार हैं, हमें उच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार है।
तुलसीदास जी चौपाई का आशय मारना नहीं बल्कि ताड़ना है, जिसका वास्तविक अर्थ निगाह रखना या पहचानना है। उन्होंने कहा कि पुण्य के प्रभाव से सुख वैभव ऐश्वर्य प्राप्त हो जाता है, जबकि परमात्मा की कृपा के बिना बुद्धि विवेक जागृत नहीं होता है। दिमाग की कमजोरी पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सेवन से दूर की जा सकती है,जबकि बुद्धि के लिए एक मात्र रास्ता सत्संग ही है। इससे पूर्व स्वामी ने विधि विधान के साथ पूजन किया। महंत स्वामी आत्मानंद गिरी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी हमारी है, इसमेें कई साक्ष्य मिले हैं, जबकि मुस्लिम के पक्ष को अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिला है। उन्हें स्वीकार कर लेना चाहिए। यह विवाद निराधार हैं, हमें उच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार है।
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तुलसीदास जी चौपाई का आशय मारना नहीं बल्कि ताड़ना है, जिसका वास्तविक अर्थ निगाह रखना या पहचानना है। उन्होंने कहा कि पुण्य के प्रभाव से सुख वैभव ऐश्वर्य प्राप्त हो जाता है, जबकि परमात्मा की कृपा के बिना बुद्धि विवेक जागृत नहीं होता है। दिमाग की कमजोरी पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सेवन से दूर की जा सकती है,जबकि बुद्धि के लिए एक मात्र रास्ता सत्संग ही है। इससे पूर्व स्वामी ने विधि विधान के साथ पूजन किया। महंत स्वामी आत्मानंद गिरी मौजूद रहे।
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