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सब्सिडी गरीबों को, दौड़ रहे अमीरों के वाहन
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हरदोई। रसोई गैस पर आम लोगों को सब्सिडी के रूप में मिलने वाली राहत में सबसे बड़े बाधक एलपीजी किटों से दौड़ लगाने वाले वाहन हैं।
सरकार ने नई व्यवस्था के तहत रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी को निरंतर कम किया तो इस सब्सिडी पर सस्ती रसोई गैस लेकर फर्राटा भरने वाले वाहनों के मालिकों ने जुगाड़ बना लिया।
इस समय रसोई गैस में सबसे ज्यादा सब्सिडी उज्ज्वला योजना के तहत हुए कनेक्शन धारकों को मिलती तो सो जुगाड़बाजी में ऐसे सिलिंडर हासिल करने के साथ रसोई गैस के निजी प्रयोग वाले सिलिंडर के सहारे जिले भर में सैकड़ों वाहन फर्राटा भर रहे, मगर जिम्मेदार जानकर भी अनजान बन रहे हैं।
इतना ही नहीं निजी प्रयोग वाले सिलिंडरों से छोटे सिलिंडरों में अवैध रूप से रिफिलिंग कर रसोई गैस का अवैध कारोबार खुलेआम हो रहा है। जिले में करीब 50 से अधिक गैस एजेंसियां हैं, जिनके करीब पांच लाख से अधिक गैस कनेक्शनधारक हैं।
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इन कनेक्शनों में तीन लाख से अधिक उज्ज्वला के तहत गैस कनेक्शन हैं, जबकि पूरे जिले में कामर्शियल गैस कनेक्शनों की संख्या 10 हजार भी नहीं है।
नियमानुसार व्यापारिक गतिविधियों में यदि रसोई गैस की जरूरत है, लेकिन ज्यादातर इन स्थानों पर निजी प्रयोग वाले रसोई गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
इन्हीं सिलिंडरों से अवैध रूप से वाहनों में रिफिलिंग करने के साथ ही छोटे सिलिंडर में गैस भर कर अवैध कारोबार किया जाता है। इस संबंध में जब एआरटीओ प्रवर्तन एवं डीएसओ से बात करने का प्रयास किया गया तो पता चला कि वे मीटिंग में है ।
महंगे पेट्रोल ने बढ़ा दी किटों की डिमांड
बाजार के जुड़े सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल की बढ़ी कीमतों ने एलपीजी किटों की डिमांड बढ़ा दी है। अधिकांश वाहन स्वामियों ने जुगाड़ से एलपीजी किट को वाहनों में फिट कराकर रसोई गैस की रिफिलिंग से वाहनों को सड़क पर चला रखा है।
एलपीजी पंप न होने के बाद भी सड़कों पर एलपीजी वाले वाहन किस तरह से फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन इनकी रोकथाम के लिए विभागीय जिम्मेदारों को चिंता ही नहीं है।
हादसों का कारण बनती अवैध रिफिलिंग
वाहनों से लेकर छोटे सिलिंडरों में होने वाली अवैध रिफिलिंग से सरकार की रियायती एवं किफायती रसोई गैस के लिए दी जाने वाली करोड़ों की सब्सिडी पर तो खुलेआम डाका पड़ ही रहा है, साथ में यह दुर्घटनाओं का कारण भी बनता है।
शहर में धन्नूपुरवा के आसपास, पिहानी चुंगी, सीतापुर रोड, लखनऊ रोड के आस पास गलियों में इस तरह की अवैध रिफिलिंग होती है।
इस ओर संबंधित विभागों के अधिकारियों से जानकारी करेंगी। इसके बाद नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित होगी।
-वंदना त्रिवेदी, एडीएम
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सरकार ने नई व्यवस्था के तहत रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी को निरंतर कम किया तो इस सब्सिडी पर सस्ती रसोई गैस लेकर फर्राटा भरने वाले वाहनों के मालिकों ने जुगाड़ बना लिया।
इस समय रसोई गैस में सबसे ज्यादा सब्सिडी उज्ज्वला योजना के तहत हुए कनेक्शन धारकों को मिलती तो सो जुगाड़बाजी में ऐसे सिलिंडर हासिल करने के साथ रसोई गैस के निजी प्रयोग वाले सिलिंडर के सहारे जिले भर में सैकड़ों वाहन फर्राटा भर रहे, मगर जिम्मेदार जानकर भी अनजान बन रहे हैं।
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इतना ही नहीं निजी प्रयोग वाले सिलिंडरों से छोटे सिलिंडरों में अवैध रूप से रिफिलिंग कर रसोई गैस का अवैध कारोबार खुलेआम हो रहा है। जिले में करीब 50 से अधिक गैस एजेंसियां हैं, जिनके करीब पांच लाख से अधिक गैस कनेक्शनधारक हैं।
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इन कनेक्शनों में तीन लाख से अधिक उज्ज्वला के तहत गैस कनेक्शन हैं, जबकि पूरे जिले में कामर्शियल गैस कनेक्शनों की संख्या 10 हजार भी नहीं है।
नियमानुसार व्यापारिक गतिविधियों में यदि रसोई गैस की जरूरत है, लेकिन ज्यादातर इन स्थानों पर निजी प्रयोग वाले रसोई गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
इन्हीं सिलिंडरों से अवैध रूप से वाहनों में रिफिलिंग करने के साथ ही छोटे सिलिंडर में गैस भर कर अवैध कारोबार किया जाता है। इस संबंध में जब एआरटीओ प्रवर्तन एवं डीएसओ से बात करने का प्रयास किया गया तो पता चला कि वे मीटिंग में है ।
महंगे पेट्रोल ने बढ़ा दी किटों की डिमांड
बाजार के जुड़े सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल की बढ़ी कीमतों ने एलपीजी किटों की डिमांड बढ़ा दी है। अधिकांश वाहन स्वामियों ने जुगाड़ से एलपीजी किट को वाहनों में फिट कराकर रसोई गैस की रिफिलिंग से वाहनों को सड़क पर चला रखा है।
एलपीजी पंप न होने के बाद भी सड़कों पर एलपीजी वाले वाहन किस तरह से फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन इनकी रोकथाम के लिए विभागीय जिम्मेदारों को चिंता ही नहीं है।
हादसों का कारण बनती अवैध रिफिलिंग
वाहनों से लेकर छोटे सिलिंडरों में होने वाली अवैध रिफिलिंग से सरकार की रियायती एवं किफायती रसोई गैस के लिए दी जाने वाली करोड़ों की सब्सिडी पर तो खुलेआम डाका पड़ ही रहा है, साथ में यह दुर्घटनाओं का कारण भी बनता है।
शहर में धन्नूपुरवा के आसपास, पिहानी चुंगी, सीतापुर रोड, लखनऊ रोड के आस पास गलियों में इस तरह की अवैध रिफिलिंग होती है।
इस ओर संबंधित विभागों के अधिकारियों से जानकारी करेंगी। इसके बाद नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित होगी।
-वंदना त्रिवेदी, एडीएम