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डिपाजिट के लिए अब बैंकों मेें हलचल

Sat, 14 Feb 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Sat, 14 Feb 2015 11:43 PM IST
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Stir to deposit in banks

चालू वित्तीय वर्ष अब अंतिम दौर में है, जिससे बैंक

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की शाखाओं ज्यादा से ज्यादा डिपाजिट हासिल करने को बैंकों में खलबली मच गई है। इसके लिए एफडी पर आकर्षक योजनाएं देकर निवेशकाें को आकर्षित किया जा रहा हैं। इसके अलावा सरकारी विभागों के अफसरों से भी मनुहार की जा रही, ताकि सरकारी फंड के एकाउंट एवं डिपाजिट हासिल किए जा सके।

ज्ञात हो कि जिले में निजी क्षेत्र, सहकारी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र की 225 बैंक शाखाएं है। इन सभी बैंकों को चालू वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 2500 करोड़ का डिपाजिट लक्ष्य हैं। जिसे पूरा करने को बैंक अफसरों को पसीना आ रहा हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन बैंक शाखाओं के  सामने हैं, जो अभी शुरू हुई हैं।

इस बाबत स्टेट बैंक मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक एचआर पांडेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम दौर में बैंकों पर डिपाजिट बढ़ाने को लेकर काफी प्रेशर रहता हैं। ऐसे में बैंकें नए डिपाजिट के साथ कर्ज की वसूली को भी प्रयास कर रही हैं, ताकि बैंकाें में ज्यादा से ज्यादा डिपाजिट हो सके।

उधर, डिपाजिट लक्ष्य पूरा करने को विभागों से फंड एवं एकाउंट हासिल करने को सक्रिय बैंकों के अफसरों का कहना हैं कि ऐसी बैंकों को प्राथमिकता पर फंड देना चाहिए जो सरकारी योजनाओं में खाता खोलने से लेकर कर्ज देने में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

उधर, जिले में दो सालों के दौरान 43 नई बैंक शाखाएं खुली हैं, जिससे शाखाओं की संख्या 225 के पास पहुंच गई है। केंद्र सरकार की वित्तीय समावेशन योजना के तहत अभी करीब 89 बैंक शाखाएं खोलाना प्रस्तावित हैं। बैंकों से जुडे़ लोगों का कहना है कि बैंक शाखाएं बढ़ने से लाइन मुक्त बैंकिंग की ओर कदम बढ़ रहे, जिससे ग्राहकों को सुविधा हो रही, पर इससे व्यवसाय को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।

उधर, डिपाजिट को बढ़ावा देने को स्टेट बैंक ने एफडी के अगेन कर्ज की ओवर ड्राफ्ट सुविधा जहां डिपाजिट राशि की 95 प्रतिशत तक सुविधा दी है, वहीं ओडी की कर्ज राशि पर एफडी पर मिलने वाले ब्याज से आधा फीसदी ज्यादा ब्याज ले रही है। स्टेट बैंक के मुख्य ब्रांच के मुख्य प्रबंधक पांडेय के अनुसार, अगर एफडी पर 9 प्रतिशत ब्याज है तो एफडी अगेन ओडी पर 9.5 प्रतिशत ब्याज लगेगा।

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