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यूपी: सपा नेता सुभाष पाल छह माह के लिए जिला बदर, डीएम ने जारी किया आदेश
Wed, 16 Jun 2021 10:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 16 Jun 2021 10:43 PM IST
सार
डीएम अविनाश कुमार ने कहा है कि छह माह जिला बदर के दौरान सुभाष पाल जहां कहीं भी रहेगा उसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक हरदोई को भी उपलब्ध कराएगा। न्यायालय की अनुमति के बिना जनपद में प्रवेश पूरी तरह निषेध रहेगा।
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नेता सुभाष पाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शराब माफिया घोषित समाजवादी पार्टी के नेता सुभाष पाल पर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से पहले ही शिकंजा कस गया है । बुधवार को सुभाष पाल को छह माह के लिए जिलाधिकारी ने जिला बदर कर दिया है।
वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे सुभाष पाल को पुलिस ने शराब माफिया और गैंग लीडर पूर्व में ही घोषित कर दिया था। उनकी और उनके आश्रितों की संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी है।
गुंडा एक्ट और गैंगस्टर के तहत भी उन पर मामले दर्ज हैं। इससे संबंधित प्रकरणों की सुनवाई करने के बाद जिला अधिकारी अविनाश कुमार ने सुभाष पाल को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। इस संबंध में जारी आदेश में डीएम अविनाश कुमार ने कहा है कि छह माह जिला बदर के दौरान सुभाष पाल जहां कहीं भी रहेगा उसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक हरदोई को भी उपलब्ध कराएगा।
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न्यायालय की अनुमति के बिना जनपद में प्रवेश पूरी तरह निषेध रहेगा। यहां उल्लेखनीय है कि सुभाष पाल को अपमिश्रित शराब बनाने और बेचने के आरोप में नामजद किया गया था और उसके बाद से ही उन पर पुलिस और प्रशासन का शिकंजा कसता रहा है।
सुभाष पाल पर फर्रुखाबाद जनपद के राजेपुर थाना क्षेत्र समेत हरदोई जनपद के अलग-अलग थाना कोतवाली में कुल 22 मामले दर्ज हैं। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि समाजवादी पार्टी की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी घोषित की गई मुन्नी देवी गौतम सुभाष पाल की बेहद करीबी हैं ।
सपाइयों ने पूर्व में ही जताया था अंदेशा
चंद रोज पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सुभाष पाल को जिला बदर किए जाने की आशंका जताई थी । सपा कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में सपा के जिला अध्यक्ष जीतेंद्र वर्मा जीतू और पूर्व जिला अध्यक्ष पदम राग सिंह यादव पम्मू ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि जिला प्रशासन सुभाष पाल को जिला बदर करना चाहता है। सुभाष पाल को जिला बदर करने के बावजूद पार्टी पूरी ताकत से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेगी।
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वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे सुभाष पाल को पुलिस ने शराब माफिया और गैंग लीडर पूर्व में ही घोषित कर दिया था। उनकी और उनके आश्रितों की संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी है।
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गुंडा एक्ट और गैंगस्टर के तहत भी उन पर मामले दर्ज हैं। इससे संबंधित प्रकरणों की सुनवाई करने के बाद जिला अधिकारी अविनाश कुमार ने सुभाष पाल को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। इस संबंध में जारी आदेश में डीएम अविनाश कुमार ने कहा है कि छह माह जिला बदर के दौरान सुभाष पाल जहां कहीं भी रहेगा उसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक हरदोई को भी उपलब्ध कराएगा।
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न्यायालय की अनुमति के बिना जनपद में प्रवेश पूरी तरह निषेध रहेगा। यहां उल्लेखनीय है कि सुभाष पाल को अपमिश्रित शराब बनाने और बेचने के आरोप में नामजद किया गया था और उसके बाद से ही उन पर पुलिस और प्रशासन का शिकंजा कसता रहा है।
सुभाष पाल पर फर्रुखाबाद जनपद के राजेपुर थाना क्षेत्र समेत हरदोई जनपद के अलग-अलग थाना कोतवाली में कुल 22 मामले दर्ज हैं। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि समाजवादी पार्टी की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी घोषित की गई मुन्नी देवी गौतम सुभाष पाल की बेहद करीबी हैं ।
सपाइयों ने पूर्व में ही जताया था अंदेशा
चंद रोज पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सुभाष पाल को जिला बदर किए जाने की आशंका जताई थी । सपा कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में सपा के जिला अध्यक्ष जीतेंद्र वर्मा जीतू और पूर्व जिला अध्यक्ष पदम राग सिंह यादव पम्मू ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि जिला प्रशासन सुभाष पाल को जिला बदर करना चाहता है। सुभाष पाल को जिला बदर करने के बावजूद पार्टी पूरी ताकत से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेगी।