{"_id":"604cfc078ebc3e5918521bda","slug":"somewhere-the-floor-is-broken-somewhere-there-is-a-wall-hardoi-news-knp6174393138","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं फर्श टूटी, कहीं चहार दीवारी, कायाकल्प की बलिहारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं फर्श टूटी, कहीं चहार दीवारी, कायाकल्प की बलिहारी
विज्ञापन
फोटो-1-उच्च प्राथमिक विद्यालय कुरसठ की टूटी चहार दीवारी और विद्यालय जाने वाला कच्चा रास्ता। संवा?
- फोटो : HARDOI
माधौगंज। मिशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने की कवायद सुस्त हो गई है। नतीजा यह है कि अधिकांश विद्यालयों में मिशन कायाकल्प के तहत कोई कार्य हो ही नहीं पा रहा है। विद्यालयों की न तो फर्श बन पा रही हैं और न ही शौचालय। कई विद्यालय तो ऐसे है जहां बाउंड्रीवाल तक नहीं है। और तो और विद्यालय जाने वाली सड़क की दशा भी खराब है।
माधौगंज विकास खंड के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय कुरसठ में बाउंड्रहीवाल तक नहीं है।
माधौगंज विकास खंड के कन्या प्राथमिक विद्यालय जलिहापुर का भी कायाकल्प नहीं हो पाया है। इस विद्यालय में फर्श के नाम पर ईंटें लगी हुई हैं। टायल्स तो दूर की कौड़ी है और अभी यहां सीमेंट की फर्श तक के लाले हैं। यहां की चहार-दीवारी भी टूटी है।
माधौगंज विकास खंड के ही प्राथमिक विद्यालय रमुवापुर में भी मिशन कायाकल्प के तहत चल रहे कार्यों में शौचालयों तक का निर्माण अधूरा है। लघुशंका और शौच के लिए विद्यार्थियों को अपने घरों का ही रुख करना होता है।
विज्ञापन
ग्राम विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार के पास कुरसठ और जलिहापुर का कार्यभार है। उनका कहना है कि उच्च प्राथमिक विद्यालय कुरसठ की बाउंड्रीवाल और सड़क का निर्माण तकनीकी कारणों की वजह से नहीं हो पा रहा है।
विद्यालय की बाउंड्रीवाल और सड़क कुरसठ नगर पंचायत क्षेत्र में है। इसलिए इसका निर्माण ग्राम पंचायत की ओर से नहीं कराया जा सकता। कन्या प्राथमिक विद्यालय जलिहापुर की फर्श की दशा सुधार का कार्य कराने और मिशन कायाकल्प के तहत अनुमन्य प्रावधानों के तहत कार्य कराने की बात उन्होंने कही।
ग्राम निधि से कराए जाने थे कार्य
मिशन कायाकल्प के तहत सभी कार्य ग्राम पंचायतों को मिलने वाले बजट से होने थे। ग्राम निधि में राज्य वित्त, 14वें वित्त सहित विभिन्न माध्यमों से विकास कार्य के लिए बजट मिलता है।
आम तौर पर बजट का उपयोग ग्राम प्रधान और सचिव के स्तर से ऐसे कार्यों में कर लिया जाता है, जिनका बहुत अधिक लाभ ग्रामीणों को नहीं मिलता है। इसी खेल को रोकने के लिए मिशन कायाकल्प शुरू किया गया था, लेकिन यह भी परवान नहीं चढ़ सका।
विज्ञापन
माधौगंज विकास खंड के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय कुरसठ में बाउंड्रहीवाल तक नहीं है।
माधौगंज विकास खंड के कन्या प्राथमिक विद्यालय जलिहापुर का भी कायाकल्प नहीं हो पाया है। इस विद्यालय में फर्श के नाम पर ईंटें लगी हुई हैं। टायल्स तो दूर की कौड़ी है और अभी यहां सीमेंट की फर्श तक के लाले हैं। यहां की चहार-दीवारी भी टूटी है।
विज्ञापन
माधौगंज विकास खंड के ही प्राथमिक विद्यालय रमुवापुर में भी मिशन कायाकल्प के तहत चल रहे कार्यों में शौचालयों तक का निर्माण अधूरा है। लघुशंका और शौच के लिए विद्यार्थियों को अपने घरों का ही रुख करना होता है।
विज्ञापन
ग्राम विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार के पास कुरसठ और जलिहापुर का कार्यभार है। उनका कहना है कि उच्च प्राथमिक विद्यालय कुरसठ की बाउंड्रीवाल और सड़क का निर्माण तकनीकी कारणों की वजह से नहीं हो पा रहा है।
विद्यालय की बाउंड्रीवाल और सड़क कुरसठ नगर पंचायत क्षेत्र में है। इसलिए इसका निर्माण ग्राम पंचायत की ओर से नहीं कराया जा सकता। कन्या प्राथमिक विद्यालय जलिहापुर की फर्श की दशा सुधार का कार्य कराने और मिशन कायाकल्प के तहत अनुमन्य प्रावधानों के तहत कार्य कराने की बात उन्होंने कही।
ग्राम निधि से कराए जाने थे कार्य
मिशन कायाकल्प के तहत सभी कार्य ग्राम पंचायतों को मिलने वाले बजट से होने थे। ग्राम निधि में राज्य वित्त, 14वें वित्त सहित विभिन्न माध्यमों से विकास कार्य के लिए बजट मिलता है।
आम तौर पर बजट का उपयोग ग्राम प्रधान और सचिव के स्तर से ऐसे कार्यों में कर लिया जाता है, जिनका बहुत अधिक लाभ ग्रामीणों को नहीं मिलता है। इसी खेल को रोकने के लिए मिशन कायाकल्प शुरू किया गया था, लेकिन यह भी परवान नहीं चढ़ सका।

फोटो-2-कन्या प्राथमिक विद्यालय जलिहापुर में कुछ ऐसी है कक्ष में फर्श की दशा। संवाद- फोटो : HARDOI

फोटो-3-प्राथमिक विद्यालय रमुवापुर में अधूरे पड़े हैं शौचालय। संवाद- फोटो : HARDOI