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Hardoi News: किसी ने टेंडर तो किसी ने कोटेशन से खरीदे ई-रिक्शा
Thu, 27 Feb 2025 11:28 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Thu, 27 Feb 2025 11:28 PM IST
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खास खबर-- -- -- -- --
- डीएम ने डीपीआरओ से तलब किया ई-रिक्शों की खरीद का ब्योरा
- 361 ग्राम पंचायतों में खरीदे गए हैं 442 ई-रिक्शा
आनंद मिश्रा
हरदोई। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद में ई-रिक्शों की खरीद जेम पोर्टल से नहीं हुई है। जिले की 361 ग्राम पंचायतों में 442 ई-रिक्शा खरीदे गए हैं।
खास बात यह है कि केंद्रीयकृत खरीद (सेंट्रल परचेज) न होने के बाद भी कुछ चुनिंदा फर्माें से ही ई-रिक्शों की खरीद की गई है। ज्यादातर ग्राम पंचायतों ने टेंडर के जरिए ई-रिक्शा खरीदे जाने का दावा किया है। बावजूद इसके खरीदे गए ई-रिक्शों की कीमत अलग-अलग हैं। बड़ी संख्या में ऐसी ग्राम पंचायतें भी हैं जिन्होंने न तो कोटेशन लिया और न ही टेंडर किए, लेकिन ई-रिक्शा ले लिए।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ई-रिक्शा की खरीद हुई है। बीते दिनों जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कुछ गोपनीय सूचनाएं मिलने के बाद ई-रिक्शा खरीद का पूरा ब्योरा तलब किया था। डीएम ने पूछा था कि ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए कितने ई-रिक्शे जेम पोर्टल से खरीदे गए।
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खरीदे गए ई-रिक्शों की संख्या, फर्म का नाम और मूल्य का ब्योरा डीएम ने डीपीआरओ विनय कुमार सिंह से मांगा था। इस पर डीपीआरओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों से भी पत्र भेजकर जानकारी मांगी थी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक यह ब्योरा तैयार हो गया है। ब्योरे के मुताबिक सभी 19 विकास खंडों की 361 ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा खरीदे गए हैं।
कुल 442 ई-रिक्शा की खरीद हुई है। सबसे कम एक ही ई-रिक्शा शाहाबाद में विकास खंड की दलेलनगर ग्राम पंचायत में खरीदा गया है, जबकि सबसे ज्यादा 41 ई-रिक्शा पिहानी विकास खंड की तीस ग्राम पंचायतों में खरीदे गए हैं।
इनसेट
एक ही रिक्शा के अलग-अलग मूल्य
- कछौना विकास खंड के 29 गांवों में 39 ई-रिक्शा खरीदे गए हैं। इसी विकास खंड की गाजू ग्राम पंचायत ने शिवांश गुप्ता इंटरप्राइजेज से 1,88,500 रुपये में एक ई-रिक्शा खरीदा है। इसी विकास खंड की तेरिया दहिगवां ने ग्राम पंचायत ने पदमपति इंटरप्राइजेज से 1,41,000 रुपये में ई-रिक्शा खरीदा है।
- इसी विकास खंड की खजोहना ग्राम पंचायत ने भी पदमपति इंटरप्राइजेज से एक ई-रिक्शा 1,65,000 हजार रुपये में खरीदा है। भरावन विकास खंड की 26 ग्राम पंचायतों में 33 ई-रिक्शा खरीदे गए हैं। इनमें से छह गांवों में ई-रिक्शा बालाजी ट्रेडर्स से खरीदे गए, जबकि 17 गांवों में ई-रिक्शा डीसी ट्रेडर्स से खरीद लिए गए। मारुतिनंदन सप्लायर्स से एक ग्राम पंचायत ने और ग्रीन वे सप्लायर्स से दो ग्राम पंचायतों ने ई-रिक्शा खरीदे। इस विकास खंड में सभी ई-रिक्शा 1,65,000 रुपये में खरीदे गए।
- सांडी विकास खंड की ग्राम पंचायत सेमरिया में मां लक्ष्मी एसोसिएट ने ई-रिक्शा 1,64,000 रुपये में बेचे। यही ई-रिक्शा पिहानी विकास खंड की ग्राम पंचायत गजुआखेड़ा, रसूलपुर, अंदा इब्राहिमपुर, रजुआपुर और सहादतनगर में 1,64,500 रुपये में इसी फर्म ने बेचे। पिहानी विकास खंड की ही नेदुरा ग्राम पंचायत में एक ई-रिक्शा अवस्थी ट्रेडर्स से 1,58,800 रुपये में खरीदा गया।
इनसेट
21 ई-रिक्शा कैसे खरीदे, खरीदने वाले को भी नहीं पता
जनपद में दो विकास खंडों में अलग अलग ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा की खरीद में गजब ही हाल दिखा। कछौना और टोडरपुर में खरीद करने वाले यही नहीं बता पाए कि खरीदने के लिए प्रक्रिया क्या अपनाई गई। खरीद के तरीके को इन लोगों ने जिला मुख्यालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में रिक्त छोड़ दिया है।
इनसेट
सात ग्राम पंचायतों ने भुगतान रोका
ई-रिक्शा खरीद प्रक्रिया को लेकर डीएम की सख्ती के बाद बिलग्राम विकास खंड की सात ग्राम पंचायतों ने फौरी तौर पर भुगतान रोक दिया है। बिलग्राम विकास खंड के अजमतनगर, बघियारी, डाभा, हैबतपुर, हसनापुर, कुंदरौली सादिकपुर और सढि़यापुर में ई-रिक्शा तो ले लिए गए, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
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- डीएम ने डीपीआरओ से तलब किया ई-रिक्शों की खरीद का ब्योरा
- 361 ग्राम पंचायतों में खरीदे गए हैं 442 ई-रिक्शा
आनंद मिश्रा
हरदोई। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद में ई-रिक्शों की खरीद जेम पोर्टल से नहीं हुई है। जिले की 361 ग्राम पंचायतों में 442 ई-रिक्शा खरीदे गए हैं।
खास बात यह है कि केंद्रीयकृत खरीद (सेंट्रल परचेज) न होने के बाद भी कुछ चुनिंदा फर्माें से ही ई-रिक्शों की खरीद की गई है। ज्यादातर ग्राम पंचायतों ने टेंडर के जरिए ई-रिक्शा खरीदे जाने का दावा किया है। बावजूद इसके खरीदे गए ई-रिक्शों की कीमत अलग-अलग हैं। बड़ी संख्या में ऐसी ग्राम पंचायतें भी हैं जिन्होंने न तो कोटेशन लिया और न ही टेंडर किए, लेकिन ई-रिक्शा ले लिए।
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ई-रिक्शा की खरीद हुई है। बीते दिनों जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कुछ गोपनीय सूचनाएं मिलने के बाद ई-रिक्शा खरीद का पूरा ब्योरा तलब किया था। डीएम ने पूछा था कि ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए कितने ई-रिक्शे जेम पोर्टल से खरीदे गए।
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खरीदे गए ई-रिक्शों की संख्या, फर्म का नाम और मूल्य का ब्योरा डीएम ने डीपीआरओ विनय कुमार सिंह से मांगा था। इस पर डीपीआरओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों से भी पत्र भेजकर जानकारी मांगी थी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक यह ब्योरा तैयार हो गया है। ब्योरे के मुताबिक सभी 19 विकास खंडों की 361 ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा खरीदे गए हैं।
कुल 442 ई-रिक्शा की खरीद हुई है। सबसे कम एक ही ई-रिक्शा शाहाबाद में विकास खंड की दलेलनगर ग्राम पंचायत में खरीदा गया है, जबकि सबसे ज्यादा 41 ई-रिक्शा पिहानी विकास खंड की तीस ग्राम पंचायतों में खरीदे गए हैं।
इनसेट
एक ही रिक्शा के अलग-अलग मूल्य
- कछौना विकास खंड के 29 गांवों में 39 ई-रिक्शा खरीदे गए हैं। इसी विकास खंड की गाजू ग्राम पंचायत ने शिवांश गुप्ता इंटरप्राइजेज से 1,88,500 रुपये में एक ई-रिक्शा खरीदा है। इसी विकास खंड की तेरिया दहिगवां ने ग्राम पंचायत ने पदमपति इंटरप्राइजेज से 1,41,000 रुपये में ई-रिक्शा खरीदा है।
- इसी विकास खंड की खजोहना ग्राम पंचायत ने भी पदमपति इंटरप्राइजेज से एक ई-रिक्शा 1,65,000 हजार रुपये में खरीदा है। भरावन विकास खंड की 26 ग्राम पंचायतों में 33 ई-रिक्शा खरीदे गए हैं। इनमें से छह गांवों में ई-रिक्शा बालाजी ट्रेडर्स से खरीदे गए, जबकि 17 गांवों में ई-रिक्शा डीसी ट्रेडर्स से खरीद लिए गए। मारुतिनंदन सप्लायर्स से एक ग्राम पंचायत ने और ग्रीन वे सप्लायर्स से दो ग्राम पंचायतों ने ई-रिक्शा खरीदे। इस विकास खंड में सभी ई-रिक्शा 1,65,000 रुपये में खरीदे गए।
- सांडी विकास खंड की ग्राम पंचायत सेमरिया में मां लक्ष्मी एसोसिएट ने ई-रिक्शा 1,64,000 रुपये में बेचे। यही ई-रिक्शा पिहानी विकास खंड की ग्राम पंचायत गजुआखेड़ा, रसूलपुर, अंदा इब्राहिमपुर, रजुआपुर और सहादतनगर में 1,64,500 रुपये में इसी फर्म ने बेचे। पिहानी विकास खंड की ही नेदुरा ग्राम पंचायत में एक ई-रिक्शा अवस्थी ट्रेडर्स से 1,58,800 रुपये में खरीदा गया।
इनसेट
21 ई-रिक्शा कैसे खरीदे, खरीदने वाले को भी नहीं पता
जनपद में दो विकास खंडों में अलग अलग ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा की खरीद में गजब ही हाल दिखा। कछौना और टोडरपुर में खरीद करने वाले यही नहीं बता पाए कि खरीदने के लिए प्रक्रिया क्या अपनाई गई। खरीद के तरीके को इन लोगों ने जिला मुख्यालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में रिक्त छोड़ दिया है।
इनसेट
सात ग्राम पंचायतों ने भुगतान रोका
ई-रिक्शा खरीद प्रक्रिया को लेकर डीएम की सख्ती के बाद बिलग्राम विकास खंड की सात ग्राम पंचायतों ने फौरी तौर पर भुगतान रोक दिया है। बिलग्राम विकास खंड के अजमतनगर, बघियारी, डाभा, हैबतपुर, हसनापुर, कुंदरौली सादिकपुर और सढि़यापुर में ई-रिक्शा तो ले लिए गए, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।