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समाजसेवी होंगे मेहरबान तो दान से 200 विद्यालय बनेंगे स्मार्ट
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तैयारियों में लगा जिले का शिक्षा विभाग। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। वैसे तो जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने की योजना है, लेकिन इस बार विभाग जल्द से जल्द 200 विद्यालयों को पूरी तरह से स्मार्ट बनाने की कवायद कर रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो जिले के दानदाताओं ने सहयोग किया तो प्रदेश में सूबे के परिषदीय स्कूल चमकते नजर आएंगे।
परिषदीय स्कूलों को हाईटेक करने के लिए सरकार भले ही एक रुपये भी खर्च नहीं करेगी लेकिन शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन खुद ऐसे दानदाता की तलाश करेंगे जो इन क्लासों को बनाने में आर्थिक मदद कर सकें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो किताबों पर पड़े बार कोड को दीक्षा एप के जरिए स्कैन कर पूरे अध्याय को स्मार्ट फोन, लैपटॉप आदि पर ऑनलाइन पढ़ा जा सकता है।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। शिक्षकों के लिए स्मार्ट फोन से पूरी क्लास को ऑनलाइन पढ़ाना संभव नहीं है। ऐसे में हर विद्यालय में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्ट क्लास की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके लिए बेसिक शिक्षा ने ऐसे लोगों या संस्थाओं की तलाश करने को कहा है जो स्मार्ट क्लास के लिए आर्थिक मदद या फिर सामान जैसे जेनरेटर, इनवर्टर, कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर आदि दे सकें।
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जिला समन्वयक प्रशिक्षण राकेश शुक्ला ने बताया कि ऐसा नहीं है कि जिले के परिषदीय विद्यालय पिछड़े हैं। कायाकल्प ने स्कूलों को काफी हद तक बदल दिया है, लेकिन तकनीकी की जरूरत अभी भी है चूंकि सरकार की ओर से इस पर कोई बजट नहीं है। इसलिए जिले के दानियों से ही अपेक्षा है कि वे अपने योगदान से स्कूलों का कायापलट करें। यदि कोई इच्छुक हो तो उनसे संपर्क कर सकता है।
मिशन प्रेरणा को प्रभावी बनाएंगे 200 शिक्षक
मिशन प्रेरणा को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक से 10-10 ऐसे शिक्षक चयनित किए जाएंगे, जो मिशन को अपने क्षेत्रों में प्रभावी बना सकें । जिला समन्वयक प्रशिक्षण ने बताया कि मिशन प्रेरणा को क्रियान्वित कराने के लिए जिले में अकेडमिक रिसोर्स पर्सन एआरपी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा भी दो सौ शिक्षक ऐसे तलाशे जा रहे हैं जो मिशन प्रेरणा के लक्ष्यों को पूरा कर सकें।
जिले के एक हजार विद्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य
बीएसए हेमंत राव ने बताया कि साल के अंत तक जिले के चार हजार विद्यालयों में से एक हजार को स्मार्ट बनाया जाएगा। अभी शुरुआत में दो सौ विद्यालयों को स्मार्ट बनाने की कवायद चल रही है।
अभी तक 120 विद्यालयों को मिले स्मार्ट टीवी
जिला समन्वयक प्रशिक्षण ने बताया कि जिले में अभी तक सहयोग से 120 विद्यालयों को स्मार्ट टीवी दिए जा चुके हैं। ताकि विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं संचालित की जा रहीं हैं।
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परिषदीय स्कूलों को हाईटेक करने के लिए सरकार भले ही एक रुपये भी खर्च नहीं करेगी लेकिन शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन खुद ऐसे दानदाता की तलाश करेंगे जो इन क्लासों को बनाने में आर्थिक मदद कर सकें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो किताबों पर पड़े बार कोड को दीक्षा एप के जरिए स्कैन कर पूरे अध्याय को स्मार्ट फोन, लैपटॉप आदि पर ऑनलाइन पढ़ा जा सकता है।
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। शिक्षकों के लिए स्मार्ट फोन से पूरी क्लास को ऑनलाइन पढ़ाना संभव नहीं है। ऐसे में हर विद्यालय में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्ट क्लास की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके लिए बेसिक शिक्षा ने ऐसे लोगों या संस्थाओं की तलाश करने को कहा है जो स्मार्ट क्लास के लिए आर्थिक मदद या फिर सामान जैसे जेनरेटर, इनवर्टर, कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर आदि दे सकें।
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जिला समन्वयक प्रशिक्षण राकेश शुक्ला ने बताया कि ऐसा नहीं है कि जिले के परिषदीय विद्यालय पिछड़े हैं। कायाकल्प ने स्कूलों को काफी हद तक बदल दिया है, लेकिन तकनीकी की जरूरत अभी भी है चूंकि सरकार की ओर से इस पर कोई बजट नहीं है। इसलिए जिले के दानियों से ही अपेक्षा है कि वे अपने योगदान से स्कूलों का कायापलट करें। यदि कोई इच्छुक हो तो उनसे संपर्क कर सकता है।
मिशन प्रेरणा को प्रभावी बनाएंगे 200 शिक्षक
मिशन प्रेरणा को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक से 10-10 ऐसे शिक्षक चयनित किए जाएंगे, जो मिशन को अपने क्षेत्रों में प्रभावी बना सकें । जिला समन्वयक प्रशिक्षण ने बताया कि मिशन प्रेरणा को क्रियान्वित कराने के लिए जिले में अकेडमिक रिसोर्स पर्सन एआरपी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा भी दो सौ शिक्षक ऐसे तलाशे जा रहे हैं जो मिशन प्रेरणा के लक्ष्यों को पूरा कर सकें।
जिले के एक हजार विद्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य
बीएसए हेमंत राव ने बताया कि साल के अंत तक जिले के चार हजार विद्यालयों में से एक हजार को स्मार्ट बनाया जाएगा। अभी शुरुआत में दो सौ विद्यालयों को स्मार्ट बनाने की कवायद चल रही है।
अभी तक 120 विद्यालयों को मिले स्मार्ट टीवी
जिला समन्वयक प्रशिक्षण ने बताया कि जिले में अभी तक सहयोग से 120 विद्यालयों को स्मार्ट टीवी दिए जा चुके हैं। ताकि विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं संचालित की जा रहीं हैं।

फोटो-20-जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव। संवाद- फोटो : HARDOI