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Hardoi News: ... तो बुखार से नहीं फेफड़े गलने से चली गई शिवरतन की जान

Tue, 29 Aug 2023 10:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Aug 2023 10:49 PM IST
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... So Shivratan's life was lost not due to fever
संवाद न्यूज एजेंसी
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टड़ियावां/हरदोई। टड़ियावां विकास खंड के गौराडांडा गांव में बुखार से दो लोगों की मौत की जांच के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम में शामिल अफसरों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद एक शख्स की बुखार से मौत की पुष्टि की, लेकिन बुजुर्ग की मौत के मामले में लीपापोती कर दी।
गौराडांडा में 26 अगस्त की रात शिवरतन (60) और 27 अगस्त की सुबह गांव के ही फारूख (40) की मौत हो गई थी। दोनों के परिजनों ने दावा किया था कि यह लोग बुखार से पीड़ित थे और इसी के चलते इनकी मौत हुई। मंगलवार को टड़ियावां सीएचसी के अधीक्षक डा. सुशील कनौजियाऔर डाॅ. चंद्रभूषण गौराडांडा पहुंचे और दोनों मृतकों के बारे में जानकारी की।
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देर शाम डा. सुशील कनौजिया ने बताया कि मोहम्मद फारूख को 23 अगस्त को बुखार आया था। उसने टड़ियावां के एक प्राइवेट चिकित्सक से दवा ली थी। 27 अगस्त को सुबह लगभग नौ बजे खेत पर गया था और वहीं गश खाकर गिर पड़ा। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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विभाग ने झाड़ा पल्ला
उसकी मौत बुखार के चलते होने की पुष्टि डा. सुशील ने की। शिवरतन की मौत को लेकर डाॅ. सुशील का दावा है कि शिवरतन को वर्ष 2014 में टीबी हो गई थी। इलाज चला था और ठीक हो गए थे, लेकिन उनके फेफड़े गल गए थे। इसके चलते सांस की बीमारी हो गई थी। सांस उखड़ने के कारण उनकी मौत हुई। कुल मिलाकर स्वास्थ्य महकमे ने लापरवाही को सिरे से खारिज कर दिया है।
बयान में विरोधाभास
डॉ. सुशील कनौजिया के मुताबिक शिवरतन की टीबी ठीक हो गई थी, लेकिन उसके फेफड़े गल गए थे। उक्त दोनों ही बातें विरोधाभासी हैं। अगर टीबी ठीक हो गई थी, तो फेफड़े कैसे गल गए। बहुत संभव है कि कागजों में टीबी ठीक हुई हो, दवा बंद करदी गई हो। नतीजे में फेफड़े गल गए और मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त करने का संकल्प लिया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

जांच में 35 और मिले बुखार पीड़ित
गौराडांडा में मंगलवार को भी स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। चिकित्सकों ने बीमार लोगों की जांच की। मंगलवार को यहां 35 और लोग बुखार से पीड़ित मिले। लालपुर भैंसरी गांव में भी बड़ी संख्या में लोगों के बुखार से पीड़ित होने की जानकारी गांव के ही नरेश ने दी है। सीएचसी अधीक्षक डा. सुशील का कहना है कि संज्ञान में आया है। अब बुधवार को वहां भी टीम भेजी जाएगी।
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