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...तो ध्यान रहे पशु भी बांटते हैं मौत : कुसुम
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 25 Apr 2015 11:58 PM IST
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पशुआें से मनुष्यों को होने वाली बीमारियां और भी घातक हो जाती हैं। यदि
कहा जाए कि पशु भी बीमारियों के नाम पर मौत बांटने हैं तो गलत न होगा। विश्व
पशु चिकित्सा दिवस पर शनिवार को एक होटल में हुई गोष्ठी में बोलते हुए
सर्वोदय आश्रम की सचिव कुसुम जौहरी ने यह बात कही।
कहा कि बर्ड फ्लू से लेकर स्वाइन फ्लू इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। एक बार पशु इन बीमारियों को फैलाना शुरू कर करते हैं, तो किसी तरह से कोई रोकथाम संभव नहीं हो पाती, इसलिए पूर्व से ही ऐसी सावधानियां रखे कि बीमारियां न फटकें। मैन काइंड फार्मा के प्रदीप सिंह ने कृत्रिम गर्भाधान, खुरपका, बुखार, मुंहपका आदि के बाबत जानकारी दी।
गोष्ठी में पशुओं से मनुष्यों में होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई और व्यापक रूप से पशुओं का कल्याण कैसे हो इसके बारे में बताया गया। पशुओं से कौन-कौन सी बीमारियां मनुष्यों में होती हैं और इनके बचाव तरीके बताए गए। बताया गया कि विश्व पशु चिकित्सा दिवस प्रत्येक वर्ष अप्रैल के अंतिम शनिवार को मनाया जाता है।
इसकी शुरुआत लगभग 17 वर्ष पूर्व विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों के क्रम में की गई। इसका मुख्य उद्देश्य जनमानस को पशुओं के बेहतर रख रखाव, उनके कल्याण एवं चिकित्सा के प्रति जागरूक करना है। इस मौके पर सर्वेश शर्मा, तरुन बाजपेई, आरपी सिंह, डा. कमलेश सिंह आदि मौजूद थे।
कहा कि बर्ड फ्लू से लेकर स्वाइन फ्लू इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। एक बार पशु इन बीमारियों को फैलाना शुरू कर करते हैं, तो किसी तरह से कोई रोकथाम संभव नहीं हो पाती, इसलिए पूर्व से ही ऐसी सावधानियां रखे कि बीमारियां न फटकें। मैन काइंड फार्मा के प्रदीप सिंह ने कृत्रिम गर्भाधान, खुरपका, बुखार, मुंहपका आदि के बाबत जानकारी दी।
गोष्ठी में पशुओं से मनुष्यों में होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई और व्यापक रूप से पशुओं का कल्याण कैसे हो इसके बारे में बताया गया। पशुओं से कौन-कौन सी बीमारियां मनुष्यों में होती हैं और इनके बचाव तरीके बताए गए। बताया गया कि विश्व पशु चिकित्सा दिवस प्रत्येक वर्ष अप्रैल के अंतिम शनिवार को मनाया जाता है।
इसकी शुरुआत लगभग 17 वर्ष पूर्व विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों के क्रम में की गई। इसका मुख्य उद्देश्य जनमानस को पशुओं के बेहतर रख रखाव, उनके कल्याण एवं चिकित्सा के प्रति जागरूक करना है। इस मौके पर सर्वेश शर्मा, तरुन बाजपेई, आरपी सिंह, डा. कमलेश सिंह आदि मौजूद थे।