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देर शाम गंगा के कटान में समा गए छह और मकान
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बिलग्राम (हरदोई)। उफान पर चल रही गंगा की तेज धार खतरनाक होती जा रही है। गंगा किनारे बसे ग्राम कटरी बिछुइया के लोग दहशतजदा हैं। शनिवार को दिन में छह मकान तेज बहाव में समा गए थे, वहीं देर रात तक छह और मकान बाढ़ में जमींदोज हो गए। लगातार हो रही कटान ने लोगों को पलायन करने पर मजबूर कर दिया है।
क्षेत्र का ग्राम कटरी बिछुइया कई साल से गंगा की तेज धार के निशाने पर है। जितनी रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से नदी के किनारे की मिट्टी व वहां बने मकानों में कटान हो रही है। शनिवार दोपहर चार बजे तक नदी किनारे स्थित कटरी बिछुइया के छह मकान कटान में समा गए थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंच कर एसडीएम बिलग्राम सतेंद्र सिंह ने पीड़ित परिवारों का स्कूल में रहने का प्रबंध करवाया था। देर रात छह और मकान कटान की भेंट चढ़ गए।
लोगों का कहना है कि 16 व 17 अगस्त से शुरू हुई कटान के कारण अब तक 28 मकान पानी की धार में समा गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार पानी बढ़ने के कारण कई लोग सामान समेटकर ऊंचे क्षेत्रों में चले गए हैं। जो यहां रुके हैं, भी वह सामान समेटने में लगे हैं। एसडीएम बिलग्राम सतेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर लेखपाल को भेजा गया है। जिन लोगों के मकान कटान की जद में आए हैं, उन्हें स्कूल में ठहरवाया गया है। उनके खाने पीने समेत अन्य इंतजाम किए गए हैं। सभी को मदद दिलाई जाएगी।
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क्षेत्र का ग्राम कटरी बिछुइया कई साल से गंगा की तेज धार के निशाने पर है। जितनी रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से नदी के किनारे की मिट्टी व वहां बने मकानों में कटान हो रही है। शनिवार दोपहर चार बजे तक नदी किनारे स्थित कटरी बिछुइया के छह मकान कटान में समा गए थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंच कर एसडीएम बिलग्राम सतेंद्र सिंह ने पीड़ित परिवारों का स्कूल में रहने का प्रबंध करवाया था। देर रात छह और मकान कटान की भेंट चढ़ गए।
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लोगों का कहना है कि 16 व 17 अगस्त से शुरू हुई कटान के कारण अब तक 28 मकान पानी की धार में समा गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार पानी बढ़ने के कारण कई लोग सामान समेटकर ऊंचे क्षेत्रों में चले गए हैं। जो यहां रुके हैं, भी वह सामान समेटने में लगे हैं। एसडीएम बिलग्राम सतेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर लेखपाल को भेजा गया है। जिन लोगों के मकान कटान की जद में आए हैं, उन्हें स्कूल में ठहरवाया गया है। उनके खाने पीने समेत अन्य इंतजाम किए गए हैं। सभी को मदद दिलाई जाएगी।
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