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Hardoi News: बहराइच, बनारस, दिल्ली को छोड़कर लंबे रूटों पर एसी बसों का टोटा
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फोटो-23-सूरज गुप्ता। संवाद
हरदोई। गर्मी और उमस के बीच लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों के लिए रोडवेज की साधारण बसों में यात्रा करना परेशानी का सबब बना हुआ है। हरदोई डिपो से बहराइच, बनारस और दिल्ली को छोड़कर अन्य लंबे रूटों पर एसी बसों की सुविधा न होने से यात्रियों को मजबूरी में साधारण बसों का सहारा लेना पड़ रहा है।
निगम के बेड़े में कुल नौ एसी बसें हैं। इनमें तीन दिल्ली, दो बनारस व एक बहराइच रूट के लिए निर्धारित है। वहीं हरदोई से कानपुर, प्रयागराज, आगरा, पलिया, हरिद्वार समेत कई प्रमुख शहरों के लिए एक भी एसी बस की सुविधा नहीं है जबकि रोजाना बड़ी संख्या में नौकरी, व्यापार, पढ़ाई और इलाज के सिलसिले में जाने वाले यात्री इन रूटों पर सफर करते हैं। लंबी दूरी के सफर में गर्मी और उमस के बीच साधारण बसों में यात्रा करना बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अधिक मुश्किल हो गया है।
यात्री बोले
-कानपुर, प्रयागराज, हरिद्वार रूटों पर वातानुकूलित बसों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इससे रोडवेज की आय में वृद्धि होगी। -सूरज गुप्ता, यात्री
-यदि सुबह और शाम के समय एसी बसों के फेरे निर्धारित किए जाएं तो नौकरीपेशा और व्यापारियों समेत अन्य यात्रियों को राहत मिल सकती है। -अनूप अग्निहोत्री, यात्री
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कुल नौ एसी बसों में तीन दिल्ली, दो बनारस व एक बहराइच रूट के लिए संचालित होती है। तीन बसें वापसी के लिहाज से रिजर्व रखी जाती हैं। अभी हाल ही में अन्य रूटों पर एसी बस चलाने की कोई योजना नहीं है। -वैभव सूर्यवंशी, डिपो प्रभारी
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निगम के बेड़े में कुल नौ एसी बसें हैं। इनमें तीन दिल्ली, दो बनारस व एक बहराइच रूट के लिए निर्धारित है। वहीं हरदोई से कानपुर, प्रयागराज, आगरा, पलिया, हरिद्वार समेत कई प्रमुख शहरों के लिए एक भी एसी बस की सुविधा नहीं है जबकि रोजाना बड़ी संख्या में नौकरी, व्यापार, पढ़ाई और इलाज के सिलसिले में जाने वाले यात्री इन रूटों पर सफर करते हैं। लंबी दूरी के सफर में गर्मी और उमस के बीच साधारण बसों में यात्रा करना बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अधिक मुश्किल हो गया है।
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यात्री बोले
-कानपुर, प्रयागराज, हरिद्वार रूटों पर वातानुकूलित बसों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इससे रोडवेज की आय में वृद्धि होगी। -सूरज गुप्ता, यात्री
-यदि सुबह और शाम के समय एसी बसों के फेरे निर्धारित किए जाएं तो नौकरीपेशा और व्यापारियों समेत अन्य यात्रियों को राहत मिल सकती है। -अनूप अग्निहोत्री, यात्री
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कुल नौ एसी बसों में तीन दिल्ली, दो बनारस व एक बहराइच रूट के लिए संचालित होती है। तीन बसें वापसी के लिहाज से रिजर्व रखी जाती हैं। अभी हाल ही में अन्य रूटों पर एसी बस चलाने की कोई योजना नहीं है। -वैभव सूर्यवंशी, डिपो प्रभारी

फोटो-23-सूरज गुप्ता। संवाद