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शिव के तत्व ज्ञान से जीवन में आती है श्रेष्ठता: संत श्रीपाल
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फोटो-15- धर्मोत्सव को संबोधित करते संत श्रीपाल। संवाद
- फोटो : HARDOI
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शिव सत्संग मंडल की ओर से बुधवार को ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कालागाढ़ा में शरदकालीन धर्मोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें संत श्रीपाल ने कहा कि परमात्मा शिव के तत्व ज्ञान से जीवन में श्रेष्ठता आती है और बुराइयों का विनाश होता है।
शिवोपासना, शिव के ध्यान और भजन से जीवन सुखमय हो जाता है। परिवारों में सुख शांति स्थापित होती है। संत ने कहा कि आत्मचिंतन से श्रेष्ठ मूल्यों को जीवन में उतारने का मार्ग प्रशस्त होता हैं।
महामंत्री रवी लाल ने बताया कि वह परमेश्वर अजंमा, अखंड, सर्वज्ञ, सर्वव्यापी सर्वशक्तिमान, निराकार व दिव्य प्रकाश वाला है। यमुना प्रसाद ने कहा कि परमात्मा के ज्ञान को समझने के लिए त्रिनेत्र की जरूरत होती है, जो कि भृकुटि के मध्य विद्यमान है।
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कहा कि आज्ञा चक्र पर ध्यान लगाना ही परमात्मा प्राप्ति का एकमात्र साधन है। धर्म प्रचारक प्रेम कुमार ने कहा कि परमात्मा प्रकाश स्वरूप है। ज्ञान से सकारात्मक क्षमता विकसित होती है।
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शिवोपासना, शिव के ध्यान और भजन से जीवन सुखमय हो जाता है। परिवारों में सुख शांति स्थापित होती है। संत ने कहा कि आत्मचिंतन से श्रेष्ठ मूल्यों को जीवन में उतारने का मार्ग प्रशस्त होता हैं।
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महामंत्री रवी लाल ने बताया कि वह परमेश्वर अजंमा, अखंड, सर्वज्ञ, सर्वव्यापी सर्वशक्तिमान, निराकार व दिव्य प्रकाश वाला है। यमुना प्रसाद ने कहा कि परमात्मा के ज्ञान को समझने के लिए त्रिनेत्र की जरूरत होती है, जो कि भृकुटि के मध्य विद्यमान है।
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कहा कि आज्ञा चक्र पर ध्यान लगाना ही परमात्मा प्राप्ति का एकमात्र साधन है। धर्म प्रचारक प्रेम कुमार ने कहा कि परमात्मा प्रकाश स्वरूप है। ज्ञान से सकारात्मक क्षमता विकसित होती है।