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शेफराल तालाब ने दी हरियावां को गंध मुक्त आबोहवा की सौगात

Sun, 10 Oct 2021 11:31 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 11:31 PM IST
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shefral pond gives pure air to people
हरियावां कस्बे में कुछ इस तरह तैयार किया गया तालाब। संवाद - फोटो : HARDOI
हरियावां। पुडुचेरी विश्वविद्यालय की मदद से कस्बे में ईको फ्रेंडली तालाब तैयार किया गया है। शेफराल (एक प्रकार का जलीय पौधा) तकनीक पर तैयार किया गया तालाब घरों से आने वाले गंदे पानी को साफ करता है। इस तकनीक से जिले का यह पहला सीवर ट्रीटमेंट प्लांट वाला तालाब है। तालाब में ऐसे पौधे लगाए गए हैं जो लगातार पानी को शोधित करके जल स्तर बनाए रखते हैं।
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तालाब कस्बे के बीचोबीच है। आधे कस्बे का पानी नालियों से तालाब तक पहुंचता रहा है। इससे आसपास की आबादी बदबू से परेशान थी। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत निजी क्षेत्र की डीसीएम श्री राम लिमिटेड ने पहल की। कंपनी ने इस तकनीक को ईजाद करने वाले पाडुचेरी विश्वविद्यालय के सहयोग से तालाब का निर्माण करने के साथ ही सुंदरीकरण भी किया है।
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अपशिष्ट जल शोधन बनाने के साथ ही तालाब के आसपास पत्थर लगाए गए हैं। नालियों में जालियां लगाई गई हैं जिससे तालाब में पॉलिथीन न पहुंच सके। इसके अलावा स्लुज गेट भी लगाया गया है, जिसका मुख्य कार्य जलस्तर मेंटेन करना। तालाब में शेफराल पद्धति से बिना मशीन के रोजाना लगभग 85 लीटर पानी शुद्ध हो जाता है।
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शोधन करने के लिए बनाए गए हैं दो टैंक
तालाब को मुख्य तीन भागों में बांटा गया है। जिसमें पहले टैंक में पिस्तिया जलीय पौधे डाले गए हैं। इनका मुख्य काम है दूषित जल को साफ करना। दूसरे टैंक में मार्सेलिया के जलीय पौधे लगाए गए हैं। यह पौधे पानी में खरापन कम करते हैं। साथ ही खास तकनीक से जलस्तर मेंटेंन रखा जाता है।
सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत हुआ निर्माण
तालाब को सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत बनाया गया है। डीसीएम श्रीराम शुगर मिल एवं डिस्टेलरी यूनिट हेड प्रदीप त्यागी ने बताया है कि इसका मुख्य कार्य गंदे पानी को शोधित कर जलस्तर बनाए रखना है। तालाब पुडुचेरी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यसए अब्बासी के परामर्श के आधार पर बनाया गया है।

सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के हेड सोमेश पाराशर ने बताया कि यह तालाब जिले भर की ग्राम पंचायतों को कुछ अलग करने की सीख देगा। तालाब अपने आप में मॉडल तो बना ही इसके अलावा आबोहवा को भी गंध से मुक्त किया है। लोगों को घूमने फिरने का एक अच्छा स्थान भी दिया है।
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