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Hardoi News: तीन बच्चों के लापता होने से सनसनी, डांट के डर से झाड़ियों में छिपे मिले
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शाहाबाद। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के भदासी गांव में बकरियां चराने गए तीन बच्चे अचानक लापता हो गए। इसकी जानकारी पुलिस को मिली तो सनसनी फैल गई। कई घंटे की मशक्कत के बाद शनिवार सुबह लगभग चार बजे तीनों बच्चे गांव के बाहर झाड़ियों में छिपे मिले।
शुक्रवार दोपहर तीन बजे के बाद भदासी निवासी अरविंद का पुत्र अनमोल (8) अपनी घोड़ी को चराने के लिए निकला था। उसके साथ गांव के ही राम प्रवेश का पुत्र गौरव (13), रामेंद्र का पुत्र संजीव (13) और धर्मेंद्र का पुत्र सुमित (12) भी बकरी चराने के लिए एक साथ निकले। शाम के पांच बजे बकरियां गांव के ही रमाकांत के खेत में चली गईं। इस पर रमाकांत ने बच्चों से बकरियों का ध्यान न रखने और खेलकूद करने की बात कहकर घर में शिकायत करने की बात कही।
परिजनों की डांट और पिटाई के डर से बच्चे जानवर छोड़कर गांव के दूसरी तरफ भाग गए। उधर, रमाकांत ने खेत में घुसी बकरियों को उनके मालिकों के घर पहुंचा दिया। अनमोल, संजीव और गौरव घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। तीन बच्चों के गायब होने की जानकारी शुक्रवार रात पुलिस को दी गई।
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पुलिस ने भी गुमशुदगी दर्ज कर आसपास के ढाबों, बस अड़्डा, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर जांच अभियान चराया। शनिवार सुबह लगभग चार बजे तीन बच्चे गांव के बाहर झाड़ियों में छिपे मिले। कोतवाल राजदेव मिश्रा ने बताया कि बच्चों का कहना था कि डांट के डर से वह लोग गांव के बाहर झाड़ियों में छिप गए थे।
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शुक्रवार दोपहर तीन बजे के बाद भदासी निवासी अरविंद का पुत्र अनमोल (8) अपनी घोड़ी को चराने के लिए निकला था। उसके साथ गांव के ही राम प्रवेश का पुत्र गौरव (13), रामेंद्र का पुत्र संजीव (13) और धर्मेंद्र का पुत्र सुमित (12) भी बकरी चराने के लिए एक साथ निकले। शाम के पांच बजे बकरियां गांव के ही रमाकांत के खेत में चली गईं। इस पर रमाकांत ने बच्चों से बकरियों का ध्यान न रखने और खेलकूद करने की बात कहकर घर में शिकायत करने की बात कही।
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परिजनों की डांट और पिटाई के डर से बच्चे जानवर छोड़कर गांव के दूसरी तरफ भाग गए। उधर, रमाकांत ने खेत में घुसी बकरियों को उनके मालिकों के घर पहुंचा दिया। अनमोल, संजीव और गौरव घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। तीन बच्चों के गायब होने की जानकारी शुक्रवार रात पुलिस को दी गई।
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पुलिस ने भी गुमशुदगी दर्ज कर आसपास के ढाबों, बस अड़्डा, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर जांच अभियान चराया। शनिवार सुबह लगभग चार बजे तीन बच्चे गांव के बाहर झाड़ियों में छिपे मिले। कोतवाल राजदेव मिश्रा ने बताया कि बच्चों का कहना था कि डांट के डर से वह लोग गांव के बाहर झाड़ियों में छिप गए थे।