जन्मा मुक्तिदाता, दूर करेगा जीवन का अंधियारा
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हरदोई। प्रभु ईसा मसीह की जयंती रविवार को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के महात्मा गांधी मार्ग स्थित मैथॉडिस्ट चर्च में देर रात से ही जिंगल बेल्स....जिंगल बेल्स.....की ध्वनि गूंजती रही। सुबह होते ही चर्च में फादर के निर्देशन में लोगों ने प्रार्थना सभा की और प्रभु के लिए गीत गए। प्रेयर हॉल में करीब एक घंटे तक उपदेश और गीतों की श्रृंखला चलती रही। शहर के तमाम लोगों ने प्रभु यीशु की प्रार्थना कर मोमबत्ती जलाई और अपनी इच्छा पूर्ति की कामना तथा अमन-चैन की दुआ मांगी। लोगों ने केक व मिठाई खिलाकर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराय। इसके बाद गरीबों को भोजन वितरण किया गया।
क्रिसमस के त्योहार पर शहर में अलग ही छटा दिखाई दी। लोगों में गजब का उत्साह नजर आया। ईसाई समाज ने क्रिसमस को धूमधाम से मनाने के लिए मैथॉडिस्ट चर्च को आकर्षक रूप से सजाया। रविवार को प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए रंग-बिरंगी पोशाकों में ईसाई समाज के साथ ही शहर के तमाम लोग सुबह से पहुंचने लगे। फादर संतोष के सैमुअल ने 10 बजते ही विशेष प्रार्थना शुरू कराई। उन्होंने लोगों को प्रभु के जन्म का उद्देशय समझाया और बताया कि प्रभु ने मानव जाति के उद्धार के लिए ही जन्म लिया था। उन्होंने लोगों को शांति और सौहार्द के साथ जीवन जीने का ज्ञान दिया। फादर ने शंाति, अमन, चैन व प्रेम का संदेश देने हुए कहा कि मनुष्य को परमेश्वर की तरह अपने जीवन को अर्पण करें और मानव के उत्थान के प्रति अपना सहयोग दें। चर्च में प्रार्थना सभा के बाद प्रभु को समर्पित गीत भी गाए गए। प्रेयर हॉल में युवक और युवतियों ने कैंडल जलाकर प्रार्थना की।