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समाज कल्याण अधिकारी पर कार्रवाई की संस्तुति
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हरदोई। आउटसोर्सिंग के जरिये सेवा प्रदाता कंपनी का चयन टेंडर की जगह कोटेशन के आधार पर किए जाने के मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी फंस गए हैं। पूरे मामले की जांच में समाज कल्याण अधिकारी की संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद डीएम अविनाश कुमार ने उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति शासन से की है।
समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग से कर्मचारी रखे जाते हैं। इसके लिए सेवा प्रदाता कंपनी का चयन किया जाता है। 2019-20 में सेवा प्रदाता फर्म का चयन करने में समाज कल्याण विभाग के जिम्मेदारों ने खेल कर दिया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार ने सेवा प्रदाता फर्म का चयन करने को निविदा समिति गठित नहीं की। विभागीय अधिकारियों ने औपचारिकता पूरी करने के लिए नोटिस तो निकलवाई, लेकिन इसमें टेंडर का उल्लेख न कर कोटेशन आमंत्रित हैं, इसका उल्लेख किया गया। तैनात कर्मचारियों को बैंक खाते में मानदेय भेजे जाने की जगह मानक विपरीत नगद भुगतान कर दिया। पूरे मामले में कछौना निवासी प्रशांत शुक्ला ने शिकायत दर्ज कराई थी। अमर उजाला ने दो और तीन अक्तूबर को इस खेल को उजागर किया था। डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि जांच में सेवा प्रदाता कंपनी के चयन में नियमों का पालन न किए जाने की पुष्टि हुई है। कुछ अन्य गड़बड़ी भी मिली हैं। शासन को जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर पत्र भेज दिया है।
भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं : डीएम
डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि नियम के विपरीत कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य में नियम का पालन सभी को करना चाहिए। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग से कर्मचारी रखे जाते हैं। इसके लिए सेवा प्रदाता कंपनी का चयन किया जाता है। 2019-20 में सेवा प्रदाता फर्म का चयन करने में समाज कल्याण विभाग के जिम्मेदारों ने खेल कर दिया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार ने सेवा प्रदाता फर्म का चयन करने को निविदा समिति गठित नहीं की। विभागीय अधिकारियों ने औपचारिकता पूरी करने के लिए नोटिस तो निकलवाई, लेकिन इसमें टेंडर का उल्लेख न कर कोटेशन आमंत्रित हैं, इसका उल्लेख किया गया। तैनात कर्मचारियों को बैंक खाते में मानदेय भेजे जाने की जगह मानक विपरीत नगद भुगतान कर दिया। पूरे मामले में कछौना निवासी प्रशांत शुक्ला ने शिकायत दर्ज कराई थी। अमर उजाला ने दो और तीन अक्तूबर को इस खेल को उजागर किया था। डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि जांच में सेवा प्रदाता कंपनी के चयन में नियमों का पालन न किए जाने की पुष्टि हुई है। कुछ अन्य गड़बड़ी भी मिली हैं। शासन को जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर पत्र भेज दिया है।
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भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं : डीएम
डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि नियम के विपरीत कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य में नियम का पालन सभी को करना चाहिए। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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