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Hardoi News: ट्रांजिट हॉस्टल के निर्माण में लापरवाही पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना, अनुबंध निरस्त
Thu, 01 May 2025 10:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Thu, 01 May 2025 10:56 PM IST
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पुलिस लाइन में निर्माणाधीन ट्रांजिट हॉस्टल। संवाद
- फोटो : पुलिस लाइन में निर्माणाधीन ट्रांजिट हॉस्टल। संवाद
फोटो-02- पुलिस लाइन में निर्माणाधीन भवन। संवाद
- 17.58 करोड़ की लागत से पुलिस लाइन में जी-12 ट्रांजिट हॉस्टल का काम है ठप
- समिति के मूल्यांकन के साथ ही बाकी काम के लिए अनुमानित खर्च की रिपोर्ट भी तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। तय समय सीमा से करीब 28 माह बाद भी अधूरे जी-12 ट्रांजिट हॉस्टल की शासन से नामित पांच सदस्यीय तकनीकी समिति ने नापजोख शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को समिति के सदस्यों ने ट्रांजिट हॉस्टल की अंतिम माप की। इसी के आधार पर अब हुए निर्माण का मूल्यांकन किया जाएगा। अधूरा काम छोड़ने पर फर्म पर पांच करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की संस्तुति शासन से की गई है।
पुलिसकर्मियों के रहने के लिए पुलिस लाइन में जी-12 पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल के लिए शासन ने मार्च 2020 में 22,41,00,000 रुपये की स्वीकृति जारी की। काम कराने के लिए पहली किस्त में कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक को 14 करोड़ 94 लाख रुपये भी दे दिए थ। निविदा प्रक्रिया में लखनऊ की फर्म मेसर्स आरएस कॉन्ट्रैक्टर्स को काम मिला।
17,58,74,456 रुपये अनुबंध हुआ और काम पूरा कराए जाने के लिए दिसंबर 2022 की समय सीमा तय हुई। फर्म ने काम शुरू कराया, लेकिन अूधरा ही छोड़ दिया। शासन ने पांच सदस्यीय समिति में सहायक अभियंता संतोष कुमार दीक्षित, संतोष कुमार रावत, अवर अभियंता गौरव गंगवार, मो. कमर और पंकज पांडेय को नामित किया है। समिति ने काम की अंतिम माप कर ली है।
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पुलिस लाइन में निर्माणाधीन जी-12 ट्रांजिट हॉस्टल काम लखनऊ की फर्म मेसर्स आरएस कांटेक्टर्स को मिला था। साल 2020 में शुरू हुआ काम अभी तक अधूरा है। 10 जनवरी को मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने निरीक्षण किया था। काम बंद होने पर नाराजगी जाहिर की थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर फर्म के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा में दर्ज कराया था। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक के अधिशासी अभियंता मनिंदर सिंह ने बताया कि फर्म का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है।
मूल्यांकन और बाकी काम की अनुमानित लागत पर कराया जाएगा दोबारा टेंडर
जी-12 पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल का काम वैसे तो साल 2022 में पूरा होना तय था। अनुबंध के अनुसार काम अप्रैल 2020 में शुरू कराया गया। गृह और गोपन विभाग ने लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक को काम सौंपा। शासन से गठित तकनीकी समिति के मूल्यांकन के बाद बाकी काम का आकलन किया जाएगा। हॉस्टल को पूरा कराने के लिए बाकी काम पर अनुमानित खर्च के आकलन के साथ ही दोबारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
कोट
जी-12 पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल का काम वैसे तो दिसंबर 2022 में पूरा हो जाना चाहिए था। अनुबंध में दी गई अवधि में काम पूरा नहीं किया जा सका है। अनुबंध लागत 17.58 करोड़ के आधार पर फर्म पर 10 प्रतिशत जुर्माना 1.75 करोड़ का जुर्माना लगाया जा चुका है। अनुबंध निरस्त होने के साथ ही 20 प्रतिशत और जुर्माना लगाए जाने की संस्तुति शासन को भेजी गई है।-मनिंदर सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-एक
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- 17.58 करोड़ की लागत से पुलिस लाइन में जी-12 ट्रांजिट हॉस्टल का काम है ठप
- समिति के मूल्यांकन के साथ ही बाकी काम के लिए अनुमानित खर्च की रिपोर्ट भी तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। तय समय सीमा से करीब 28 माह बाद भी अधूरे जी-12 ट्रांजिट हॉस्टल की शासन से नामित पांच सदस्यीय तकनीकी समिति ने नापजोख शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को समिति के सदस्यों ने ट्रांजिट हॉस्टल की अंतिम माप की। इसी के आधार पर अब हुए निर्माण का मूल्यांकन किया जाएगा। अधूरा काम छोड़ने पर फर्म पर पांच करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की संस्तुति शासन से की गई है।
पुलिसकर्मियों के रहने के लिए पुलिस लाइन में जी-12 पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल के लिए शासन ने मार्च 2020 में 22,41,00,000 रुपये की स्वीकृति जारी की। काम कराने के लिए पहली किस्त में कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक को 14 करोड़ 94 लाख रुपये भी दे दिए थ। निविदा प्रक्रिया में लखनऊ की फर्म मेसर्स आरएस कॉन्ट्रैक्टर्स को काम मिला।
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17,58,74,456 रुपये अनुबंध हुआ और काम पूरा कराए जाने के लिए दिसंबर 2022 की समय सीमा तय हुई। फर्म ने काम शुरू कराया, लेकिन अूधरा ही छोड़ दिया। शासन ने पांच सदस्यीय समिति में सहायक अभियंता संतोष कुमार दीक्षित, संतोष कुमार रावत, अवर अभियंता गौरव गंगवार, मो. कमर और पंकज पांडेय को नामित किया है। समिति ने काम की अंतिम माप कर ली है।
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पुलिस लाइन में निर्माणाधीन जी-12 ट्रांजिट हॉस्टल काम लखनऊ की फर्म मेसर्स आरएस कांटेक्टर्स को मिला था। साल 2020 में शुरू हुआ काम अभी तक अधूरा है। 10 जनवरी को मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने निरीक्षण किया था। काम बंद होने पर नाराजगी जाहिर की थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर फर्म के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा में दर्ज कराया था। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक के अधिशासी अभियंता मनिंदर सिंह ने बताया कि फर्म का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है।
मूल्यांकन और बाकी काम की अनुमानित लागत पर कराया जाएगा दोबारा टेंडर
जी-12 पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल का काम वैसे तो साल 2022 में पूरा होना तय था। अनुबंध के अनुसार काम अप्रैल 2020 में शुरू कराया गया। गृह और गोपन विभाग ने लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक को काम सौंपा। शासन से गठित तकनीकी समिति के मूल्यांकन के बाद बाकी काम का आकलन किया जाएगा। हॉस्टल को पूरा कराने के लिए बाकी काम पर अनुमानित खर्च के आकलन के साथ ही दोबारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
कोट
जी-12 पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल का काम वैसे तो दिसंबर 2022 में पूरा हो जाना चाहिए था। अनुबंध में दी गई अवधि में काम पूरा नहीं किया जा सका है। अनुबंध लागत 17.58 करोड़ के आधार पर फर्म पर 10 प्रतिशत जुर्माना 1.75 करोड़ का जुर्माना लगाया जा चुका है। अनुबंध निरस्त होने के साथ ही 20 प्रतिशत और जुर्माना लगाए जाने की संस्तुति शासन को भेजी गई है।-मनिंदर सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-एक