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Hardoi News: 10 पूर्व प्रधान व तीन सचिवों से होगी 1.11 करोड़ की वसूली
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सवायजपुर। ग्राम निधि के दुरुपयोग पर देर से ही सही कार्रवाई शुरू हो गई है। 10 पूर्व प्रधान व तीन पंचायत सचिवों से 1.11 करोड़ की वसूली होगी। पंचायतीराज विभाग ने इन्हें नाेटिस जारी किए हैं। गड़बड़ी और वसूली के दायरे में आए पंचायत सचिवों में से एक सेवानिवृत हो चुका है।
गांवों में विकास कार्य के नाम पर खर्च होने वाली राशि की ऑडिट की व्यवस्था है। वर्ष 2014-15 से 2016-17 की ऑडिट रिपोर्ट में ग्राम निधि में विकास खंड भरखनी में 1,11,59,000 रुपये की गड़बड़ी का खुलासा हुआ। ऑडिट रिपोर्ट पर पंचायतीराज विभाग की ओर से दुरुपयोग राशि की वसूली के लिए नोटिस जारी की गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्राम पंचायतों ने काम पर हुए खर्च व अभिलेख ऑडिट के लिए उपलब्ध नहीं कराए थे। ब्लॉक भरखनी की कनकापुर उबरिया में 22,65,508, बहाउद्दीनपुर में 12,24,328, पिपरिया में 12,24,328, कंहारी में 15,31,269, पांडेयपुर में 12,54,628, रंपुरा खंहरिया में 27,02,535, कहरई नकटौरा में 9,43,164 रुपये समेत सात ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी सामने आई है। जिला पंचायतराज अधिकारी विनय सिंह ने बताया कि लेखा परीक्षा विभाग की रिपोर्ट पर वसूली के लिए नाेटिस जारी किए गए हैं।
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इन पूर्व प्रधानों को जारी किए गए नोटिस
ग्राम निधि के दुरुपयोग पर पूर्व प्रधानों को जारी किए गए नोटिस में कनकापुर उबारिया के अरविंद, बहाउद्दीनपुर के रामनिवास, पिपरिया के रामसरन, कंहारी के उमेश सिंह, आनंद बाजपेयी, पांडेयपुर की मीना देवी व योजना कटियार, रंपुरा खंहरिया के नेपाल सिंह व अनुराधा, कहरई नकटौरा के पंचम शामिल हैं।
कार्रवाई के दायरे में यह पंचायत सचिव
भरखनी में तैनाती के दौरान गड़बड़ी पर कार्रवाई के दायरे में तत्कालीन पंचायत सचिव वीएन सिंह जो अब सेवानिवृत हो गए हैं। तत्कालीन पंचायत सचिव सांडी में तैनात गौरव जगदीश मिश्रा, तत्कालीन पंचायत सचिव शाहाबाद में तैनात ओम शिव पांडेय हैं।
यह देरी की वजह
लेखा परीक्षा विभाग की ओर से ऑडिट रिपोर्ट पर आपत्तियां व निस्तारण का समय दिया जाता है। अभिलेख प्रस्तुत कर आपत्ति निस्तारित कराने के लिए संबंधित पंचायत सचिवों को पत्र जारी किए गए थे लेकिन, उन लोगों ने निस्तारण नहीं कराया। पंचायत सचिवों ने इसकी रिपोर्ट विभाग को भी नहीं दी। इससे इस प्रक्रिया को पूरा किए जाने में समय लगा। पंचायत सचिवों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
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गांवों में विकास कार्य के नाम पर खर्च होने वाली राशि की ऑडिट की व्यवस्था है। वर्ष 2014-15 से 2016-17 की ऑडिट रिपोर्ट में ग्राम निधि में विकास खंड भरखनी में 1,11,59,000 रुपये की गड़बड़ी का खुलासा हुआ। ऑडिट रिपोर्ट पर पंचायतीराज विभाग की ओर से दुरुपयोग राशि की वसूली के लिए नोटिस जारी की गई है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्राम पंचायतों ने काम पर हुए खर्च व अभिलेख ऑडिट के लिए उपलब्ध नहीं कराए थे। ब्लॉक भरखनी की कनकापुर उबरिया में 22,65,508, बहाउद्दीनपुर में 12,24,328, पिपरिया में 12,24,328, कंहारी में 15,31,269, पांडेयपुर में 12,54,628, रंपुरा खंहरिया में 27,02,535, कहरई नकटौरा में 9,43,164 रुपये समेत सात ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी सामने आई है। जिला पंचायतराज अधिकारी विनय सिंह ने बताया कि लेखा परीक्षा विभाग की रिपोर्ट पर वसूली के लिए नाेटिस जारी किए गए हैं।
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इन पूर्व प्रधानों को जारी किए गए नोटिस
ग्राम निधि के दुरुपयोग पर पूर्व प्रधानों को जारी किए गए नोटिस में कनकापुर उबारिया के अरविंद, बहाउद्दीनपुर के रामनिवास, पिपरिया के रामसरन, कंहारी के उमेश सिंह, आनंद बाजपेयी, पांडेयपुर की मीना देवी व योजना कटियार, रंपुरा खंहरिया के नेपाल सिंह व अनुराधा, कहरई नकटौरा के पंचम शामिल हैं।
कार्रवाई के दायरे में यह पंचायत सचिव
भरखनी में तैनाती के दौरान गड़बड़ी पर कार्रवाई के दायरे में तत्कालीन पंचायत सचिव वीएन सिंह जो अब सेवानिवृत हो गए हैं। तत्कालीन पंचायत सचिव सांडी में तैनात गौरव जगदीश मिश्रा, तत्कालीन पंचायत सचिव शाहाबाद में तैनात ओम शिव पांडेय हैं।
यह देरी की वजह
लेखा परीक्षा विभाग की ओर से ऑडिट रिपोर्ट पर आपत्तियां व निस्तारण का समय दिया जाता है। अभिलेख प्रस्तुत कर आपत्ति निस्तारित कराने के लिए संबंधित पंचायत सचिवों को पत्र जारी किए गए थे लेकिन, उन लोगों ने निस्तारण नहीं कराया। पंचायत सचिवों ने इसकी रिपोर्ट विभाग को भी नहीं दी। इससे इस प्रक्रिया को पूरा किए जाने में समय लगा। पंचायत सचिवों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।