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Hardoi News: तहसील संडीला की 114 पंचायतों में 5.70 करोड़ से बनेंगे आरआरसी
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हरदोई। तहसील संडीला की 114 ग्राम पंचायतों में 5,70,00,000 रुपये की लागत से नगरीय निकायों की भांति ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंध के लिए काम कराए जाएंगे।
पंचायतीराज विभाग ने पांच विकास खंडों की ग्राम पंचायतों को चालू वित्तीय वर्ष में रिकवरी रिर्सोस सेंटर (आरआरसी) बनवाए जाने के लिए चयनित किया है। आरआरसी निर्माण के लिए राजस्व विभाग से भूमि ली गई है।
गांवों को साफ-सुथरा बनाने और नगरीय निकायों की भांति घरों से ही कूड़ा एकत्र कराए जाने और इसका निस्तारण कराए जाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में काम कराया जा रहा है। पंचायतीराज विभाग की ओर से आरआरसी के निर्माण के साथ ही ग्रामीणों को भी कूड़ा फेंकने से छुटकारा दिलाने की योजना है।
इसके लिए ग्राम पंचायत की ओर से लोगों के घरों से ही ठेलिया के माध्यम से कूड़े को एकत्र कराया जाएगा। इस कूड़े से ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन का काम आरआरसी पर कराया जाएगा। इससे गांवों में साफ-सफाई रहेगी और लोगों को सुविधा-सहूलियत होगी। ठोस कचरा और प्लास्टिक की बिक्री से पंचायत की आमदनी भी बढ़ेगी।
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पंचायतीराज विभाग ने तहसील संडीला के विकास खंड संडीला, भरावन, बेहंदर, कछौना और कोथावां की 114 ग्राम पंचायतों का चयन किया है। आरआरसी की स्थापना के लिए 5,70,00,000 रुपये का बजट देते हुए खर्च की अनुमति दी है। भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की ओर से काम कराया जा रहा है। आरआरसी के संचालन की जिम्मेदारी प्रधान और पंचायत सचिव की होगी।
गांवों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में आबादी के अनुसार बजट का आवंटन किया गया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रति व्यक्ति 60 रुपये और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रति व्यक्ति 280 रुपये दिए जा रहे हैं। आबादी के हिसाब से विभाग ने बजट जारी किया है। -विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ
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पंचायतीराज विभाग ने पांच विकास खंडों की ग्राम पंचायतों को चालू वित्तीय वर्ष में रिकवरी रिर्सोस सेंटर (आरआरसी) बनवाए जाने के लिए चयनित किया है। आरआरसी निर्माण के लिए राजस्व विभाग से भूमि ली गई है।
गांवों को साफ-सुथरा बनाने और नगरीय निकायों की भांति घरों से ही कूड़ा एकत्र कराए जाने और इसका निस्तारण कराए जाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में काम कराया जा रहा है। पंचायतीराज विभाग की ओर से आरआरसी के निर्माण के साथ ही ग्रामीणों को भी कूड़ा फेंकने से छुटकारा दिलाने की योजना है।
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इसके लिए ग्राम पंचायत की ओर से लोगों के घरों से ही ठेलिया के माध्यम से कूड़े को एकत्र कराया जाएगा। इस कूड़े से ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन का काम आरआरसी पर कराया जाएगा। इससे गांवों में साफ-सफाई रहेगी और लोगों को सुविधा-सहूलियत होगी। ठोस कचरा और प्लास्टिक की बिक्री से पंचायत की आमदनी भी बढ़ेगी।
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पंचायतीराज विभाग ने तहसील संडीला के विकास खंड संडीला, भरावन, बेहंदर, कछौना और कोथावां की 114 ग्राम पंचायतों का चयन किया है। आरआरसी की स्थापना के लिए 5,70,00,000 रुपये का बजट देते हुए खर्च की अनुमति दी है। भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की ओर से काम कराया जा रहा है। आरआरसी के संचालन की जिम्मेदारी प्रधान और पंचायत सचिव की होगी।
गांवों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में आबादी के अनुसार बजट का आवंटन किया गया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रति व्यक्ति 60 रुपये और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रति व्यक्ति 280 रुपये दिए जा रहे हैं। आबादी के हिसाब से विभाग ने बजट जारी किया है। -विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ