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नदी व झीलों के 200 मीटर तक खींची जाएगी सफाई की रेखा
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई।
Updated Mon, 18 Jan 2016 12:15 AM IST
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शासन ने नदियों, झीलों, नहरों व तालाबों के किनारे दो सौ मीटर के क्षेत्र में गंदगी फैलाने और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इसका शासनादेश जिले में आ गया है। शासनादेश के मुताबिक नदियों के जलभराव के स्थानों को चिह्नित कर उनका भौतिक सत्यापन कराने के साथ ही अपशिष्टों का प्रभावी ढंग से निस्तारित करने के आदेश दिए हैं। जिस पर जनपद में कार्रवाई शुरू करा दी गई।
आध्यात्मिक गंगा नदी समेत जिले से होकर तमाम नदियों गुजरती हैं, चूंकि गंगा नदी को स्वच्छ करने का अभियान तो जोेरों पर चल रहा है। ऐसे में सभी नदियों में जल प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए। जिसमें नदियों व झीलों के जल और उनके तट पर ठोस अपशिष्ट, बायोमेडिकल वेस्टज, ई-वेस्टेज, प्लास्टिक अपशिष्ट को फेंकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिए कहा गया। मुख्य सचिव पर्यावरण अनुभाग ने आदेश जारी करते हुए बताया कि पूर्व से जमा विभिन्न अपशिष्टों का निस्तारण कर तट के आसपास के क्षेत्र में अवैध निर्माण को रोका जाए। मुख्य सचिव ने तट के 200 मीटर तक सफाई की सीमा निर्र्धारित की है।
उन्होंने दोनों तटों के 200 मीटर की दूरी तक सफाई रखने के निर्देश देते हुए नदियों के जलभराव के क्षेत्र को चिह्नित करते हुए भौतिक सत्यापन कराने और शहरी व औद्योगिक जल को बिना शुद्धीकृत किए नदियों, नालों, झीलों और तालाब में प्रवाहित न करने एवं जलगुणवत्ता के अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव के निर्देश आने के बाद जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने इस संबंध में अधिकारियों को आदेशित कर दिया। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी को अपने क्षेत्राें में प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
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आध्यात्मिक गंगा नदी समेत जिले से होकर तमाम नदियों गुजरती हैं, चूंकि गंगा नदी को स्वच्छ करने का अभियान तो जोेरों पर चल रहा है। ऐसे में सभी नदियों में जल प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए। जिसमें नदियों व झीलों के जल और उनके तट पर ठोस अपशिष्ट, बायोमेडिकल वेस्टज, ई-वेस्टेज, प्लास्टिक अपशिष्ट को फेंकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिए कहा गया। मुख्य सचिव पर्यावरण अनुभाग ने आदेश जारी करते हुए बताया कि पूर्व से जमा विभिन्न अपशिष्टों का निस्तारण कर तट के आसपास के क्षेत्र में अवैध निर्माण को रोका जाए। मुख्य सचिव ने तट के 200 मीटर तक सफाई की सीमा निर्र्धारित की है।
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उन्होंने दोनों तटों के 200 मीटर की दूरी तक सफाई रखने के निर्देश देते हुए नदियों के जलभराव के क्षेत्र को चिह्नित करते हुए भौतिक सत्यापन कराने और शहरी व औद्योगिक जल को बिना शुद्धीकृत किए नदियों, नालों, झीलों और तालाब में प्रवाहित न करने एवं जलगुणवत्ता के अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव के निर्देश आने के बाद जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने इस संबंध में अधिकारियों को आदेशित कर दिया। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी को अपने क्षेत्राें में प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
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