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Hardoi News: नदियों के बढ़े पानी ने फसलों की ओर किया रुख, खरीफ और सब्जियों की फसलें डूबीं
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फोटो 29: रामगंगा नदी में पानी बढ़ने के साथ धान की फसलों में घुसा। संवाद
हरपालपुर/सांडी। अरवल क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदी में पानी बढ़ गया है। नदियों में पानी बढ़ने से कटियारी क्षेत्र में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। इससे ग्रामीण भयभीत हैं। नदियों के किनारों से बाढ़ का पानी खेतों में घुसने लगा है। इससे धान, मक्का, ज्वार, बाजरा और सब्जियों की फसलें डूबने लगी हैं।
गंगा और राम गंगा नदियों में पानी बढ़ने से पानी नदियों के किनारों से बाहर निकलना शुरू हो गया है। नदियों के पानी ने खरीफ और सब्जियों की फसलों को जलमग्न कर दिया है। बाढ़ की चिंता के साथ ही फसलों के नुकसान की ग्रामीणों में आशंका है। सांडी क्षेत्र की गर्रा नदी का पानी कुछ कम हुआ है लेकिन इसके किनारे बसे कई गांवों में कटान का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों में चिंता है कि नदी का कटान उनकी कृषि भूमि और मकानों को प्रभावित कर सकता है। बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही गांवों में कृषि भूमि और मकानों पर कटान शुरू कर देती है। नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है। कटरी छोछपुर, चंद्रमपुर और बरगदापुरवा समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में भी बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।
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सवायजपुर एसडीएम अंकित तिवारी ने बताया कि छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियों का पानी बढ़ा है। बताया कि राजस्व कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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नदियों के पानी पर एक नजर :
पहाड़ों पर होने वाली बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जिले में प्रवाहित गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार को 1,41,248 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें से गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 73,273 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 67,419 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 556 क्यूसेक पानी गर्रा नदी में छोड़ा गया। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा नदी के पानी में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और पानी 136.20 मीटर गेज पर पहुंच गया है। राजघाट पर 73 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है और पानी 124.44 मीटर गेज पर आ गया है। वहीं रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के डबरी घाट पर 40 सेंटीमीटर बढ़ा है और पानी 135.36 मीटर गेज पर पहुंच गया। वहीं शाहजहांपुर के मुमोक्ष घाट पर गर्रा नदी के पानी में 45 सेंटीमीटर पानी कम हुआ है। पानी 144.85 मीटर गेज पर आ गया है।
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सांडी के भटौली माफी गांव निवासी मंशाराम ने बताया कि गर्रा नदी का पानी उफना जाने से नदी किनारे उनके खेत में पानी आने से तरोई और कद्दू की तैयार करीब एक बीघा फसल चौपट हो गई है।
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सांडी के गर्रा नदी में बाढ़ आ जाने से भटौली माफी गांव निवासी किसान राजवीर ने बताया कि सब्जी उगाकर अपना व परिवार का गुजारा करते हैं। बाढ़ का पानी आने से खेत में लौकी, खीरा की फसल खराब हो गई है।
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गंगा और राम गंगा नदियों में पानी बढ़ने से पानी नदियों के किनारों से बाहर निकलना शुरू हो गया है। नदियों के पानी ने खरीफ और सब्जियों की फसलों को जलमग्न कर दिया है। बाढ़ की चिंता के साथ ही फसलों के नुकसान की ग्रामीणों में आशंका है। सांडी क्षेत्र की गर्रा नदी का पानी कुछ कम हुआ है लेकिन इसके किनारे बसे कई गांवों में कटान का खतरा भी बढ़ गया है।
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ग्रामीणों में चिंता है कि नदी का कटान उनकी कृषि भूमि और मकानों को प्रभावित कर सकता है। बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही गांवों में कृषि भूमि और मकानों पर कटान शुरू कर देती है। नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है। कटरी छोछपुर, चंद्रमपुर और बरगदापुरवा समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में भी बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।
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सवायजपुर एसडीएम अंकित तिवारी ने बताया कि छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियों का पानी बढ़ा है। बताया कि राजस्व कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नदियों के पानी पर एक नजर :
पहाड़ों पर होने वाली बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जिले में प्रवाहित गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार को 1,41,248 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें से गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 73,273 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 67,419 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 556 क्यूसेक पानी गर्रा नदी में छोड़ा गया। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा नदी के पानी में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और पानी 136.20 मीटर गेज पर पहुंच गया है। राजघाट पर 73 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है और पानी 124.44 मीटर गेज पर आ गया है। वहीं रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के डबरी घाट पर 40 सेंटीमीटर बढ़ा है और पानी 135.36 मीटर गेज पर पहुंच गया। वहीं शाहजहांपुर के मुमोक्ष घाट पर गर्रा नदी के पानी में 45 सेंटीमीटर पानी कम हुआ है। पानी 144.85 मीटर गेज पर आ गया है।
सांडी के भटौली माफी गांव निवासी मंशाराम ने बताया कि गर्रा नदी का पानी उफना जाने से नदी किनारे उनके खेत में पानी आने से तरोई और कद्दू की तैयार करीब एक बीघा फसल चौपट हो गई है।
सांडी के गर्रा नदी में बाढ़ आ जाने से भटौली माफी गांव निवासी किसान राजवीर ने बताया कि सब्जी उगाकर अपना व परिवार का गुजारा करते हैं। बाढ़ का पानी आने से खेत में लौकी, खीरा की फसल खराब हो गई है।

फोटो 29: रामगंगा नदी में पानी बढ़ने के साथ धान की फसलों में घुसा। संवाद

फोटो 29: रामगंगा नदी में पानी बढ़ने के साथ धान की फसलों में घुसा। संवाद

फोटो 29: रामगंगा नदी में पानी बढ़ने के साथ धान की फसलों में घुसा। संवाद