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Hardoi News: गंदगी और बीमारी ने बाढ़ पीड़ितों का बढ़ाया दर्द

Tue, 22 Sep 2026 10:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 10:44 PM IST
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Filth and disease have compounded the suffering of flood victims.
फोटो 34: पानी घटने के बाद गांवों के आसपास गंदगी। संवाद
हरदोई/बिलग्राम। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में बाढ़ का पानी घटा है। पानी घटने के साथ ही बाढ़ ने पीड़ितों का दर्द बढ़ाया है। इससे प्रभावित लोगों की समस्याएं बढ़ी हैं। गंदगी और बीमारियों से प्रभावित ग्रामीण परेशान हैं।
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गंगा, रामगंगा और गर्रा में बाढ़ आने से कटरी क्षेत्र में पानी गांवों तक पहुंचा था। खेतों में पानी भरने से फसलें डूब गई थीं। वहीं बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम मंगलवार को भी जारी रहा। नरौरा बैराज से गंगा नदी में 29,821 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि गर्रा में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज में 196 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बैराजों से कम मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदियों का जलस्तर भी तेजी से उतरने लगा है।
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वहीं तहसील बिलग्राम क्षेत्र में बाढ़ का पानी निकलने के बाद भी ग्रामीणों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। गांवों में फैली गंदगी, कटान के खतरे और बर्बाद फसलों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कटरी परसोला, जरेला, पुन्ना पुरवा, मदारी पुरवा, चिरंजू पुरवा, घासीराम पुरवा आदि गांवों में पानी उतरने के बाद जगह-जगह कीचड़ और कचरा जमा हो गया है। इससे संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने अभियान चलाकर सफाई कराने की मांग की है।
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वहीं नदी के किनारे बसे गांवों से कुछ दूरी पर तेज कटान की संभावना से भी ग्रामीण परेशान हैं। जनजीवन अभी तक सामान्य नहीं हो सका है। लोगों को चूल्हा जलाने के लिए सूखी लकड़ी, उपले और कंडे जुटाने की भी समस्या से जूझना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी में लंबे समय तक रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। चर्म रोग से ग्रामीणों को तकलीफ हो रही है। पानी कम होने के बावजूद खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है। इससे धान, तिल्ली, मक्का व सब्जियों की फसलें सड़ गई हैं। उपजिलाधिकारी एन राम ने कई प्रभावित गांवों का दौरा कर राहत सामग्री का वितरण कराया।

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नदियों के जलस्तर पर एक नजर
बैराजों से कम मात्रा में पानी छोड़े जाने से मंगलवार को गंगा नदी का फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर जलस्तर 136.10 मीटर गेज और राजघाट पर 124.60 मीटर गेज पर आ गया है। रामगंगा नदी का जलस्तर शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 135.65 मीटर गेज पर आ गया है। गर्रा का जलस्तर शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 144.85 मीटर गेज और सांडी की केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 128.26 मीटर गेज पर आ गया है।

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खेतों से पानी निकलने के बाद कराया जाएगा क्षति का सर्वे

दैवी आपदा प्रभारी एडीएम दीपाली भार्गव ने बताया कि बाढ़ अब पूरी तरह से नियंत्रण में है। गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और दवाओं के वितरण की सीएमओ को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं खेतों से पानी कम होते ही राजस्व विभाग की टीम के माध्यम से फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। वैसे अब तक 72 किसानों को 3,83,615 रुपये और घरगिरी श्रेणी में 1.04 लाख रुपये का वितरण किया जा चुका है।

फोटो 34: पानी घटने के बाद गांवों के आसपास गंदगी। संवाद

फोटो 34: पानी घटने के बाद गांवों के आसपास गंदगी। संवाद

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