{"_id":"668d75940fe164c8960fa8d1","slug":"report-on-two-real-brothers-involved-in-getting-jcb-released-from-fake-signature-of-cjm-one-arrested-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-116770-2024-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: सीजेएम के फर्जी हस्ताक्षर से जेसीबी छुड़ाने में दो सगे भाइयों पर रिपोर्ट, एक गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: सीजेएम के फर्जी हस्ताक्षर से जेसीबी छुड़ाने में दो सगे भाइयों पर रिपोर्ट, एक गिरफ्तार
विज्ञापन
हरदोई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर बनाकर सीज की गई जेसीबी मशीन को छुड़ाने के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेेज दिया है।
कासिमपुर थाना क्षेत्र के तलौली गांव में अवैध खनन की सूचना पर राजस्व और खनन विभाग की टीम ने छापा मारा था। मौके से खनन कर रही जेसीबी पकड़ी गई थी। मामले में क्षेत्रीय लेखपाल गरिमा पटेल ने हनीफ, अजीम, राम प्रकाश, राजेंद्र कुमार और राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जेसीबी सीज कर कासिमपुर थाने में खड़ी कर दी गई थी।
22 जून को हनीफ और अजीम सीजेएम न्यायालय का रिलीजिंग ऑर्डर लेकर थाने पहुंचे थे। रिलीज ऑर्डर देखकर कासिमपुर पुलिस ने जेसीबी हनीफ और अजीम को सौंप दी थी। इसी बीच जिला खनन अधिकारी अजीत सिंह के एक गोपनीय पत्र से पता चला कि सीजेएम का 21 जून का जो आदेश दिखाकर जेसीबी छुड़ाई गई है, वह फर्जी है। इसकी भनक लगने पर कासिमपुर पुलिस ने अपने संपर्क संबंधों का इस्तेमाल कर जेसीबी को वापस थाने में खड़ा करा लिया, लेकिन थानाध्यक्ष रामलखन जेसीबी छोड़े न जाने का दावा करते रहे। इसी बीच पूरा मामला अमर उजाला ने विस्तार से प्रकाशित किया।
विज्ञापन
इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र कुमार ने सख्त तेवर दिखाए और मंगलवार को उक्त मामले में कासिमपुर थाने के उपनिरीक्षक अजय कुमार शुक्ला की तहरीर पर भोलाखेड़ा निवासी अजीम और हनीफ के खिलाफ फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्राथमिक जांच में फर्जी ऑर्डर पर जेसीबी थाने से छोड़ दिए जाने की पुष्टि हुई है। इसको लेकर भी थानाध्यक्ष से जवाब तलब किया गया है। मामले में आरोपी हनीफ को गिरफ्तार कर जेल भेेज दिया गया है।
कासिमपुर थाने की पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर एक आरोपी को जेल भेज खुद के बचाव की कोशिश की है। अभी बड़ा सवाल यह है कि सीजेेएम के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर किसने लगाई। साथ ही सीजेएम न्यायालय के फर्जी अभिलेख कैसे और कहां तैयार हुए। माना जा रहा है कि न्यायालय कर्मी पर भी न्यायिक अधिकारियों की निगाह तिरछी है, लेेकिन पुलिस के लिए अब तक यह चुनौती है।
विज्ञापन
कासिमपुर थाना क्षेत्र के तलौली गांव में अवैध खनन की सूचना पर राजस्व और खनन विभाग की टीम ने छापा मारा था। मौके से खनन कर रही जेसीबी पकड़ी गई थी। मामले में क्षेत्रीय लेखपाल गरिमा पटेल ने हनीफ, अजीम, राम प्रकाश, राजेंद्र कुमार और राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जेसीबी सीज कर कासिमपुर थाने में खड़ी कर दी गई थी।
विज्ञापन
22 जून को हनीफ और अजीम सीजेएम न्यायालय का रिलीजिंग ऑर्डर लेकर थाने पहुंचे थे। रिलीज ऑर्डर देखकर कासिमपुर पुलिस ने जेसीबी हनीफ और अजीम को सौंप दी थी। इसी बीच जिला खनन अधिकारी अजीत सिंह के एक गोपनीय पत्र से पता चला कि सीजेएम का 21 जून का जो आदेश दिखाकर जेसीबी छुड़ाई गई है, वह फर्जी है। इसकी भनक लगने पर कासिमपुर पुलिस ने अपने संपर्क संबंधों का इस्तेमाल कर जेसीबी को वापस थाने में खड़ा करा लिया, लेकिन थानाध्यक्ष रामलखन जेसीबी छोड़े न जाने का दावा करते रहे। इसी बीच पूरा मामला अमर उजाला ने विस्तार से प्रकाशित किया।
विज्ञापन
इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र कुमार ने सख्त तेवर दिखाए और मंगलवार को उक्त मामले में कासिमपुर थाने के उपनिरीक्षक अजय कुमार शुक्ला की तहरीर पर भोलाखेड़ा निवासी अजीम और हनीफ के खिलाफ फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्राथमिक जांच में फर्जी ऑर्डर पर जेसीबी थाने से छोड़ दिए जाने की पुष्टि हुई है। इसको लेकर भी थानाध्यक्ष से जवाब तलब किया गया है। मामले में आरोपी हनीफ को गिरफ्तार कर जेल भेेज दिया गया है।
कासिमपुर थाने की पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर एक आरोपी को जेल भेज खुद के बचाव की कोशिश की है। अभी बड़ा सवाल यह है कि सीजेेएम के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर किसने लगाई। साथ ही सीजेएम न्यायालय के फर्जी अभिलेख कैसे और कहां तैयार हुए। माना जा रहा है कि न्यायालय कर्मी पर भी न्यायिक अधिकारियों की निगाह तिरछी है, लेेकिन पुलिस के लिए अब तक यह चुनौती है।