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Hardoi News: विशेष ट्रेनों की राहत जेब पर आफत, अधिक किराया देने को मजबूर यात्री

Tue, 24 Feb 2026 10:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 10:35 PM IST
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Relief from special trains is a burden on the pocket, passengers forced to pay higher fares
हरदोई। होली पर यात्रियों के लिए चलाई जा रही विशेष ट्रेनें यात्रियों की जेब ढीली कर रही हैं। भीड़ के इंतजाम के लिए रेलवे विशेष ट्रेन से विशेष कमाई कर रहा है। नियमित ट्रेनों में तो किराया नहीं बढ़ा लेकिन विशेष ट्रेनों का किराया 30 से 40 फीसदी अधिक होता है। यात्री विशेष ट्रेन में उतनी ही दूरी का अधिक किराया दे रहे हैं जो सामान्य ट्रेन में कम है। अलग से कोई सुविधा भी नहीं है, बजाए इसके विशेष ट्रेन समय से भी नहीं चल पाती है। घर पहुंचने के लिए मजबूरी में यात्रियों को टिकट लेना पड़ रहा है।
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त्योहारों पर रेलवे ने भले ही यात्रियों की सहूलियत के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया लेकिन रेलवे की यह राहत यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। रेलवे ने नियमित ट्रेनों के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की लेकिन विशेष ट्रेनों के नाम पर प्रीमियम वसूली जारी है। यात्रियों का कहना है कि विशेष ट्रेनों में न तो कोई अतिरिक्त सुविधा दी जा रही है और न ही समय की पाबंदी पर ध्यान दिया जा रहा है। ट्रेनें अक्सर घंटों की देरी से चल रही हैं।
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बता दें कि दिल्ली से हरदोई होकर गोरखपुर तक जाने के लिए रेलवे ने एक विशेष ट्रेन गाड़ी संख्या 04022-21 चलाई है। इस ट्रेन में दिल्ली से हरदोई तक स्लीपर का किराया 400 रुपये निर्धारित किया गया है जबकि सामान्य ट्रेनों में 260 से 290 रुपये है। इसी प्रकार एसी थ्री टियर का किराया 1090 है। वहीं, सामान्य ट्रेनों में 630 से 675 रुपये है। विशेष ट्रेन की हर श्रेणी में नियमित ट्रेनों की तुलना में अधिक किराया वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं कुछ विशेष ट्रेनों में डायनामिक प्राइस लगाया जा रहा है जो हर आने वाले दिन के साथ बढ़ता जाता है।
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यात्रियों का छलका दर्द-
-रमेश ने कहा कि नियमित ट्रेनों में महीनों पहले सीटें फुल हो गई थीं। अब स्पेशल ट्रेन ही एकमात्र विकल्प है लेकिन इसका किराया इतना ज्यादा है कि महीने भर की बचत एक ही सफर में खत्म हो जाएगी।


-आईटी प्रोफेशनल सुमन सिंह ने बताया कि त्योहार पर घर जाना जरूरी है लेकिन तत्काल और स्पेशल ट्रेनों के महंगे टिकटों ने आम आदमी की जेब ढीली कर दी है।
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