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रेफरल मामले : सरकारी मिलती नहीं, निजी एंबुलेंस चालक वसूलते मनमाना किराया

Sun, 18 Jan 2026 10:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 10:58 PM IST
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Referral cases: Government ambulances are not available, private ambulance drivers charge arbitrary fares
फोटो-09- मेडिकल कॉलेज से एंबुलेंस से मरीज को ले जाते परिजन। संवाद
हरदोई। सरकारी उदासीनता के चलते निजी एंबुलेंस संचालकों की पौबारह है। सरकारी एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था होने के बावजूद रेफर किए गए मरीजों को निजी एंबुलेंस के ही भरोसे रहना पड़ता है। सरकारी एंबुलेंस न मिलने से मरीजों के परिजनों को निजी एंबुलेंस से मनमाने किराये पर लेकर जाना पड़ रहा है। इसके बाद भी निजी एंबुलेंस संचालकों पर लगाम नहीं लग रही है।
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मेडिकल कॉलेज के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंस का सिंडीकेट लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि 15 से 20 एंबुलेंस हर वक्त मौजूद रहती हैं। यह एंबुलेंस चालक मरीजों को रेफर किए जाने पर मनमाने ढंग से किराया वसूलते हैं। इसके पीछे कहीं न कहीं स्वास्थ्य प्रबंधन की बहुत बड़ी खामी है। बता दें कि जिले में घायल और अधिक बीमार मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने के लिए 108 नंबर की कुल 47 एंबुलेंस हैं।
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मेडिकल कॉलेज से औसतन रोजाना पांच से सात मरीज रेफर होते हैं। तमाम मामलों में परिजनों को सरकारी एंबुलेंस नहीं मिल पाती है। कई बार एंबुलेंस व्यस्त होती हैं जो अस्पताल में खड़ी रहती हैं वह बिना काॅल के जाती नहीं हैं। ऐसे में परिजन निजी एंबुलेंस लेकर जाते हैं जो लखनऊ तक मरीज को ले जाने में 2500 से 3500 रुपये तक वसूल लेते हैं।
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केस-1- पालपुर निवासी मुन्नी (54) की शनिवार शाम को सिलिंडर में आग लगने से चेहरा व हाथ झुलस गए। मेडिकल कॉलेज में उन्हें रात में भर्ती कर लिया गया लेकिन स्थिति बेहतर न होने पर रविवार को उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजनों को सरकारी एंबुलेंस नहीं मिली। निजी एंबुलेंस से उन्हें लेकर जाना पड़ा। इसके लिए उन्हें 3200 रुपये देने पड़े।



केस-2- शाहाबाद के शिरोमणि नगर निवासी शांति (60) अचानक घर में बेहोश हो गई थीं। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर गए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर लेकर गए वहां भर्ती न होने पर निजी एंबुलेंस से ही शाहजहांपुर में ही भर्ती कराया। उन्हें भी 5000 रुपये खर्चा करने पड़े।



एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस पर अधिक होते खर्च

हरदोई। सामान्य एंबुलेंस लेकर जाने में परिजनों को 2500 से 3500 रुपये देने पड़ रहे हैं जबकि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस लेकर जाने में 4500 से 5000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। जिले में छह एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी मौजूद हैं लेकिन यह एंबुलेंस भी लोगों को कम ही मिल पाती हैं। मरीज के परिजनों को परेशान होकर निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है।





परिजन अगर 108 और 102 नंबरों पर कॉल करते हैं तो उन्हें एंबुलेंस जरुर मिलती है लेकिन अगर कॉल नहीं करेंगे तो सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाएगी। निजी एंबुलेंस लेकर अगर कोई जा रहा है तो इसमें वह लोग कुछ नहीं कर सकते। -राज कपूर, प्रोग्राम मैनेजर, एंबुलेंस




उप संभागीय परिवहन विभाग निजी एंबुलेंस के सिर्फ कागज ही जांच सकता है। अगर कोई एंबुलेंस विभागीय मानकों को पूरा नहीं करती है तो कार्रवाई की जाती है। -अरविंद कुमार सिंह, एआरटीओ
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