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अधूरी तैयारियों के बीच पढ़ेगा ‘छोटू’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 01 Apr 2015 12:59 AM IST
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जिले में बुधवार से बेसिक व माध्यमिक स्कूलों में
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नवीन शिक्षा सत्र का शुभारंभ हो रहा है। स्कूलों में विद्यार्थियों को
गर्मी में पेयजल व बिजली न होने के कारण बेहाल होना पड़ेगा। अबकी स्कूल
सुबह 9 बजे से 3 बजे तक संचालित हाेंगे और स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया भी
बुधवार से शुरू हो जाएगी।
ज्ञात हो कि प्रदेश सरकार ने सीबीएसई बोर्ड के अनुसार शिक्षा सत्र में परिवर्तन कर दिया है। जिसके अनुसार प्रदेश के माध्यमिक व बेसिक स्कूलों नवीन शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च 16 तक चलेगा। पहले शिक्षा सत्र जुलाई माह से संचालित होता था।
अबकी प्रवेश प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू हो रही है। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए पेयजल, शौचालय और पंखे आदि की पर्याप्त व्यवस्था न होने से उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसके जिन स्कूलों में बिजली की व्यवस्था है।
वहां पर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति नहीं होती है, इससे भी विद्यार्थियों को स्कूल में लगे पंखों का लाभ नहीं मिल पाएगा। यही हाल ग्रामीण क्षेत्र के माध्यमिक स्कूलों का भी है। इससे शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा। उधर, नवीन शिक्षा सत्र में स्कूलों के समय में भी परिवर्तन कर दिया गया है।
परिषदीय विद्यालय सुबह नौ बजे से तीन बजे तक संचालित होंगे। वहीं माध्यमिक विद्यालय साढ़े सात से अपराह्न साढ़े
बारह बजे तक संचालित हाेंगे। इससे विद्यार्थियों को पूरे समय स्कूलों में रहना होगा। अबकी परिषदीय स्कूलों में नि:शुल्क वितरित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकों को शिक्षा सत्र शुरू होने पर विद्यार्थियों से वापस ली जाएगी और उन्हीं पाठ्य पुस्तकों को दूसरे विद्यार्थियोें को वितरित की जाएगी।
इसके अलावा जो वितरण से शेष पाठ्य पुस्तकें है उनका वितरण कराया जाएगा। उधर, माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 11 में प्रोविजनल प्रवेश दिया जाएगा। इस बाबत में डीआईओएस की ओर से सभी स्कूल प्रधानाचार्यों को गाइड लाइन जारी की जा रही है।
ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उधर, माध्यमिक टीचरों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लगी हुई है, जो 15 दिन तक चलेगा, पर एक अप्रैल से स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो रही है। ऐसे में विद्यालय में प्रधानाचार्य और कक्षाध्यापकों के सामने असमंजस की स्थिति है कि किस प्रकार प्रवेश किया जा सके।
ज्ञात हो कि प्रदेश सरकार ने सीबीएसई बोर्ड के अनुसार शिक्षा सत्र में परिवर्तन कर दिया है। जिसके अनुसार प्रदेश के माध्यमिक व बेसिक स्कूलों नवीन शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च 16 तक चलेगा। पहले शिक्षा सत्र जुलाई माह से संचालित होता था।
अबकी प्रवेश प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू हो रही है। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए पेयजल, शौचालय और पंखे आदि की पर्याप्त व्यवस्था न होने से उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसके जिन स्कूलों में बिजली की व्यवस्था है।
वहां पर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति नहीं होती है, इससे भी विद्यार्थियों को स्कूल में लगे पंखों का लाभ नहीं मिल पाएगा। यही हाल ग्रामीण क्षेत्र के माध्यमिक स्कूलों का भी है। इससे शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा। उधर, नवीन शिक्षा सत्र में स्कूलों के समय में भी परिवर्तन कर दिया गया है।
परिषदीय विद्यालय सुबह नौ बजे से तीन बजे तक संचालित होंगे। वहीं माध्यमिक विद्यालय साढ़े सात से अपराह्न साढ़े
बारह बजे तक संचालित हाेंगे। इससे विद्यार्थियों को पूरे समय स्कूलों में रहना होगा। अबकी परिषदीय स्कूलों में नि:शुल्क वितरित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकों को शिक्षा सत्र शुरू होने पर विद्यार्थियों से वापस ली जाएगी और उन्हीं पाठ्य पुस्तकों को दूसरे विद्यार्थियोें को वितरित की जाएगी।
इसके अलावा जो वितरण से शेष पाठ्य पुस्तकें है उनका वितरण कराया जाएगा। उधर, माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 11 में प्रोविजनल प्रवेश दिया जाएगा। इस बाबत में डीआईओएस की ओर से सभी स्कूल प्रधानाचार्यों को गाइड लाइन जारी की जा रही है।
ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उधर, माध्यमिक टीचरों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लगी हुई है, जो 15 दिन तक चलेगा, पर एक अप्रैल से स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो रही है। ऐसे में विद्यालय में प्रधानाचार्य और कक्षाध्यापकों के सामने असमंजस की स्थिति है कि किस प्रकार प्रवेश किया जा सके।