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Hardoi News: चूहों ने 48 घंटे में दोबारा कुतर दिए बायोकेमेस्ट्री मशीनों के तार, जांचें ठप
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में चूहे मुसीबत का सबब बन रहे हैं। 48 घंटे के अंदर दूसरी बार चूहों ने पैथोलॉजी की अत्याधुनिक मशीनों के तार कुतर दिए। इसके कारण बृहस्पतिवार को बायोकेमेस्ट्री मशीनें ठप रहीं और मरीजों के रक्त नमूनों की जांच नहीं हो पाई। बड़ी संख्या में मरीज रिपोर्ट लेने के लिए पैथालॉजी के काउंटर पर लाइन में लगे रहे, लेकिन निराश होकर लौट गए।
स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी की कवायद के बीच मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में पिछले कुछ समय में कई अत्याधुनिक मशीनें लगाई जा चुकी हैं। इन मशीनों के कारण मरीजों को काफी हद तक राहत भी मिल रही है। बीते मंगलवार को चूहों ने पैथाेलाॅजी की बायोकेमेस्ट्री मशीनों के तार काट दिए थे। इसके कारण तीन मशीनें पूरी तरह बंद हो गई थीं।
बुधवार को किसी तरह एक मशीन से काम चलाया गया था। बुधवार देर रात फिर चूहों ने मशीनों के तार कुतर दिए। इस बार बायोकेमेस्ट्री की चारों मशीनें ठप हो गई हैं। बायोकेमेस्ट्री मशीन बंद होने से एलएफटी, केएफटी, शुगर समेत कई महत्वपूर्ण जांचें नहीं हो पा रही हैं। मशीन बंद होने के कारण 145 मरीजों की जांच रिपोर्ट भी लंबित हो गई हैं। इसके अलावा बृहस्पतिवार को मरीजों की जांच के नमूने भी बेहद कम संख्या में लिए गए।
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केस-1-
इब्राहिमपुर निवासी जगजीवन के पुत्र घनश्याम का ऑपरेशन होना था। जांच के लिए बुधवार को नमूना दिया था, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिल पाई। काउंटर पर लाइन में लगे जगजीवन ने बताया कि बताया जा रहा है कि मशीन खराब हो गई है।
केस-2-
सांडी के चचरापुर निवासी मालती ने बताया की उन्हें थायराइड की जांच करानी है। सुबह ही आ गई थीं, लेकिन जांच के लिए नमूना भी नहीं लिया गया। बताया गया कि मशीन खराब है और जांच नहीं हो पाएगी।
वर्जन
पैथाेलॉजी की अत्याधुनिक मशीनों में तकनीकी समस्या की जानकारी है। जांच का काम प्रभावित हो रहा है। समस्या का स्थायी निस्तारण कराया जाएगा। पैथोलॉजी की सफाई भी वृहद स्तर पर कराई जाएगी। मशीन सही करने के लिए अभियंताओं को बुलाया गया है।
- डॉ. जविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी की कवायद के बीच मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में पिछले कुछ समय में कई अत्याधुनिक मशीनें लगाई जा चुकी हैं। इन मशीनों के कारण मरीजों को काफी हद तक राहत भी मिल रही है। बीते मंगलवार को चूहों ने पैथाेलाॅजी की बायोकेमेस्ट्री मशीनों के तार काट दिए थे। इसके कारण तीन मशीनें पूरी तरह बंद हो गई थीं।
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बुधवार को किसी तरह एक मशीन से काम चलाया गया था। बुधवार देर रात फिर चूहों ने मशीनों के तार कुतर दिए। इस बार बायोकेमेस्ट्री की चारों मशीनें ठप हो गई हैं। बायोकेमेस्ट्री मशीन बंद होने से एलएफटी, केएफटी, शुगर समेत कई महत्वपूर्ण जांचें नहीं हो पा रही हैं। मशीन बंद होने के कारण 145 मरीजों की जांच रिपोर्ट भी लंबित हो गई हैं। इसके अलावा बृहस्पतिवार को मरीजों की जांच के नमूने भी बेहद कम संख्या में लिए गए।
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केस-1-
इब्राहिमपुर निवासी जगजीवन के पुत्र घनश्याम का ऑपरेशन होना था। जांच के लिए बुधवार को नमूना दिया था, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिल पाई। काउंटर पर लाइन में लगे जगजीवन ने बताया कि बताया जा रहा है कि मशीन खराब हो गई है।
केस-2-
सांडी के चचरापुर निवासी मालती ने बताया की उन्हें थायराइड की जांच करानी है। सुबह ही आ गई थीं, लेकिन जांच के लिए नमूना भी नहीं लिया गया। बताया गया कि मशीन खराब है और जांच नहीं हो पाएगी।
वर्जन
पैथाेलॉजी की अत्याधुनिक मशीनों में तकनीकी समस्या की जानकारी है। जांच का काम प्रभावित हो रहा है। समस्या का स्थायी निस्तारण कराया जाएगा। पैथोलॉजी की सफाई भी वृहद स्तर पर कराई जाएगी। मशीन सही करने के लिए अभियंताओं को बुलाया गया है।
- डॉ. जविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज