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मुफ्त राशन लेने वालों ने क्रय केंद्रों पर बेचा सौ करोड़ रुपये का अनाज
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हरदोई। जिले में मुफ्त का राशन लेने वाले 3362 कार्डधारकों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर तीन लाख रुपये से अधिक का धान, गेहूं बेच डाला। आगे की कार्रवाई के लिए डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को 3362 कार्ड धारकों की सूची भेजकर स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट तलब की है। सत्यापन प्रक्रिया माह के आखिर तक पूरी होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत 7,79,685 परिवारों को मुफ्त राशन से लाभान्वित किया जा रहा है। इन परिवारों को प्रत्येक माह तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल प्रति यूनिट निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। मतलब यह कि जिले के 29,57,907 यूनिट मुफ्त राशन दिया जा रहा है। अगर यह माना जाए कि 3362 लोगों ने तीन तीन लाख रुपये का ही अनाज सरकारी क्रय केंद्रों पर भेजा है तो भी यह आंकड़ा सौ करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक का होता है।
मामले में शासन को यह गंभीर शिकायत मिल रही थी कि आर्थिक रूप से संपन्न लोग भी योजना का लाभ ले रहे हैं। दरअसल नियम के मुताबिक जिस परिवार की आय नगरीय क्षेत्र में तीन लाख रुपये तक है, उसको ही उक्त योजना का लाभ दिया जाना है। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में इस योजना का लाभ उन लोगों को देने का प्रावधान है, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये तक है। जनपद में 3362 ऐसे कार्ड धारक मिले हैं, जिन्होंने मुफ्त राशन तो लिया है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर अपने पास कृषि भूमि दर्शाते हुए रबी और खरीफ में तीन लाख रुपये से ज्यादा का गेहूं व धान बेचा है।
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पूरा मामला संज्ञान में आने के बाद शासन ने पूरे प्रदेश में जांच शुरू करा दी है। इसी क्रम में जनपद में भी डीएम अविनाश कुमार ने संबंधित कार्ड धारकों का स्थलीय सत्यापन करते हुए पूरी आख्या संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारियों से तलब की है। जांच के लिए अधिकारी संबंधित गांवों में कार्डधारकों से जानकारी भी जुटा रहे हैं। फिलहाल मुफ्त राशन लेकर सरकारी क्रय केंद्रों पर धान और गेहूं बेचने वाले लोगों में भी बेचैनी है।
ब्लाक कार्ड धारकों की संख्या
अहिरोरी 241
बावन 473
हरियावां 68
टडिय़ावां 160
सुरसा 200
संडीला 44
बेंहदर 41
कछौना 48
कोथावां 40
भरावन 54
शाहाबाद 114
पिहानी 171
टोडरपुर 163
भरखनी 305
हरपालपुर 121
सांडी 403
बिलग्राम 156
मल्लावां 66
माधौगंज 82
बिलग्राम 2
मल्लावां 5
माधौगंज 4
सांडी 121
पाली 5
शाहाबाद 13
पिहानी 44
गोपामऊ 2
हरदोई 195
संडीला 2
कछौना-पतसेनी 17
जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर सभी जिलों में जांच कराई जा रही है। उपजिलाधिकारी के स्तर से यह जांच हो रही है कि संबंधित किसान के भूमि संबंधी अभिलेख कहां तक सही हैं, पूरे प्रकरण में जांच रिपोर्ट आने के बाद शासन स्तर से मिलने वाले निर्देशों के क्रम में आगे की कार्रवाई जाएगी।
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प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत 7,79,685 परिवारों को मुफ्त राशन से लाभान्वित किया जा रहा है। इन परिवारों को प्रत्येक माह तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल प्रति यूनिट निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। मतलब यह कि जिले के 29,57,907 यूनिट मुफ्त राशन दिया जा रहा है। अगर यह माना जाए कि 3362 लोगों ने तीन तीन लाख रुपये का ही अनाज सरकारी क्रय केंद्रों पर भेजा है तो भी यह आंकड़ा सौ करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक का होता है।
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मामले में शासन को यह गंभीर शिकायत मिल रही थी कि आर्थिक रूप से संपन्न लोग भी योजना का लाभ ले रहे हैं। दरअसल नियम के मुताबिक जिस परिवार की आय नगरीय क्षेत्र में तीन लाख रुपये तक है, उसको ही उक्त योजना का लाभ दिया जाना है। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में इस योजना का लाभ उन लोगों को देने का प्रावधान है, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये तक है। जनपद में 3362 ऐसे कार्ड धारक मिले हैं, जिन्होंने मुफ्त राशन तो लिया है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर अपने पास कृषि भूमि दर्शाते हुए रबी और खरीफ में तीन लाख रुपये से ज्यादा का गेहूं व धान बेचा है।
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पूरा मामला संज्ञान में आने के बाद शासन ने पूरे प्रदेश में जांच शुरू करा दी है। इसी क्रम में जनपद में भी डीएम अविनाश कुमार ने संबंधित कार्ड धारकों का स्थलीय सत्यापन करते हुए पूरी आख्या संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारियों से तलब की है। जांच के लिए अधिकारी संबंधित गांवों में कार्डधारकों से जानकारी भी जुटा रहे हैं। फिलहाल मुफ्त राशन लेकर सरकारी क्रय केंद्रों पर धान और गेहूं बेचने वाले लोगों में भी बेचैनी है।
ब्लाक कार्ड धारकों की संख्या
अहिरोरी 241
बावन 473
हरियावां 68
टडिय़ावां 160
सुरसा 200
संडीला 44
बेंहदर 41
कछौना 48
कोथावां 40
भरावन 54
शाहाबाद 114
पिहानी 171
टोडरपुर 163
भरखनी 305
हरपालपुर 121
सांडी 403
बिलग्राम 156
मल्लावां 66
माधौगंज 82
बिलग्राम 2
मल्लावां 5
माधौगंज 4
सांडी 121
पाली 5
शाहाबाद 13
पिहानी 44
गोपामऊ 2
हरदोई 195
संडीला 2
कछौना-पतसेनी 17
जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर सभी जिलों में जांच कराई जा रही है। उपजिलाधिकारी के स्तर से यह जांच हो रही है कि संबंधित किसान के भूमि संबंधी अभिलेख कहां तक सही हैं, पूरे प्रकरण में जांच रिपोर्ट आने के बाद शासन स्तर से मिलने वाले निर्देशों के क्रम में आगे की कार्रवाई जाएगी।