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Hardoi News: दुष्कर्मी को 10 साल की सजा, 20 हजार जुर्माना
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हरदोई। नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को अपर जिला जज मनमोहन सिंह (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट) ने दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई।
इसके साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की 25 फीसदी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने के आदेश भी दिए।
पचदेवरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने चार जनवरी 2018 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि एक जनवरी 2018 को उसकी नाबालिग पुत्री (16) घर से बिना बताए कहीं चली गई थी।
काफी तलाश किया तब पता चला कि सिद्धार्थनगर जनपद के थाना गोलहौरा ग्राम खुरहुरबंदी निवासी सुरेश उसके नंबर पर रोज फोन करता था। व्हाट्सएप पर उसकी पुत्री के साथ सुरेश ने फोटो भी लगाया था।
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कोर्ट में उसकी पुत्री ने बताया था कि वह सुरेश को पहचानती है। वह सुरेश के साथ दिल्ली में एक कंपनी में काम करती थी। वहीं से जान पहचान हुई थी। सुरेश ने शादी का झांसा भी दिया। इसी बीच माता-पिता के साथ वह अपने गांव आ गई थी। जहां से कुछ दिन बाद सुरेश बहलाकर अपने साथ अपने गांव ले गया वहां शादी की। इसके बाद मुंबई ले गया था।
सुरेश मुंबई से पीड़िता के गांव आ रहा था। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के बेझा गांव के पास पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा में रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी को जेल भेज दिया था।
पूरे मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट) ने दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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इसके साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की 25 फीसदी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने के आदेश भी दिए।
पचदेवरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने चार जनवरी 2018 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि एक जनवरी 2018 को उसकी नाबालिग पुत्री (16) घर से बिना बताए कहीं चली गई थी।
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काफी तलाश किया तब पता चला कि सिद्धार्थनगर जनपद के थाना गोलहौरा ग्राम खुरहुरबंदी निवासी सुरेश उसके नंबर पर रोज फोन करता था। व्हाट्सएप पर उसकी पुत्री के साथ सुरेश ने फोटो भी लगाया था।
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कोर्ट में उसकी पुत्री ने बताया था कि वह सुरेश को पहचानती है। वह सुरेश के साथ दिल्ली में एक कंपनी में काम करती थी। वहीं से जान पहचान हुई थी। सुरेश ने शादी का झांसा भी दिया। इसी बीच माता-पिता के साथ वह अपने गांव आ गई थी। जहां से कुछ दिन बाद सुरेश बहलाकर अपने साथ अपने गांव ले गया वहां शादी की। इसके बाद मुंबई ले गया था।
सुरेश मुंबई से पीड़िता के गांव आ रहा था। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के बेझा गांव के पास पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा में रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी को जेल भेज दिया था।
पूरे मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट) ने दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।